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Budaun News: 313 गोशालाएं, फिर भी सड़क पर घूम रहे चार हजार से ज्यादा छुट्टा पशु

Sun, 09 Feb 2025 12:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2025 12:58 AM IST
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313 Gaushalas, yet more than four thousand stray animals are roaming on the streets
शहर में सड़क किनारे बैठे गौवंश। संवाद - फोटो : kathua news
बदायूं। सरकार के तमाम दावों के बाद भी छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। जिले में अब भी करीब चार हजार से ज्यादा छुट्टा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। यह हाल तब है जब जिले में 313 गोआश्रय स्थल हैं और इनमें 30 हजार से ज्यादा गोवंश रखे गए हैं। बावजूद इसके छुट्टा पशु खेत चर जा रहे हैं और लोगों पर हमलावर हो रहे हैं।
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पशु पालन विभाग का दावा है कि प्रदेश में सबसे ज्यादा 313 गोआश्रय स्थल बदायूं में हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी का कहना है कि इनमें 30,687 गोवंश संरक्षित हैं। एक गोआश्रय स्थल का सूरजपुर गांव में निर्माण चल रहा है। किसी भी जिले में इतने गोआश्रय स्थल नहीं हैं। बावजूद इसके जिले में छुट्टा पशुओं की समस्या खत्म नहीं हो रही।
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यह हाल तब है जब करीब 7,186 गोवंशों को पकड़कर ग्रामीणों की सुपुदर्गी में दिया जा चुका है। एक अनुमान के तहत जिले में चार हजार से ज्यादा छुट्टा पशु अब भी सड़कों पर घूम रहे हैं। छुट्टा पशु किसानों की फसलों को चौपट कर रहे हैं। इन दिनों खेतों में गेहूं और सरसों की फसल खड़ी है। सब्जियां भी हो रहीं है। छुट्टा जानवर खेतों में घुसकर फसल चर जा रहे हैं। ऐसे में किसान रात-रात भर जागकर फसल को रखा रहा है।
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गोआश्रय स्थल में 1800 से ज्यादा सांड़ बंद
पशु पालन विभाग का दावा है कि जिले के गोआश्रय स्थल में नंदी (सांड़) को रखने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। मौजूदा समय में जिले में 1800 से ज्यादा नंदी बंद हैं। इसके बाद सड़कों पर करीब 500 से ज्यादा छुट्टा घूम रहे हैं। इन सांड़ों से अब लोगों की जान को खतरा हो रहा है। एक जनवरी से अब तक करीब चार लोगों की जिले में सांड़ के हमले में मौत हो चुकी हैं।



छुट्टा पशुओं को रखने के लिए जिले में चार नए गोआश्रय स्थल और बनाए जाएंगे। जिले में अब तक 313 गोआश्रय स्थलों में करीब 30 हजार से ज्यादा गोवंश हैं।- समदर्शी सरोज, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

शहर में सड़क किनारे बैठे गौवंश। संवाद

शहर में सड़क किनारे बैठे गौवंश। संवाद- फोटो : kathua news

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