{"_id":"5a0d6fbe4f1c1b70548bd988","slug":"91510830014-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज बसों के शीशे टूटे, ठिठुर रहे मुसाफिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज बसों के शीशे टूटे, ठिठुर रहे मुसाफिर
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
bus
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। सर्दी शुरू होने के बावजूद परिवहन निगम ने अपनी बसों को नए सीजन के लिहाज से तैयार नहीं किया है। तमाम बसों में शीशे टूटे होने की वजह से मुसाफिर ठिठुरते हैं तो कई में फॉग लाइट ही नहीं लगाई गई हैं।
बदायूं डिपो के बेड़े में कुल 126 बसें हैं। इनमें से 40 बसें अनुबंधित और बाकी परिवहन निगम की संपत्ति हैं। निजी बसों का रखरखाव उनके मालिक खुद करते हैं तो डिपो की बसों का रखरखाव निगम की जिम्मेदारी है। आमतौर पर सर्दी का सीजन शुरू होते ही बसों में खिड़कियों पर लगे क्षतिग्रस्त शीशे दुरुस्त करा दिए जाते हैं। इसके अलावा बसों में फॉग लाइट भी लगाई जाती हैं। ओस और कोहरे की वजह से फ्रंट शीशों पर आई नमी दूर करने को बसों में वाइपर भी लगाए जाते हैं। सर्दी शुरू हुए समय बीत चुका है पर बसों में शीशे, वाइपर और फॉग लाइटें नहीं लगी हैं। शीशे टूटे होने से देर रात में संचालित होने वाली बसों के मुसाफिर फिजूल की मुसीबत झेलते हैं। वहीं, फॉग लाइट न होने की वजह से कोहरे में हादसों की संभावना बढ़ गई है।
----
शीशे बुधवार को मुख्यालय से प्राप्त हुए हैं। जल्द ही बसों के क्षतिग्रस्त शीशे बदलवा दिए जाएंगे। लंबी दूरी की बसों में फॉग लाइटें लगवाई जा चुकी हैं। बाकी बसों में भी इसे लगवा दिया जाएगा।
विज्ञापन
- राजेश कुमार, एआरएम
विज्ञापन
बदायूं डिपो के बेड़े में कुल 126 बसें हैं। इनमें से 40 बसें अनुबंधित और बाकी परिवहन निगम की संपत्ति हैं। निजी बसों का रखरखाव उनके मालिक खुद करते हैं तो डिपो की बसों का रखरखाव निगम की जिम्मेदारी है। आमतौर पर सर्दी का सीजन शुरू होते ही बसों में खिड़कियों पर लगे क्षतिग्रस्त शीशे दुरुस्त करा दिए जाते हैं। इसके अलावा बसों में फॉग लाइट भी लगाई जाती हैं। ओस और कोहरे की वजह से फ्रंट शीशों पर आई नमी दूर करने को बसों में वाइपर भी लगाए जाते हैं। सर्दी शुरू हुए समय बीत चुका है पर बसों में शीशे, वाइपर और फॉग लाइटें नहीं लगी हैं। शीशे टूटे होने से देर रात में संचालित होने वाली बसों के मुसाफिर फिजूल की मुसीबत झेलते हैं। वहीं, फॉग लाइट न होने की वजह से कोहरे में हादसों की संभावना बढ़ गई है।
विज्ञापन
----
शीशे बुधवार को मुख्यालय से प्राप्त हुए हैं। जल्द ही बसों के क्षतिग्रस्त शीशे बदलवा दिए जाएंगे। लंबी दूरी की बसों में फॉग लाइटें लगवाई जा चुकी हैं। बाकी बसों में भी इसे लगवा दिया जाएगा।
विज्ञापन
- राजेश कुमार, एआरएम