डीएम ने जांच बैठाई तो पालिकाध्यक्ष ने निर्माण कार्यों पर लगाई रोक
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शहर में इस समय सड़कों के दोनों ओर फुटपाथ, नाले-नालियों का निर्माण और चौराहों का सौंदर्यीकरण समेत अनेक विकास कार्य कराए जा रहे हैं। शुक्रवार को डीएम दिनेश कुमार सिंह ने एक बैठक में पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार तिवारी की जमकर फटकार लगाई थी। डीएम इस बात पर नाराज थे कि शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह फेल हैं। उन्होंने पालिका द्वारा कराए जा रहे सभी विकास कार्यों की भी बारीकी से जांच कराने के आदेश जारी किए थे। इसके लिए उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी निशा अनंत औैर सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। डीएम के इस आदेश के बाद जहां पालिका के अधिकारियों में खलबली मच गई, वहीं शनिवार को पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल ने डीएम को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने कहा है कि विकास कार्यों की जांच को अधिकारी नामित किए जाने से आम जनता की नजर में पालिका की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में विकास कार्यों की जांच नहीं होने तक पालिका द्वारा कराए जा रहे सभी निर्माण और विकास कार्यों पर अगले आदेश तक रोक लगाई जाती है। इस संबध में जानकारी लेने के लिए डीएम को फोन किया गया तो कई बार रिंग जाने के बाद भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
पहले भी उठे हैं विकास कार्यों पर सवाल
शहर में हो रहे विकास कार्यों को लेकर पहले भी कई लोगों ने सवाल खड़े किए थे। प्रशासन से शिकायतें हुईं, लेकिन चुनाव की वजह से मामला ठंडे बस्ते में रहा। शहर में गंदगी समेत कई समस्याएं हैं, लेकिन पालिका प्रशासन को तो मानो इससे कोई मतलब रह ही नहीं गया है। अब चुनाव हो गया है तो डीएम भी अपनी फॉर्म में लौटते दिखाई दे रहे हैं।
जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब तक कोई भी विकास कार्य नहीं कराया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद में ही अब काम शुरू होगा। इसके लिए ठेकेदारों को निर्देश दिए हैं।