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‘स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनें छात्राएं’

Tue, 10 May 2022 12:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2022 12:36 AM IST
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अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद उद्योग उपायुक्त जैस्मिन (बीच में)। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। पढ़ाई करने और डिग्रियां हासिल करने के बाद सबकी तमन्ना होती है कि सरकारी नौकरी मिले लेकिन केवल इसी पर निर्भर रहना सही नहीं है। आज स्वरोजगार करके केवल लड़के ही नहीं, लड़कियां भी अपना कॅरियर बना सकती हैं। यह कहना है उद्योग उपायुक्त जैस्मिन का, जिन्होंने छात्राओं को न केवल स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया, बल्कि तमाम योजनाओं की भी जानकारी दी।
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छात्राओं को स्वरोजगार करके आत्मननिर्भर बनने की प्रेरणा देने के उद्देश्य से सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग उपायुक्त जैस्मिन ने कहा कि हर किसी को आर्थिक रूप से मजबूत होना चाहिए। खासतौर पर महिलाओं और युवतियों के लिए इसकी ज्यादा आवश्यकता है। आज शासन की ओर से युवाओं के लिए तमाम योजनाएं संचालित की जा रहीं हैं, जिनकी मदद से वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं और खुद को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रोजगार मुहैया करा सकते हैं।
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योजनाओं का लाभ उठाएं छात्राएं : जैस्मिन
उद्योग उपायुक्त ने छात्राओं को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इसके तहत ब्यूटी पार्लर, सिलाई आदि की छह दिन की फ्री ट्रेनिंग प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के माध्यम से 10 लाख रुपये तक का ऋण महिलाओं सहित सूक्ष्म लघु उद्यमियों को प्रदान किया जाता है। एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत जरी जरदोरी के लिए जिले का चयन किया गया है। इसके तहत अभ्यर्थियों को 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, साथ ही टूलकिट, कुछ मानदेय और प्रमाण पत्र दिया जाएगा। ऋण भी दिया जाएगा। उन्होंने छात्राओं से इसका लाभ उठाने की अपील की।
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बोली छात्राएं-
स्वरोजगार को मिले बढ़ावा
आज के समय में नौकरी मिल पाना बेहद ही कठिन हो गया है, ऐसे में स्वरोजगार की तरफ बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इस कार्यक्रम से हमें काफी सीखने को मिला है।
-उमरा, बीएससी प्रथम वर्ष
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अपना रोजगार बेहतर
इस कार्यक्रम से यही समझ में आया कि आज अगर खुद का रोजगार है, तो व्यक्ति परेशान नहीं रहेगा। वह अपने परिवार के अलावा अन्य लोगों को भी रोजगार मुहैया करा सकता है।
-अनम, बीएससी प्रथम वर्ष
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कार्यक्रम उपयोगी
अगर खुद आर्थिक रूप से मजबूत हैं तो लोग आपकी बातों को प्रमुखता से सुनते हैं और उनका नजरिया भी बदल जाता है। ऐसे में स्वरोजगार की दृष्टि से यह कार्यक्रम उपयोगी साबित हुआ है।

-शिखा, बीए प्रथम वर्ष
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महत्वपूर्ण जानकारी मिलीं
कौशल विकास से जुड़ी जानकारी जो इस कार्यक्रम में दी गई, वह हम छात्राओं के लिए काफी महत्वपूर्ण है। आज के दौर में नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार की तरफ भी बढ़ना चाहिए।
-आकांक्षा, बीएससी प्रथम वर्ष
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