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जांच में 67 में 60 गांव ओडीएफ श्रेणी से बाहर के
बदायूं।
Updated Fri, 03 Nov 2017 12:03 AM IST
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शौचालय
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बदायूं। गंगा एक्शन प्लान अंतर्गत गंगा किनारे बसे 67 गांवों को ओडीएफ घोषित किया गया। इसका बाद में मंडलीय टीम ने सत्यापन किया गया तो मात्र सात गांव ही ओडीएफ की श्रेणी में आए। शेष बचे 60 गांव ओडीएफ की श्रेणी से बाहर पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
गुरुवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में ओडीएफ संबंधित बैठक में डीएम दिनेश कुमार सिंह ने डीपीआरओ राजीव कुमार मौर्य से नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए हैं कि मंडलीय टीम की ओर से लगाई गई आपत्तियों का गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण कराएं। जिन ग्रामीणों के घरों में शौचालय नहीं हैं, उनको शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित करें। जिन लोगों ने शौचालय का पैसा लेने के बावजूद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कराया है उनसे शौचालय न बनवाने का कारण पूछें। इसके अलावा गांव में ऐसे भी व्यक्ति हैं जो घर में शौचालय होने के बावजूद खुले में शौच के लिए जाते हैं, ऐसे लोगों को खुले में शौच करने से रोकें। बीडीओ एवं नोडल अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि ओडीएफ कार्य की स्थिति सही कर लें, अन्यथा 10 नवंबर को अगली बैठक में उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बीएसए प्रेम चंद्र यादव को निर्देश दिए कि स्कूली बच्चों, अध्यापकों, प्रधानाचार्यों के माध्यम से गांवों में रैली और अन्य कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को प्रेरित करें। इस मौके पर सीडीओ शेषमणि पांडेय, एडीएम वित्त एवं राजस्व महेंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राजकुमार द्विवेदी मौजूद रहे।
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फिजूल बिजली खर्च करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध होगी कार्रवाई
बदायूं। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को हिदायत दी कि एक माह के भीतर कार्यालयों में साधारण बल्वों को हटाकर एलईडी बल्व का ही प्रयोग करें। एलईडी बल्व साधारण के मुकाबले अच्छी रोशनी देता है। इससे बिजली का खर्च भी कम आएगा और कार्यालयों का वित्तीय भार भी कम होगा। अगर कोई भी अधिकारी फिजूल बिजली खर्च करते पाया गया, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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गुरुवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में ओडीएफ संबंधित बैठक में डीएम दिनेश कुमार सिंह ने डीपीआरओ राजीव कुमार मौर्य से नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए हैं कि मंडलीय टीम की ओर से लगाई गई आपत्तियों का गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण कराएं। जिन ग्रामीणों के घरों में शौचालय नहीं हैं, उनको शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित करें। जिन लोगों ने शौचालय का पैसा लेने के बावजूद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कराया है उनसे शौचालय न बनवाने का कारण पूछें। इसके अलावा गांव में ऐसे भी व्यक्ति हैं जो घर में शौचालय होने के बावजूद खुले में शौच के लिए जाते हैं, ऐसे लोगों को खुले में शौच करने से रोकें। बीडीओ एवं नोडल अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि ओडीएफ कार्य की स्थिति सही कर लें, अन्यथा 10 नवंबर को अगली बैठक में उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बीएसए प्रेम चंद्र यादव को निर्देश दिए कि स्कूली बच्चों, अध्यापकों, प्रधानाचार्यों के माध्यम से गांवों में रैली और अन्य कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को प्रेरित करें। इस मौके पर सीडीओ शेषमणि पांडेय, एडीएम वित्त एवं राजस्व महेंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राजकुमार द्विवेदी मौजूद रहे।
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फिजूल बिजली खर्च करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध होगी कार्रवाई
बदायूं। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को हिदायत दी कि एक माह के भीतर कार्यालयों में साधारण बल्वों को हटाकर एलईडी बल्व का ही प्रयोग करें। एलईडी बल्व साधारण के मुकाबले अच्छी रोशनी देता है। इससे बिजली का खर्च भी कम आएगा और कार्यालयों का वित्तीय भार भी कम होगा। अगर कोई भी अधिकारी फिजूल बिजली खर्च करते पाया गया, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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