फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Are courting disaster Shabby Basic School

हादसे को दावत दे रहे  जर्जर बेसिक स्कूल

Thu, 30 Jun 2016 12:04 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Thu, 30 Jun 2016 12:04 AM IST
विज्ञापन
Are courting disaster Shabby Basic School
जर्जर बेसिक स्कूल - फोटो : अमर उजाला
बरसात के दिनों में डर की वजह से स्कूलों में कम पहुंच रहे बच्चे  
विज्ञापन

 नौनिहालों को बेहतर शिक्षा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार हर साल तमाम योजनाएं चला रही है। करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है, बावजूद इसके बेसिक शिक्षा परिषद के तमाम स्कूलों की दशा आज भी बद से बदतर बनी हुई है। शहर के अंदर ही कई स्कूलों बेहत जर्जर भवन से संचालित हैं, जो बरसात के दिनों में हर वक्त टपकते रहते हैं, लिहाजा यह खस्ताहाल भवन किसी भी दिन हादसा हो सकता है। कई दशक से इन भवनों से चल रहे स्कूलों को अच्छे भवन में संचालित करने को विभाग ने कदम नहीं उठाए हैं। 
स्कूलों की दशा सुधारने को सर्व शिक्षा अभियान के तहत हर जिले को हर साल भारी रकम दी जाती है। चूंकि प्रतिस्पर्धा का दौर है, सो कांवेंट स्कूलों से मुकाबले के लिए बेसिक स्कूलों में भी सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त रहें, इसके लिए शासन बेहद गंभीर हैं, लेकिन शहर समेत जिले में तमाम बेसिक स्कूलों के भवन इस समय ऐसे हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। शहर के मुहल्ला शहबाजपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। इसका भवन पूरी तरह से जर्जर स्थिति में हैं। इसमें पढ़ने वाले कई बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि बरसात के समय में तो स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक हो जाती है। हर समय कमरे टकपते हैं। ईंटे भी दीवार से निकल जाती हैं। कई बार बच्चे बच चुके हैं। बता या कि बैसे बरसात के दिनों में बच्चे कम ही स्कूल जाते हैं। कमोवेश यही स्थिति शहर के मुहल्ला चक्कर की सड़क, कबूलपुरा, चौधरी सराय,नई  सराय, ब्राह्मपुर आदि के प्राथमिक स्कूलों के भवनों की है। 
विज्ञापन

-----
निजी भवन होने के कारण विभाग बेबस
बदायूं। शहर में स्थित प्राथमिक विद्यालय ज्यादातर निजी भवन में संचालित हैं। कई दशक से यह विद्यालय इनमें चल रहे हैं। चूंकि शहर में बेसिक के अपने भवन  नहीं हैं जिसकी वजह से उसके सामने इन स्कूलों को दूसरे स्थान पर शिप्ट करने को विभाग के सामने बड़ी समस्या है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
शहर के जर्जर स्कूलों के बारे में अभी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। बरसात में इन स्कूलों को कहां शिफ्ट किया जाएगा, इस बारे में भी कोई तय नहीं है। यदि कहीं सही जगह मिलती है, तभी उन्हें शिफ्ट किया जा सकता है। 
-अजय कुमार, प्रभारी नगर शिक्षाधिकारी बदायूं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed