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अस्थि विसर्जन के बाद डुबकी लगाते मथुरा के पांच युवक बहे, एक लापता
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कछला घाट पर हादसे के बाद लापता कन्हैया के परिवार की महिलाएं। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी/कछला (बदायूं)। कछला गंगाघाट पर अस्थि विसर्जन के बाद डुबकी लगाते समय मथुरा जिले के पांच युवक बह गए। उनके परिवार की महिलाओं ने शोर मचाया तो कई दुकानदार ओर गोताखोर उनके बचाव को गंगा में कूद पड़े। चार युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया लेकिन गोताखोर एक का सुराग नहीं लगा पाए। उसकी तलाश में गोताखोर जुटे हुए हैं। पुलिस ने नाविकों को भी खोजबीन में लगा दिया है।
हादसा प्रात: करीब 10 बजे पुल के पास हुआ। मथुरा जिले के मगोर्रा थाना क्षेत्र के गांव नगला चिंटो निवासी पूरन सिंह के परिवार के लोग अस्थि विसर्जन के लिए सुबह घाट पर पहुंचे। पूरन ने घाट से दूर नाव के जरिये अस्थि विसर्जन किया। इसके बाद महिलाओं के साथ परिवार के सभी लोग पुल के पास स्नान करने लगे। डुबकी लगाते समय पूरन के परिवार का ही सूरज सिंह (20) पुत्र वीरेंद्र सिंह डूबने लगा। यह देख परिवार के ही लोगों में कन्हैया (18) पुत्र पूरन, कृष्णा (19) पुत्र गोविंद, वीरेंद्र (50) और रोहित (20) पुत्र कुंवरसेन भी आगे बढ़ते चले गए। गहराई अधिक और प्रवाह तेज होने की वजह से पांचों बह गए। आवाज सुनकर पहुंचे गोताखोरों ने एक-एक करके कृष्णा, वीरेंद्र, सूरज और रोहित को सुरक्षित निकाल लिया लेकिन कन्हैया कहीं नजर नहीं आया।
लापता कन्हैया के परिजन ने कछला चौकी पर पहुंचकर पुलिस को भी अवगत करा दिया। पुलिस कर्मियों ने गोताखोरों के साथ दो-तीन नाविकों को खोजबीन में लगा दिया। वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि जहां वे लोग स्नान कर रहे थे, वहां जल कम था, इसलिए परिवार के लोग आगे बढ़ते चले गए। उन्हें गंगा में गहराई का अहसास भी नहीं हो पाया। बता दें कि सात-आठ दिनों में गंगाघाट पर छठी बार हादसा हुआ है। हादसों में मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत आसपास इलाके के छह श्रद्धालुओं की जान भी जा चुकी है। नौ श्रद्धालुओं को गोताखोरों की मदद से बचाया भी जा चुका है। तीन दिन पहले ही गहराई वाले स्थान पर लाल निशान लगा दिए गए थे लेकिन श्रद्धालु उस पर गौर नहीं करते।
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कासगंज के युवकों को रोका तो गोताखोरों से अभद्रता
रविवार दोपहर कासगंज जिले के दो युवक गंगा नहाने के लिए घाट पर पहुंचे। नहाते समय वह आगे बढ़ने लगे तो गोताखोर सतीश ने एक युवक को आगे जाने से रोकते हुए डांट दिया। इसके बाद दोनों युवक घर लौट गए। गोताखोर ओमकार ने बताया कि शाम करीब पांच बजे दोनों युवकों के साथ पांच-छह लोग बाइकों से गंगाघाट पर आ धमके। बाइक सवारों ने गोताखोरों से अभद्रता की। गोताखोरों का कहना है कि हादसे होने के बाद उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसी को टोक दिया जाए तो वह बिफर पड़ता है।
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हादसा प्रात: करीब 10 बजे पुल के पास हुआ। मथुरा जिले के मगोर्रा थाना क्षेत्र के गांव नगला चिंटो निवासी पूरन सिंह के परिवार के लोग अस्थि विसर्जन के लिए सुबह घाट पर पहुंचे। पूरन ने घाट से दूर नाव के जरिये अस्थि विसर्जन किया। इसके बाद महिलाओं के साथ परिवार के सभी लोग पुल के पास स्नान करने लगे। डुबकी लगाते समय पूरन के परिवार का ही सूरज सिंह (20) पुत्र वीरेंद्र सिंह डूबने लगा। यह देख परिवार के ही लोगों में कन्हैया (18) पुत्र पूरन, कृष्णा (19) पुत्र गोविंद, वीरेंद्र (50) और रोहित (20) पुत्र कुंवरसेन भी आगे बढ़ते चले गए। गहराई अधिक और प्रवाह तेज होने की वजह से पांचों बह गए। आवाज सुनकर पहुंचे गोताखोरों ने एक-एक करके कृष्णा, वीरेंद्र, सूरज और रोहित को सुरक्षित निकाल लिया लेकिन कन्हैया कहीं नजर नहीं आया।
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लापता कन्हैया के परिजन ने कछला चौकी पर पहुंचकर पुलिस को भी अवगत करा दिया। पुलिस कर्मियों ने गोताखोरों के साथ दो-तीन नाविकों को खोजबीन में लगा दिया। वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि जहां वे लोग स्नान कर रहे थे, वहां जल कम था, इसलिए परिवार के लोग आगे बढ़ते चले गए। उन्हें गंगा में गहराई का अहसास भी नहीं हो पाया। बता दें कि सात-आठ दिनों में गंगाघाट पर छठी बार हादसा हुआ है। हादसों में मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत आसपास इलाके के छह श्रद्धालुओं की जान भी जा चुकी है। नौ श्रद्धालुओं को गोताखोरों की मदद से बचाया भी जा चुका है। तीन दिन पहले ही गहराई वाले स्थान पर लाल निशान लगा दिए गए थे लेकिन श्रद्धालु उस पर गौर नहीं करते।
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कासगंज के युवकों को रोका तो गोताखोरों से अभद्रता
रविवार दोपहर कासगंज जिले के दो युवक गंगा नहाने के लिए घाट पर पहुंचे। नहाते समय वह आगे बढ़ने लगे तो गोताखोर सतीश ने एक युवक को आगे जाने से रोकते हुए डांट दिया। इसके बाद दोनों युवक घर लौट गए। गोताखोर ओमकार ने बताया कि शाम करीब पांच बजे दोनों युवकों के साथ पांच-छह लोग बाइकों से गंगाघाट पर आ धमके। बाइक सवारों ने गोताखोरों से अभद्रता की। गोताखोरों का कहना है कि हादसे होने के बाद उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसी को टोक दिया जाए तो वह बिफर पड़ता है।