फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Administration winds up relief camps in Usahat, leaving flood victims on the roadside.

Budaun News: उसहैत में बाढ़ पीड़ितों को सड़क पर छोड़ प्रशासन ने समेटे राहत शिविर

Sat, 26 Sep 2026 12:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:58 AM IST
विज्ञापन
Administration winds up relief camps in Usahat, leaving flood victims on the roadside.
दातागंज क्षेत्र में रामगंगा में आई बाढ़ से खराब हुई फसल। संवाद
उसहैत। बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। जिला प्रशासन अब तक बाढ़ पीड़ितों के गंगा में बहे मकानों के साथ उनकी फसलों का सर्वे नहीं करा पाया है। पीड़ितों के लिए राहत शिविर शुरू हुए थे, जो अब समेट लिए गए हैं। इससे ग्रामीणों के सामने रहने, पशुओं को चारा खिलाने सहित अन्य समस्याएं खड़ी हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने राहत सामग्री बांटने के बाद उनकी सुध नहीं ली है।
विज्ञापन

तबाही के निशान पीछे छोड़ 15 दिन में गंगा का जलस्तर सामान्य स्तर पर आ चुका है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो चुका है। लोगों के मकान एवं स्कूल गंगा में समा चुके हैं। खेती की सैकड़ों बीघा जमीन गंगा के तेज बहाव में खत्म हो चुकी है। ग्राम कदमनगला बाढ़ में 90 प्रतिशत तक खत्म हो चुका है।
विज्ञापन

ग्रामीण पिछले एक महीने से गांव के बाहर सड़क किनारे जीवन यापन कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से लगवाया गया बाढ़ राहत शिविर भी अब हटा दिया है, यहां ग्रामीणों को 20 दिन में सिर्फ 10 दिन भोजन दिया गया। ग्रामीण यहां अब भी खानाबदोशी का जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनके पास अब तक न तो रहने के लिए कोई सुरक्षित स्थान है, न रोजगार का कोई व्यापक जरिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राम कदमनगला के छविराम ने बताया कि राहत शिविर में खाना मिल जाता था, वह भी पानी कम होने के बाद हटवा दिया गया है। अमित कुमार ने बताया कि बाढ़ की मुसीबत बीत गई, लेकिन मकान और खेत सब गंगा में समा चुके हैं। प्रशासन से मदद मिलने का इंतजार है।
नेकराम ने बताया कि गांव के पास उनकी थोड़ी खेती की जमीन बची है, उसी पर खेती कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि सर्वे हो चुका है, जल्द मदद मिल जाएगी। वहीं, राजस्व अधिकारियों के अनुसार, 15 लोगों के कच्चे पक्के मकान बाढ़ की चपेट में आए थे, जिनका मुआवजा दिलाने के लिए कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है, कुछ दिनों में आर्थिक मदद मिल जाएगी। खेती की जमीनों का भी सर्वे कराया जा रहा है, जल्द ही मदद की घोषणा की जाएगी। बाढ़ राहत शिविर 20 दिन तक चला। स्थिति सामान्य होने के बाद समाप्त किया गया।

21 गांवों में फसल के नुकसान का सर्वे शुरू
दातागंज। प्रशासन ने चिह्नित किए गए गंगा और रामगंगा के बाढ़ प्रभावित 21 गांवों में फसल के नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया है। जिन स्थानों पर अब भी पानी भरा हुआ है, वहां का सर्वे पानी निकलने के बाद होगा। प्रशासन रामगंगा क्षेत्र के 18 गांव और गंगा नदी के 3 गांव को बाढ़ प्रभावित मान रहा है। प्रभावित क्षेत्र के ग्राम पंचायतों के मजरों को अलग गांव न मानते हुए पूरी ग्राम पंचायत को एक ही गांव माना गया है।
एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल अपने-अपने क्षेत्र के गांवों में बाढ़ से हुई फसलों की हानि का आकलन कर रहे हैं। जलभराव वाले स्थानों का सर्वे पानी निकलने के बाद ही हो पाएगा। 700 हेक्टेयर फसल की हानि का अनुमान है, सही आंकड़ा सर्वे कार्य पूर्ण होने के बाद ही सामने आएगा। संवाद



बाढ़ पीड़ितों के मुआवजे के लिए कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन

बदायूं। बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दिलाने और नुकसान का सर्वे कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दातागंज तहसील पर प्रदर्शन कर एसडीएम विनोद कुमार सिंह को ज्ञापन दिया।

जिलाध्यक्ष अजीत यादव के नेतृत्व में बारिश के बावजूद कांग्रेसी व बाढ़ पीड़ित तहसील पर जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ज्ञापन में बाढ़ में कटी जमीनों के बदले जमीन, गिरे मकानों के बदले मकान देने, मानपुर से सिमरिया और रुकुमपुर से भाऊ नगला तक रामगंगा किनारे तटबंध बनाने की मांग उठाई गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा राज में दातागंज के बाढ़ पीड़ित बेसहारा हैं। हजारों बीघा जमीन कटकर नदी में समा गई, कदमनगला गांव का अस्तित्व मिट गया, लेकिन सरकार ने सर्वे तक नहीं कराया। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष सत्यम यादव , दातागंज विधानसभा प्रभारी कुंवर पाल सिंह, मंजेश यादव, गिरीश चंद्र आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed