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Budaun News: प्रशासनिक अधिकारी ने कर्मियों के जीपीएफ खाते से निकाले 10 लाख रुपये
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बदायूं। डीडीओ कार्यालय में कार्यरत प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता ने जीपीएफ खाते से नियम विरुद्ध कई बार धनराशि निकाल ली। महालेखाकार प्रयागराज से मिली शिकायत के बाद जांच हुई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उन्होंने 10 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली है। तीन सदस्यीय जांच समिति ने 2.5 प्रतिशत ब्याज जोड़कर कुल 16,33,652 रुपये की रिकवरी की संस्तुति की है।
विकास भवन में स्थित जिला विकास विभाग में कार्यरत एक लिपिक ने प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता की शिकायत महालेखाकार से की। शिकायत में अपने ही खाते से नियम विरुद्ध जीपीएफ निकासी और गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए महालेखाकार ने सीडीओ को जांच के निर्देश दिए। सीडीओ के आदेश पर तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच की। जांच में पाया गया कि मनोज गुप्ता ने वर्ष 1989 से 2024 के बीच 29 बार जीपीएफ धनराशि निकाली और पासबुक में प्रविष्टि तक नहीं कराई।
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खुद पर ही पटल का चार्ज, करते रहे अनियमितताएं
-विकास भवन में तैनात प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता के पास महत्वपूर्ण पटल में शामिल जीपीएफ का पटल भी हैं। ऐसे में उनके द्वारा जिनको भी जीपीएफ की जरूरत होती थी। उनके जीपीएफ दिलवाते थे। स्वयं जीपीएफ पटल प्रभारी होने के नाते फाइल सभी की अपने पास रखते थे। ऐसे में उसने अपनी फाइल भी अपने ही कब्जे में रखी और अधिकारियों को धोखा देते हुए बार-बार पैसे निकाले।
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वर्जन:
- प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता के द्वारा जीपीएफ से नियम विरुद्ध धनराशि निकाली गई थी। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-केशव कुमार, सीडीओ
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विकास भवन में स्थित जिला विकास विभाग में कार्यरत एक लिपिक ने प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता की शिकायत महालेखाकार से की। शिकायत में अपने ही खाते से नियम विरुद्ध जीपीएफ निकासी और गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए महालेखाकार ने सीडीओ को जांच के निर्देश दिए। सीडीओ के आदेश पर तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच की। जांच में पाया गया कि मनोज गुप्ता ने वर्ष 1989 से 2024 के बीच 29 बार जीपीएफ धनराशि निकाली और पासबुक में प्रविष्टि तक नहीं कराई।
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खुद पर ही पटल का चार्ज, करते रहे अनियमितताएं
-विकास भवन में तैनात प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता के पास महत्वपूर्ण पटल में शामिल जीपीएफ का पटल भी हैं। ऐसे में उनके द्वारा जिनको भी जीपीएफ की जरूरत होती थी। उनके जीपीएफ दिलवाते थे। स्वयं जीपीएफ पटल प्रभारी होने के नाते फाइल सभी की अपने पास रखते थे। ऐसे में उसने अपनी फाइल भी अपने ही कब्जे में रखी और अधिकारियों को धोखा देते हुए बार-बार पैसे निकाले।
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वर्जन:
- प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता के द्वारा जीपीएफ से नियम विरुद्ध धनराशि निकाली गई थी। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-केशव कुमार, सीडीओ