फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   acident

आठ युवक गंगा में बहे, पांच को सुरक्षित निकाला, तीन लापता

Thu, 23 Jun 2022 01:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jun 2022 01:15 AM IST
विज्ञापन
acident
गंगा में बहे युवक की खोजबीन में जुटे गोताखोरों को देखते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : BADAUN
उझानी / कछला (बदायूं)। गहराई में जाकर गंगा में डुबकी लगाना आठ युवकों के लिए भारी पड़ गया। सुबह पुल के पास बहे राजस्थान के धौलपुर जिले के दो युवकों में एक को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद गोताखोर उसके चचेरे भाई को खोज पाते, उससे पहले ही हाथरस जिले के छह युवक और बह गए। इनमें चार को गोताखोरों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बरेली निवासी रिश्तेदार के साथ लापता हाथरस के युवक का शाम तक सुराग नहीं लगा था। कई गोताखोर लापता तीनों युवकों की तलाश में जुटे थे।
विज्ञापन

गंगाघाट पर पहला हादसा बुधवार सुबह करीब नौ बजे हुआ। राजस्थान के धौलपुर जिले के मनिया निवासी रामसहाय की बुजुर्ग मां का पिछले महीने देहांत हो गया था। उनकी अस्थि विसर्जन के लिए परिजन सुबह गंगाघाट पर पहुंचे और नाव के जरिये अस्थियां गंगा में विसर्जित कीं। इसके बाद परिवार के लोग गंगा स्नान करते हुए पुल के करीब पहुंच गए। यहां महावीर (31) पुत्र सीताराम और दीपू (30) पुत्र रामसहाय बह गए। यह देखकर परिवार की महिलाओं ने शोर मचा दिया। आवाज सुनकर गोताखोर ओमकार, सुधीश और गोविंद आ गए। गोताखोरों ने महावीर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दीपू का पता नहीं चल पाया।
विज्ञापन

दूसरा हादसा दोपहर में हुआ। हाथरस जिले के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के खिजरपुर निवासी रवेंद्र तोमर की नातिन का मुंडन संस्कार था। इसी दौरान पुल के पास गंगा स्नान करते समय रवेंद्र का रिश्तेदार बरेली जिले में बुधौली निवासी शिवम तोमर (20) बहने लगा। ऐसे में उसे बचाने के लिए अर्जुन उर्फ आशु (18) पुत्र रवेंद्र आगे बढ़ा तो वह भी बह गया। बचाव को चीख-पुकार के बीच खिजरपुर के ही अभिषेक, छोटेलाल, नन्हे और सागर सिंह भी बहने लगे तो गोताखोरों ने इन चारों को बचा लिया, लेकिन अर्जुन और शिवम को खोजने में गोताखोर नाकाम रहे। जानकारी पाकर पहुंचे चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने आसपास इलाके के गोताखोरों को बुला लिया। गोताखोर लापता शिवम, अर्जुन और दीपू शाम तक दोनों युवकों को खोज नहीं पाए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
पुल के पास बार-बार हादसे, फिर भी नहीं है बचाव के इंतजाम
कछला पुल के पास एक पखवाड़े के दौरान आधा दर्जन से अधिक हादसे हो चुके हैं। गंगा में जलस्तर हालांकि ज्यादा नहीं है लेकिन पुल के पास गहराई अधिक होने की वजह से श्रद्धालु चपेट में आ जाते हैं। सोमवती अमावस्या वाले दिन दो श्रद्धालु बहे तो मामला अफसरों के संज्ञान में भी पहुंच गया। इसके बाद पूर्णिमा पर झंडी वाले संकेतक लगा दिए गए लेकिन अगले दिन ही वे नजर नहीं आए। इसके बाद हादसे होते गए। पांच श्रद्धालुओं की जान भी चली गई। इस दौरान गोताखोरों सुधीश, ओमकार और गोविंद ने एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं को बचाया। बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर से बचाव के कोई खास इंतजाम नहीं कराए गए। गोताखोरों का कहना है कि रोकने के बाद भी श्रद्धालु स्नान करने के लिए पुल के पास ही पहुंच जाते हैं।

-
गंगाघाट पर डुबकी लगाते समय तीन युवकों के लापता होने की सूचना मिली तो चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों के जरिये गोताखोर बुलाकर खोजबीन शुरू करा दी गई है। पुलिस लापता युवकों के परिजन के संपर्क में है। खोजबीन में कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
- हरपाल सिंह बालियान, प्रभारी निरीक्षक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed