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गंभीर चोट पहुंचाने पर तीन सगे भाइयों को सात-सात साल की सजा
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गंभीर चोट पहुंचाने पर तीन सगे भाइयों को सात-सात साल की सजा
बदायूं। गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम मधुलिका चौधरी ने तीन सगे भाइयों को मुजरिम करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है साथ ही तीनों पर 48 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना मूसाझाग के गांव रिजौली निवासी भगवानदास ने 14 जुलाई 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बच्चों के झगड़े को लेकर हुए विवाद में हुई मारपीट में गांव के ही छोटे, संतोष और सुधीर पुत्रगण राजाराम ने उसे और उसके भतीजे को लाठी डंडो से गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने मामले को गंभीर चोट मारने की धाराओं में तरमीम कर कोर्ट में तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अपर सत्र न्यायाधीश मधुलिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जितेंद्र कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद छोटे, संतोष और सुधीर को गंभीर चोट मारने के मामले में मुजरिम करार देते हुये तीनों को सात-सात साल की सजा समेत 48 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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बदायूं। गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम मधुलिका चौधरी ने तीन सगे भाइयों को मुजरिम करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है साथ ही तीनों पर 48 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना मूसाझाग के गांव रिजौली निवासी भगवानदास ने 14 जुलाई 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बच्चों के झगड़े को लेकर हुए विवाद में हुई मारपीट में गांव के ही छोटे, संतोष और सुधीर पुत्रगण राजाराम ने उसे और उसके भतीजे को लाठी डंडो से गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने मामले को गंभीर चोट मारने की धाराओं में तरमीम कर कोर्ट में तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अपर सत्र न्यायाधीश मधुलिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जितेंद्र कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद छोटे, संतोष और सुधीर को गंभीर चोट मारने के मामले में मुजरिम करार देते हुये तीनों को सात-सात साल की सजा समेत 48 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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