{"_id":"6296647cc555ff7f6e5fc481","slug":"acident-badaun-news-bly4867625155","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा स्नान के दौरान तीन लोग बहे, किशोरी लापता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा स्नान के दौरान तीन लोग बहे, किशोरी लापता
विज्ञापन
कछला घाट पर गोताखोरों के साथ मौजूद लापता किशोरी के परिजन। संवाद
- फोटो : BADAUN
उझानी/कछला (बदायूं)। कछला गंगाघाट पर गंगा स्नान करते समय भाई-बहन समेत तीन लोग बह गए। यह देख गंगा में कूदकर गोताखोरों ने दो युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन गहराई अधिक होने की वजह से किशोरी का पता नहीं चला। उसकी तलाश जारी थी।
कोतवाली क्षेत्र के गांव पिपरौल के मजरा जाटवनगला निवासी दो-तीन परिवारों के लोग गंगा स्नान करने के लिए कछला घाट पर पहुंचे। पुल के पास ही सभी लोग स्नान करने लगे। उसी दौरान सूरजभान (17) पुत्र पप्पू और उसकी छोटी बहन सोमवती (14) गहरे में चले गए। दोनों गोता खाने लगे तो पास में स्नान कर रहे अजय (24) पुत्र रामकिशोर की उन पर नजर पड़ गई। अजय उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा तो वह भी डूबने लगा। पड़ोस में मौजूद लोगों के शोर मचाने पर गोताखोर गंगा में कूद पड़े। गोताखोरों ने अजय और सूरजभान को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सोमवती का पता नहीं चल पाया।
जानकारी पाकर जाटवनगला से कई लोग गंगाघाट पर पहुंच गए। पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया। पुलिस कर्मियों ने लापता किशोरी के परिजन समेत गोताखोरों ओमकार, गोविंद, सुधीश और छोटे से जानकारी की। सुधीश ने बताया कि जहां पर किशोरी बही है, वहां जलस्तर अधिक है। गंगा में लापता सोमवती का शाम तक सुराग नहीं लग पाया। बहन के साथ बहने के बाद सुरक्षित निकाले गए सूरजभान ने बताया कि वह नहाते समय ही आगे बढ़ता चला गया था। सोमवती पीछे आ जाएगी, इसका उसे अहसास भी नहीं हो पाया। हादसे के बाद पुलिस कर्मियों ने दूसरे इलाके से भी गोताखोरों को बुला लिया है। उन्हें भी खोजबीन में लगा दिया गया है।
विज्ञापन
-
पुल के पिलर के पास है गहराई अधिक
कछला घाट पर गंगा स्नान के दौरान पिछले कुछ सालों में जितने भी हादसे हुए, उनमें सबसे ज्यादा पुल के पिलर के पास ही हुए हैं। जानकारों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि या फिर प्रवाह तेज होने पर सभी पिलर के पास पानी घुमाव की स्थिति में आ जाता है। घुमाव की वजह से गहराई होने लगती है। पिलर के आसपास से बालू भी बह जाती है। दो-तीन पिलर के पास तो आठ-नौ फुट तक गहराई बताई जा रही है। आसपास के पुल के पास प्रसाद बेचने वाले लोग श्रद्धालुओं को टोकते भी हैं लेकिन तेज धूप की वजह से श्रद्धालु पुल के नीचे स्नान करने के लिए बढ़ जाते हैं।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के गांव पिपरौल के मजरा जाटवनगला निवासी दो-तीन परिवारों के लोग गंगा स्नान करने के लिए कछला घाट पर पहुंचे। पुल के पास ही सभी लोग स्नान करने लगे। उसी दौरान सूरजभान (17) पुत्र पप्पू और उसकी छोटी बहन सोमवती (14) गहरे में चले गए। दोनों गोता खाने लगे तो पास में स्नान कर रहे अजय (24) पुत्र रामकिशोर की उन पर नजर पड़ गई। अजय उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा तो वह भी डूबने लगा। पड़ोस में मौजूद लोगों के शोर मचाने पर गोताखोर गंगा में कूद पड़े। गोताखोरों ने अजय और सूरजभान को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सोमवती का पता नहीं चल पाया।
विज्ञापन
जानकारी पाकर जाटवनगला से कई लोग गंगाघाट पर पहुंच गए। पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया। पुलिस कर्मियों ने लापता किशोरी के परिजन समेत गोताखोरों ओमकार, गोविंद, सुधीश और छोटे से जानकारी की। सुधीश ने बताया कि जहां पर किशोरी बही है, वहां जलस्तर अधिक है। गंगा में लापता सोमवती का शाम तक सुराग नहीं लग पाया। बहन के साथ बहने के बाद सुरक्षित निकाले गए सूरजभान ने बताया कि वह नहाते समय ही आगे बढ़ता चला गया था। सोमवती पीछे आ जाएगी, इसका उसे अहसास भी नहीं हो पाया। हादसे के बाद पुलिस कर्मियों ने दूसरे इलाके से भी गोताखोरों को बुला लिया है। उन्हें भी खोजबीन में लगा दिया गया है।
विज्ञापन
-
पुल के पिलर के पास है गहराई अधिक
कछला घाट पर गंगा स्नान के दौरान पिछले कुछ सालों में जितने भी हादसे हुए, उनमें सबसे ज्यादा पुल के पिलर के पास ही हुए हैं। जानकारों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि या फिर प्रवाह तेज होने पर सभी पिलर के पास पानी घुमाव की स्थिति में आ जाता है। घुमाव की वजह से गहराई होने लगती है। पिलर के आसपास से बालू भी बह जाती है। दो-तीन पिलर के पास तो आठ-नौ फुट तक गहराई बताई जा रही है। आसपास के पुल के पास प्रसाद बेचने वाले लोग श्रद्धालुओं को टोकते भी हैं लेकिन तेज धूप की वजह से श्रद्धालु पुल के नीचे स्नान करने के लिए बढ़ जाते हैं।