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243 करोड़ मिलें तो पूरी हो मेडिकल कॉलेज की इमारत
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Tue, 07 Mar 2017 11:33 PM IST
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college
- फोटो : amar ujala
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जल्द मान्यता मिलने की उम्मीद कम
राजकीय मेडिकल कॉलेज को जल्द मान्यता मिलती नजर नहीं आ रही है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने फैकल्टी अधूरी होने के साथ मेडिकल कॉलेज के अधूरे भवन पर भी सवाल उठाए थे। फिलहाल मेडिकल कॉलेज की इमारत पूरी होती नजर नहीं आ रही। इसकी एक वजह बजट की कमी है। 543 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेज के भवन के लिए अब भी 243 करोड़ का बजट मिलना बाकी है।
मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ 20 दिसंबर 2014 को बदायूं में राजकीय मेडिकल कॉलेज की नींव रखी थी। 543 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट के लिए अब तक शासन 300 करोड़ रुपये जारी कर चुका है। अक्तूबर 2016 में ओपीडी भी चालू कर दी गई। अब तक इमरजेंसी सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। मुख्यमंत्री की मंशा थी कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मेडिकल कॉलेज को एमसीआई से हरी झंडी मिल जाए। एमसीआई की आठ सदस्यों की टीम ने दिसंबर 2016 में मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। फैकल्टी के साथ भवन पूरा न होने की वजह से एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज को मान्यता से इंकार कर दिया।
मेडिकल कॉलेज को एमसीआई से मान्यता लेने के लिए पहले भवन का निर्माण पूरा करना होगा। भवन निर्माण के मद में अब तक शासन से 243 करोड़ रुपये का बजट जारी होना बाकी है। वह कब मिलेगी, स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में फिलहाल बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज को जल्द मान्यता मिलती नजर नहीं आ रही।
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20 करोड़ से चिकित्सा उपकरणों की खरीद शुरू
बदायूं। आगरा मेडिकल कॉलेज ने बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए चिकित्सा उपकरणों की खरीद शुरू कर दी है। मेडिकल कॉलेज के लिए उपकरणों की खरीद के लिए शासन ने चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ही बजट जारी कर दिया था।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी पहले ही शुरू हो चुकी है। इमरजेंसी सेवाएं चालू होनी बाकी हैं। फैकल्टी को पूरा करने के लिए इमरजेंसी सेवाएं जरूरी हैं। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए शासन ने अक्तूबर 2016 में 20 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था। उपकरणों की खरीद का जिम्मा आगरा मेडिकल कॉलेज को बतौर नोडल दिया गया था। आगरा मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा उपकरणों की खरीद शुरू कर दी है।
एमसीआई ने भवन निर्माण पूरा न होने की वजह से मान्यता से इंकार किया है। शासन से भवन निर्माण को 243 करोड़ का बजट मिलना बाकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए चिकित्सा उपकरणों की खरीद शुरू कर दी गई है। भवन निर्माण का बजट अब नई सरकार आने के बाद ही जारी होगा।
-डॉ. नीरज यादव, नोडल अधिकारी राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूं
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राजकीय मेडिकल कॉलेज को जल्द मान्यता मिलती नजर नहीं आ रही है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने फैकल्टी अधूरी होने के साथ मेडिकल कॉलेज के अधूरे भवन पर भी सवाल उठाए थे। फिलहाल मेडिकल कॉलेज की इमारत पूरी होती नजर नहीं आ रही। इसकी एक वजह बजट की कमी है। 543 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेज के भवन के लिए अब भी 243 करोड़ का बजट मिलना बाकी है।
मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ 20 दिसंबर 2014 को बदायूं में राजकीय मेडिकल कॉलेज की नींव रखी थी। 543 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट के लिए अब तक शासन 300 करोड़ रुपये जारी कर चुका है। अक्तूबर 2016 में ओपीडी भी चालू कर दी गई। अब तक इमरजेंसी सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। मुख्यमंत्री की मंशा थी कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मेडिकल कॉलेज को एमसीआई से हरी झंडी मिल जाए। एमसीआई की आठ सदस्यों की टीम ने दिसंबर 2016 में मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। फैकल्टी के साथ भवन पूरा न होने की वजह से एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज को मान्यता से इंकार कर दिया।
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मेडिकल कॉलेज को एमसीआई से मान्यता लेने के लिए पहले भवन का निर्माण पूरा करना होगा। भवन निर्माण के मद में अब तक शासन से 243 करोड़ रुपये का बजट जारी होना बाकी है। वह कब मिलेगी, स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में फिलहाल बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज को जल्द मान्यता मिलती नजर नहीं आ रही।
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20 करोड़ से चिकित्सा उपकरणों की खरीद शुरू
बदायूं। आगरा मेडिकल कॉलेज ने बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए चिकित्सा उपकरणों की खरीद शुरू कर दी है। मेडिकल कॉलेज के लिए उपकरणों की खरीद के लिए शासन ने चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ही बजट जारी कर दिया था।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी पहले ही शुरू हो चुकी है। इमरजेंसी सेवाएं चालू होनी बाकी हैं। फैकल्टी को पूरा करने के लिए इमरजेंसी सेवाएं जरूरी हैं। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए शासन ने अक्तूबर 2016 में 20 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था। उपकरणों की खरीद का जिम्मा आगरा मेडिकल कॉलेज को बतौर नोडल दिया गया था। आगरा मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा उपकरणों की खरीद शुरू कर दी है।
एमसीआई ने भवन निर्माण पूरा न होने की वजह से मान्यता से इंकार किया है। शासन से भवन निर्माण को 243 करोड़ का बजट मिलना बाकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए चिकित्सा उपकरणों की खरीद शुरू कर दी गई है। भवन निर्माण का बजट अब नई सरकार आने के बाद ही जारी होगा।
-डॉ. नीरज यादव, नोडल अधिकारी राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूं