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सालारपुर के 13 गांवों में  खराब पड़े हैं 66 हैंडपंप

Sat, 08 Apr 2017 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ कुंवरगांव
अमर उजाला ब्यूरो/ कुंवरगांव Updated Sat, 08 Apr 2017 11:20 PM IST
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66 handpumps lying in 13 villages of Salarpur
हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला
सालारपुर के 13 गांवों में 
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खराब पड़े हैं 66 हैंडपंप
-बार-बार लिखे जाने के बाद भी जल निगम ने सुध नहीं दी
-गर्मी बढ़ने के साथ इन गांवों में होने लगी पेयजल समस्या

गर्मी शुरू होने के साथ ही कई गांवों में शुद्ध पेयजल की समस्या पैदा होने लगी है। सालारपुर ब्लॉक के 13 ऐसे गांव हैं जहां 66 इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। गांवों के प्रधानों और सचिवों ने कई बार जल निगम को लिखा, लेकिन नतीजा शून्य रहा। इससे ग्रामीणों में गुस्सा है। कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी हैंडपंप खराब पड़े हैं। 
जल निगम दावा कर रहा है कि बीते वित्तीय वर्ष में जिले में करीब 772 इंडिया मार्का हैंडपंप रिबोर कराए गए हैं, लेकिन यह दावा जमीनी हकीकत से इतर है। कुंवरगांव क्षेत्र के कुछ गांवों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप की स्थिति देखें तो यह साफ हो जाता है। कुंवरगांव के हसनपुर में चार, सिंगरौरा में तीन, भैंसामई में सात, यूसुफ नगर में चार, एहबिया में पांच, वनगढ़ में पांच, इमलिया में तीन, दारानगर में छह, कुंवरगांव देहात में छह, ललेई में दो, दुगरैया में दो, मोहद्दीन नगर में छह और बादल गांव में इंडिया मार्का 10 हैंडपंप खराब पड़े हैं। यह सभी रिबोर होने हैं। गांव बादल के प्रधान जितेंद्र कुमार और सचिव कृपाल सिंह का कहना है कि इस बारे में कई बार जल निगम को लिखा जा चुका है। हैंडपंपों को जल्द रिबोर करने का भरोसा तो दिया जाता है, लेकिन बाद में कोई नतीजा नहीं निकलता। सबसे ज्यादा 10 हैंडपंप उनकी ग्राम पंचायत में खराब पड़े हैं। इससे पेयजल की समस्या हो रही है।
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परिषदीय विद्यालयों के भी हैंडपंप खराब
कुंवरगांव। खराब बड़े कई हैंडपंप ऐसे हैं जो परिषदीय विद्यालयों में लगे हुए हैं। जल निगम इन हैंडपंप को भी रिबोर कराने में देरी कर रहा है। विद्यालयों में प्रधानाचार्य अपने विभाग के साथ जल निगम को भी हैंडपंप रिबोर कराने के लिए लिख चुके हैं। इसके वाबजूद जल निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा। विद्यार्थियों को पानी पीने के लिए स्कूल से बाहर जाना पड़ रहा है।
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बूंद-बूंद पानी को तरस रहे स्कूल के बच्चे
कादरचौक। भीषण गर्मी में यहां बच्चे बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। क्षेत्र के गांव सुर्खा में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूल एक ही प्रांगण में हैं। दोनों स्कूलों में 400 बच्चे  पढ़ने आते हैं। दोनों ही स्कूलों में लगे नल वर्षों से खराब है। एक नल रिबोर होना है। दूसरा खराब पड़ा है।
प्रधानाचार्य ने कई बार नल ठीक कराने को अर्जी दी लेकिन कोई हल नहीं निकला। खाना बनाने को रसोइया दूसरे के घरों से पानी भर कर लाती है। बच्चे भी खाना खाने के बाद पानी के लिए  घरों की ओर दौड़ते हैं। स्कूल के बर्तन भी पानी की किल्लत से साफ नहीं हो पाते। बच्चों को दिन में कई बार पानी के लिए दूसरे के घरों में ही जाना पड़ता है। कभी-कभी स्कूल स्टाफ को लोगों के ताने भी सुनने पड़ते हैं। शीघ्र नल ठीक कराए जाने के लिए अभिभावकों ने डीएम से मांग की है।

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गर्मी से सूखने लगे हैंडपंप
बिल्सी।  गर्मी का पारा चढ़ते ही सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप धोखा देने लगे हैं। इससे लोगों के सामने पेयजल की समस्या पैदा होती जा रही है। नगर में लगे अधिकतर हैंडपंपों का वाटर लेबल नीचे चले जाने से उनमें पानी आना बंद हो गया है। इस कारण गरीब लोगों के सामने  पेयजल की समस्या होती जा रही है। नगर के मोहल्ला संख्या आठ के लोगों का  कहना है कि मोहल्ले में खराब पड़े हैंडपंप को ठीक कराए जाने को लेकर नगर  पालिका परिषद एवं जल निगम के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया है लेकिन  किसी ने इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। इससे उनमें रोष है।  उन्होंने डीएम से खराब पड़े हैंडपंपों को शीघ्र ठीक कराए जाने की मांग की है।
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