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Budaun News: मनरेगा में श्रमिकों की फर्जी हाजिरी के मामले में मेट पर कार्रवाई तय
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बदायूं। समरेर विकासखंड के गांव अभयपुर में गलत फोटो पोर्टल पर अपडेट किए जाने के मामले में सीडीओ की ओर से जांच करवाई जा रही है। ग्राम पंचायत में रोजगार सेवक नहीं है उसकी जगह पर सारे काम मेट देख रही है। गलत फोटो अपलोड करने के मामले में मेट के खिलाफ नोटिस भेजा गया है, इसके बाद मेट पर कार्रवाई तय है।
ग्रामीणों की शिकायत पर फर्जीवाड़ा खुलने के बाद अधिकारियों की ओर से जांच शुरू कर दी गई। गांव के ही तौलेराम के खेत से महेश के खेत तक रास्ता बनाया जाना था। इसके लिए पांच मस्टरोल में प्रतिदिन 44 श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई गई थी। इसमें 252 रुपये प्रतिदिन श्रमिक मजदूरी के हिसाब से 11088 रुपये का भुगतान होना बाकी था, लेकिन चार जून की शाम को पहले की फोटो राष्ट्रीय मॉनिटरिंग सेवा पोर्टल पर अपलोड कर दी गई।
अपलोड की गई फोटो में कुछ महिलाएं शॉल ओढ़े थी और आदमी स्वेटर पहने दिख रहे थे। यह फोटो ग्रामीणों तक पहुंचने के बाद फर्जीवाड़ा की पोल खुल गई। ग्रामीणों के अनुसार, फर्जी उपस्थिति दिखाने के लिए मनरेगा से जुड़े लोग पुराने फोटो मोबाइल में रखते हैं। इसके बाद नया काम दिखाने के लिए पुराने फोटो को मोबाइल में खींचकर उसी जगह पोर्टल पर अपलोड कर देते हैं, ताकि लाइव फोटो दिखे।
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मामले का संज्ञान लेते हुए सीडीओ गामिनी सिंगला जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। प्रभारी डीसी मनरेगा सत्येंद्र सिंह ने बताया कि फर्जी फोटो अपलोड करने वाले में मामले भुगतान नहीं किया गया है। ऐसा मामला दोबारा न हो इसके लिए मेट खिलाफ के नोटिस भेजा गया है। इसके बाद दोषी पाए जाने पर मेट पर कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीणों की शिकायत पर फर्जीवाड़ा खुलने के बाद अधिकारियों की ओर से जांच शुरू कर दी गई। गांव के ही तौलेराम के खेत से महेश के खेत तक रास्ता बनाया जाना था। इसके लिए पांच मस्टरोल में प्रतिदिन 44 श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई गई थी। इसमें 252 रुपये प्रतिदिन श्रमिक मजदूरी के हिसाब से 11088 रुपये का भुगतान होना बाकी था, लेकिन चार जून की शाम को पहले की फोटो राष्ट्रीय मॉनिटरिंग सेवा पोर्टल पर अपलोड कर दी गई।
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अपलोड की गई फोटो में कुछ महिलाएं शॉल ओढ़े थी और आदमी स्वेटर पहने दिख रहे थे। यह फोटो ग्रामीणों तक पहुंचने के बाद फर्जीवाड़ा की पोल खुल गई। ग्रामीणों के अनुसार, फर्जी उपस्थिति दिखाने के लिए मनरेगा से जुड़े लोग पुराने फोटो मोबाइल में रखते हैं। इसके बाद नया काम दिखाने के लिए पुराने फोटो को मोबाइल में खींचकर उसी जगह पोर्टल पर अपलोड कर देते हैं, ताकि लाइव फोटो दिखे।
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मामले का संज्ञान लेते हुए सीडीओ गामिनी सिंगला जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। प्रभारी डीसी मनरेगा सत्येंद्र सिंह ने बताया कि फर्जी फोटो अपलोड करने वाले में मामले भुगतान नहीं किया गया है। ऐसा मामला दोबारा न हो इसके लिए मेट खिलाफ के नोटिस भेजा गया है। इसके बाद दोषी पाए जाने पर मेट पर कार्रवाई की जाएगी।