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Budaun News: धर्मेंद्र हत्याकांड में दो आरोपियों को बचाने का आरोप
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बदायूं। फैजगंज बेहटा थानाक्षेत्र के गांव भवानीपुर में 27 जून की रात धर्मेंद्र की शराब तस्कर ने रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी थी। धर्मेंद्र का शव अगले दिन शराब तस्कर के घर मिला था। पुलिस उसे जेल भेज चुकी है। धर्मेंद्र के पिता ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर बेटे की हत्या में दो और आरोपियों की संलिप्तता बताई है। पिता ने एसएसपी से हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग की हैं।
फैजगंज बेहटा थानाक्षेत्र के गांव भवानीपुर निवासी ओमप्रकाश ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव का राजपाल जाटव 27 जून की रात नौ बजे उनके बेटे धर्मेंद्र उर्फ बुद्धी को अपने घर ले गया था। राजपाल के साथ गांव के ही उसके दो और साथी भी थे। तीनों ने बेटे की रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी और शव को घर के घर में छिपा लिया। 28 जून की सुबह जब उन्होंने अपने दूसरे बेटे के साथ धर्मेंद्र की तलाश शुरू की तो गांव के कुछ लोगों ने बताया कि उनके बेटे को राजपाल समेत तीन लोग अपने साथ घर ले गए थे। धर्मेंद्र का शव राजपाल के घर बरामद हो गया था। आरोप है कि पुलिस ने उनसे पंचनामा की कार्रवाई के दौरान एक सादा कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे। उसी कोरे कागज पर पुलिस ने अपने अनुसार तहरीर टाइप करा ली। उसमें राजपाल को ही नामजद किया। जबकि अन्य दो आरोपियों के नाम नहीं लिखे। उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन दोनों आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की हैं। इससे अब आरोपी फैसले का लगातार दबाव बना रहे हैं। देख लेने की धमकी दे रहे है। पिता ने एसएसपी से बेेटे की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की हैं।
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फैजगंज बेहटा थानाक्षेत्र के गांव भवानीपुर निवासी ओमप्रकाश ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव का राजपाल जाटव 27 जून की रात नौ बजे उनके बेटे धर्मेंद्र उर्फ बुद्धी को अपने घर ले गया था। राजपाल के साथ गांव के ही उसके दो और साथी भी थे। तीनों ने बेटे की रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी और शव को घर के घर में छिपा लिया। 28 जून की सुबह जब उन्होंने अपने दूसरे बेटे के साथ धर्मेंद्र की तलाश शुरू की तो गांव के कुछ लोगों ने बताया कि उनके बेटे को राजपाल समेत तीन लोग अपने साथ घर ले गए थे। धर्मेंद्र का शव राजपाल के घर बरामद हो गया था। आरोप है कि पुलिस ने उनसे पंचनामा की कार्रवाई के दौरान एक सादा कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे। उसी कोरे कागज पर पुलिस ने अपने अनुसार तहरीर टाइप करा ली। उसमें राजपाल को ही नामजद किया। जबकि अन्य दो आरोपियों के नाम नहीं लिखे। उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन दोनों आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की हैं। इससे अब आरोपी फैसले का लगातार दबाव बना रहे हैं। देख लेने की धमकी दे रहे है। पिता ने एसएसपी से बेेटे की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की हैं।
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