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Budaun News: जल निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर 3.96 लाख हड़पे
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उझानी। जल निगम की अटल आवासीय विद्यालय योजना में आउट सोर्सिंग के जरिए नौकरी लगवाने के नाम पर महिला समेत तीन लोगों को 3.96 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। फर्जीबाड़े का शक होने पर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया। भंडाफोड़ होने पर दो आरोपियों को नामजद कराया गया है।
ठगी की शिकार बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव अकौली निवासी महिला के अलावा तीनों लोग आपस में रिश्तेदार हैं। महिला के पति तेजपाल शर्मा के मुताबिक- उझानी में अढौली गांव के धर्मेंद्र और कछला रोड बाजार निवासी वसीम उर्फ सोनू ने जल निगम की अटल आवासीय विद्यालय योजना में अफसरों को अपना परिचित बताकर उनसे नौकरी लगवाने की बात की। तेजपाल से प्रति व्यक्ति 1.90 लाख रुपये में सौदा कर लिया गया। इसके बाद तेजपाल ने धर्मेंद्र के खाते में 3.76 लाख और वसीम के खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये उसने पत्नी के जेवरात गिरवीं रखकर जुटाए थे।
आरोप है कि कई दिनों तक महिला समेत तीनों की जब नौकरी नहीं लगी तो तेजपाल ने वसीम और धर्मेंद्र से संपर्क साधा। धर्मेंद्र ने उन्हें लखनऊ भेज दिया। लखनऊ पहुंचने पर तेजपाल को जल निगम मुख्यालय पर संबंधित अनुभाग का कार्यालय ही नहीं मिला। इसके बाद तेजपाल आरोपियों पर रकम लौटा देने का दबाव डाला तो उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। तस्दीक करने पर उसकी पोल खुल गई। तेजपाल के मुताबिक- दोनों आरोपी रुपये लौटाने के बजाय उसे धमकाना शुरू कर देते हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज विवेचना शुरू कर दी है।
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ठगी की शिकार बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव अकौली निवासी महिला के अलावा तीनों लोग आपस में रिश्तेदार हैं। महिला के पति तेजपाल शर्मा के मुताबिक- उझानी में अढौली गांव के धर्मेंद्र और कछला रोड बाजार निवासी वसीम उर्फ सोनू ने जल निगम की अटल आवासीय विद्यालय योजना में अफसरों को अपना परिचित बताकर उनसे नौकरी लगवाने की बात की। तेजपाल से प्रति व्यक्ति 1.90 लाख रुपये में सौदा कर लिया गया। इसके बाद तेजपाल ने धर्मेंद्र के खाते में 3.76 लाख और वसीम के खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये उसने पत्नी के जेवरात गिरवीं रखकर जुटाए थे।
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आरोप है कि कई दिनों तक महिला समेत तीनों की जब नौकरी नहीं लगी तो तेजपाल ने वसीम और धर्मेंद्र से संपर्क साधा। धर्मेंद्र ने उन्हें लखनऊ भेज दिया। लखनऊ पहुंचने पर तेजपाल को जल निगम मुख्यालय पर संबंधित अनुभाग का कार्यालय ही नहीं मिला। इसके बाद तेजपाल आरोपियों पर रकम लौटा देने का दबाव डाला तो उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। तस्दीक करने पर उसकी पोल खुल गई। तेजपाल के मुताबिक- दोनों आरोपी रुपये लौटाने के बजाय उसे धमकाना शुरू कर देते हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज विवेचना शुरू कर दी है।
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