फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   aprajita in budaun

#अपराजिताः 100 मिलियन स्माइल्स- बेचारी न बनें बेटियां, हिम्मत जगाएं, खुद बनेगा रास्ता

Sat, 15 Feb 2020 12:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 12:30 AM IST
विज्ञापन
aprajita in budaun
बदायूं। अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत शुक्रवार को शहर के शिवदेवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में महिला सशक्तीकरण विषय पर गोष्ठी हुई। इसमें छात्राओं को बेचारी बनने के बजाय आत्मविश्वास और अपने अंदर की शक्ति जगाने को प्रेरित किया गया।
विज्ञापन

गोष्ठी में महिला थाना प्रभारी ऊषा तोमर ने कहा कि इस आधुनिक युग में हमें नारी सशक्तीकरण की आखिर जरूरत क्यों पड़ रही। कहीं न कहीं महिलाएं कमजोर हैं, लेकिन अब महिलाओं को खुद को बेचारी बनने से रोकना होगा। उन्हें अपने अंदर आत्मविश्वास जगाना होगा, तभी उनका रास्ता आसान होगा। महिलाओं को खुद पर गर्व करना होगा। उन लोगों को भी सोचना चाहिए जो लड़की होने पर दुखी होते हैं। बोलीं-खतरा तो महिलाओं को घर के अंदर भी है। इसलिए खुद पर प्रश्नचिह्न न लगाएं और निडर होकर बाहर निकलें। विद्यालय के संरक्षक सुरेश चंद्र सक्सेना ने कहा कि आज नारियां देश का नाम पैदा कर रही हैैं। उन्हें खुद को कमजोर समझने की जरूरत नहीं है। शिक्षक माखनलाल ने कहा कि पुराने समय से कहावत है कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। इसलिए महिलाओं का सम्मान और उनकी रक्षा करें। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक चंद्रपाल ने किया। इस दौरान प्रधानाचार्य चंद्रभान, रेखा सक्सेना, शिवानी, संध्या, विनय चौहान, रामकुमार, विजय, अखिलेश मिश्रा, दिग्विजय, कुलदीप, राजेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

बोली छात्राएं...
हमें डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। जब तक हम अपने डर को बाहर नहीं निकालेंगे, तब तक लोग हमारे डराने का प्रयास करेंगे। बेखौफ होकर घर से निकलें। कहीं दिक्कत है तो परिवार वालों को बताएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- सृष्टि गुप्ता
सबसे पहले तो खुद ये समझ लें कि अपने परिवार से झूठ नहीं बोलना चाहिए। अगर उनके साथ कुछ भी होता है तो अपने परिवार वालों को जरूर बताएं। क्योंकि वही पहले और आखिरी शुभचिंतक होते हैं।
- कादम्बरी सिंह
जब तक छात्राएं या महिलाएं अपने अंदर आत्मविश्वास नहीं जगाएंगी। तब तक उन्हें डर लगता रहेगा। कहीं जाएं तो ये सोचकर निकलें कि समाज में एक दुश्मन है तो हजारों उनके रक्षक हैं। तभी उनके दिल से डर निकलेगा।

- आस्था सिंह
सुरक्षा चाहे महिलाओं की हो या छात्राओं की, इसमें सबसे आगे समाज को आगे आना होगा। तभी हमारे समाज में सुधार आएगा और महिलाएं सुरक्षित रहेंगी। ये किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं है। सभी को सहयोग करना होगा।
- आकांक्षा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed