{"_id":"6192b128b0595854695fa899","slug":"aprajita-badaun-news-bly46625329","type":"story","status":"publish","title_hn":"जागरूक और शिक्षित बनें बेटियां...हर क्षेत्र में कामयाब होंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जागरूक और शिक्षित बनें बेटियां...हर क्षेत्र में कामयाब होंगी
विज्ञापन
समद्घबाबा इंटर कॉलेज में छात्राओं को जानकारी देते एसओ वीरेंद्र सिंह राणा। संवाद
- फोटो : BADAUN
बिसौली (बदायूं)। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100-मिलियन स्माइल्स के तहत सोमवार को उघैती के सिद्धबाबा इंटर कॉलेज में एक कार्यक्रम हुआ। मुख्य वक्ता प्रधानाचार्य डॉ. नरेश चंद्र ने कहा कि अपराजिता का मतलब ही किसी से हार न मानना है। बेटियां शिक्षित होने के साथ जागरूक भी हों, जिससे उन्हें हर क्षेत्र में कामयाबी मिल सके।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे आयोजित कार्यक्रम में एसओ उघैती वीरेंद्र सिंह राणा ने कहा कि छात्राएं मन लगाकर पढ़ाई करें। कोई रुकावट आती है तो सोच विचारकर मुकाबला करें। किसी शरारती से निपटने के लिए पुलिस उनके साथ है। जरूरत के अनुसार वे पुलिस के हेल्प लाइन नंबर 112 नंबर, 1090, 1076, 1098 पर कॉल कर मदद ले सकती हैं।
उन्होंने कहा कि छात्राएं अपनी समस्या को मां, भाई, बड़ी बहन या पिता को जरूर बताएं। साथ ही अपील की कि अगर घर से बाहर जाएं तो अपनी मां, पिता या भाई को मोबाइल नंबर जरूर देकर जाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर संपर्क किया जा सके।
विज्ञापन
आरक्षी रोली सिंह ने कहा कि आज बेटियां विश्व में अपने दम पर परचम लहरा रहीं हैं। वे स्वयं को जागरूक और मजबूत करें। इस दौरान महिला आरक्षी मीनाक्षी शर्मा, आरक्षी कंचन चौधरी, राजकुमार शर्मा, अश्वनि शर्मा, अशोक सक्सेना, प्रवीण शर्मा, अरुण सक्सेना आदि मौजूद रहे।
-
महिला शक्ति को अपने अधिकारों के प्रति हमेशा सचेत रहना चाहिए। आज के दौर में लड़कियां हर क्षेत्र में मुकाम हासिल कर रहीं हैं। उन्हें ये नहीं समझना चाहिए है कि वे किसी से कमजोर हैं।
- खुशी
-
छात्राएं अगर कहीं जाती हैं तो परिवारवालों को जरूर बता कर जाएं। उनके संपर्क में रहें। अपना मोबाइल नंबर नोट कराकर जाएं ताकि परिवार वाले जरूरत पड़ने पर उनसे बात कर सकें।
-सुहाना सिंह
-
हेल्पलाइन नंबर इतने कठिन नहीं हैं जो याद नहीं किए जा सकें। फिर भी वह अपनी किताब या कॉपी के प्रथम पृष्ठ पर ये नंबर लिख लें। मोबाइल है तो किसी ऐसे नाम से नंबर सेव करें जिससे नंबर सबसे ऊपर रहे।
-मुस्कान
-
आज नौजवानों को भी जागरूक करने की जरूरत है। अगर प्रत्येक युवा ये समझ ले की हर लड़की, महिला उनकी मां-बहन की तरह है तो कोई लड़की खुद को असुरक्षित नहीं समझेगी।
- रीनू
विज्ञापन
सोमवार सुबह करीब 11 बजे आयोजित कार्यक्रम में एसओ उघैती वीरेंद्र सिंह राणा ने कहा कि छात्राएं मन लगाकर पढ़ाई करें। कोई रुकावट आती है तो सोच विचारकर मुकाबला करें। किसी शरारती से निपटने के लिए पुलिस उनके साथ है। जरूरत के अनुसार वे पुलिस के हेल्प लाइन नंबर 112 नंबर, 1090, 1076, 1098 पर कॉल कर मदद ले सकती हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि छात्राएं अपनी समस्या को मां, भाई, बड़ी बहन या पिता को जरूर बताएं। साथ ही अपील की कि अगर घर से बाहर जाएं तो अपनी मां, पिता या भाई को मोबाइल नंबर जरूर देकर जाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर संपर्क किया जा सके।
विज्ञापन
आरक्षी रोली सिंह ने कहा कि आज बेटियां विश्व में अपने दम पर परचम लहरा रहीं हैं। वे स्वयं को जागरूक और मजबूत करें। इस दौरान महिला आरक्षी मीनाक्षी शर्मा, आरक्षी कंचन चौधरी, राजकुमार शर्मा, अश्वनि शर्मा, अशोक सक्सेना, प्रवीण शर्मा, अरुण सक्सेना आदि मौजूद रहे।
-
महिला शक्ति को अपने अधिकारों के प्रति हमेशा सचेत रहना चाहिए। आज के दौर में लड़कियां हर क्षेत्र में मुकाम हासिल कर रहीं हैं। उन्हें ये नहीं समझना चाहिए है कि वे किसी से कमजोर हैं।
- खुशी
-
छात्राएं अगर कहीं जाती हैं तो परिवारवालों को जरूर बता कर जाएं। उनके संपर्क में रहें। अपना मोबाइल नंबर नोट कराकर जाएं ताकि परिवार वाले जरूरत पड़ने पर उनसे बात कर सकें।
-सुहाना सिंह
-
हेल्पलाइन नंबर इतने कठिन नहीं हैं जो याद नहीं किए जा सकें। फिर भी वह अपनी किताब या कॉपी के प्रथम पृष्ठ पर ये नंबर लिख लें। मोबाइल है तो किसी ऐसे नाम से नंबर सेव करें जिससे नंबर सबसे ऊपर रहे।
-मुस्कान
-
आज नौजवानों को भी जागरूक करने की जरूरत है। अगर प्रत्येक युवा ये समझ ले की हर लड़की, महिला उनकी मां-बहन की तरह है तो कोई लड़की खुद को असुरक्षित नहीं समझेगी।
- रीनू