फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   26.15 Crore spent: Pure drinking water not found

26.15 करोड़ खर्च: मयस्सर नहीं हुआ शुद्ध पेयजल

Sun, 26 Mar 2017 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं। Updated Sun, 26 Mar 2017 12:38 AM IST
विज्ञापन
26.15 Crore spent: Pure drinking water not found
- जिले में 16 बड़े गांवों में शुरू की गई थी पेयजल सप्लाई
विज्ञापन

- राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के तहत हुआ था काम

राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के तहत 26.15 करोड़ रुपये की ग्रामीण पाइप्ड पेयजल योजना का लोगों को लाभ नहीं मिल रहा। मोटा बजट खर्च होने के बाद भी जिले के 16 बड़े गांवों में शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं हो सका है। ग्राम पंचायतें परियोजना का रख-रखाव सही ढंग से नहीं कर सकीं। इसके चलते कई गांवों में नलकूप बंद पड़े हैं। गांवों में पाइप्ड लाइन के जरिये शुद्ध पेयजल सप्लाई का सपना टूटता नजर आ रहा है।
केंद्र सरकार ने जिले के 16 बड़े गांवों (जिनकी आबादी 10 हजार से ज्यादा थी) को राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के तहत पाइप्ड लाइन के जरिये पेयजल सप्लाई को चुना था। 26.15 करोड़ रुपये की लागत से इन गांवों में ओवरहैड टैंक, नलकूप, पंप हाउस और विद्युत कनेक्शन का काम कराया गया। नलकूप और ओवरहैड टैंक का रख-रखाव और इसके जरिये पेयजल सप्लाई का जिम्मा संबंधित ग्राम पंचायतों को दिया गया। काम पूरा करने के बाद जल निगम ने ओवरहैड टैंक, नलकूप और पंप हाउस ग्राम पंचायतों के हैंड ओवर कर दिए। कई नलकूप पर ग्राम पंचायतें ऑपरेटर की तैनाती ही नहीं कर सकीं। कुछ जगहों पर अनुभवहीन ऑपरेटर तैनात किए जाने की वजह से नलकूप तकनीकी खराबी से बंद हो गए। 
विज्ञापन

ऐसे में गांवों में पाइप्ड लाइन के जरिये शुद्ध पेयजल की सप्लाई का सपना पूरा नहीं हो सका। 26.05 करोड़ रुपये की लागत से जिले के 16 बड़े गांवों में पाइप्ड लाइन के जरिये पेयजल सप्लाई पटरी से उतर गई है। इन गांवों के लोगों को इस गर्मी भी शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


योजना पर कहां कितना खर्च (लाख में)
शेखूपुर-303.79, बगरैन-153.06, खंडुआ-176.06, डहरपुर कलां-156.05, दहगवां-197.36, जगत-168.40, सिरतौल-106.41, सतेती पट्टी गजा-88.74, पुसगवां-125.51, पुठी सराय-117.15, रमजानपुर-190.86, खेड़ा बुजुर्ग-215.82, आरिफपुर नवादा-179.91, आसफपुर-142.98, रसूलपुर कलां-146.66, नछला शर्की-146.55


काम पूरा करने के बाद परियोजना को ग्राम पंचायतों के हैंडओवर कर दिया गया था। इसका रख-रखाव और संचालन ग्राम पंचायतों को करना था। कुछ ग्राम पंचायतों के नलकूप ऑपरेटर तैनात नहीं किए। कुछ स्थानों पर अनुभवहीन ऑपरेटर होने की वजह से तकनीकी खराबी से नलकूप ठप हो गए।
- एके गुप्ता, अधिशासी अभियंता-जल निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed