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एक जगह जलीं प्रेमी-प्रेमिका की चिताएं
Updated Wed, 14 Mar 2018 08:36 PM IST
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एक जगह जलीं प्रेमी-प्रेमिका की चिताएं
गांव हैवतपुर में प्रेमी युगल के जान देने का मामला: दिनभर हैवतपुर गांव में पसरा रहा सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
बिल्सी। प्रेमी युगल का मंगलवार की रात में एक ही श्मशान भूमि में दाह संस्कार कर दिया गया। हैवतपुर गांव में दो जवान लोगों की मौत से बुधवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। मृतक के घर गांव वाले और रिश्तेदार आते जाते रहे।
कोतवाली क्षेत्र के गांव हैवतपुर में अलग-अलग स्थानों पर प्रेमी युगल के फंदा लगाकर आत्महत्या कर लेने के मामले में पोस्टमार्टम के बाद गांव पंहुचे शवों का देर रात गांव के तालाब पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। किशोरी के शव के गांव पहुंचने के बाद यहां उसका पिता पहुंचा। बिल्सी कोतवाली क्षेत्र के गांव हैवतपुर में सोमवार रात संजीव पुत्र नरेशपाल ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मंगलवार सुबह गांव के बाहर जयपाल के खेत में खड़े आम के पेड़ पर संजीव का शव लटका मिला। उसका गांव की एक किशोरी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। संजीव की मौत का पता चलने पर उसकी प्रेमिका ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी मौत का पता तब चला जब उसकी मां संजीव की लाश देखने के बाद घर पहुंची। सूचना मिलने पर पहुंची बिल्सी पुलिस ने दोनों के शव कब्जे लेकर पोस्टमार्टम कराया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद रात दोनों के शव गांव ले जाए गए। जहां पहले किशोरी के शव का गांव के बाहर तालाब किनारे श्मशान भूमि में दाह संस्कार किया गया। उसे पिता ने मुखग्नि दी। संजीव का शव करीब एक घंटे बहन के इंतजार में रखा रहा। बहन के अंतिम बार देखने के बाद तालाब किनारे स्थित श्मशान भूमि में दाह संस्कार किया गया। बड़े भाई नीरज ने मुखाग्नि दी।
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लोगों के सवालों से बचने को देर से पहुंचा पिता
तीन दिन पहले पिता किशोरी की शादी के लिए लड़का देखने के लिए गए थे। सोमवार को किशोरी के आत्महत्या कर लेने की सूचना मिलने के बावजूद उसके पिता पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे। मन में लज्जा थी कि बेटी की करतूत को लेकर वह किस-किस के सवालों का जवाब देंगे। किशोरी का शव पहुंचने के बाद रात में पिता घर पहुंचे। उस वक्त भी वह लोगों से नजर नहीं मिला पा रहे थे।
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गांव हैवतपुर में प्रेमी युगल के जान देने का मामला: दिनभर हैवतपुर गांव में पसरा रहा सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
बिल्सी। प्रेमी युगल का मंगलवार की रात में एक ही श्मशान भूमि में दाह संस्कार कर दिया गया। हैवतपुर गांव में दो जवान लोगों की मौत से बुधवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। मृतक के घर गांव वाले और रिश्तेदार आते जाते रहे।
कोतवाली क्षेत्र के गांव हैवतपुर में अलग-अलग स्थानों पर प्रेमी युगल के फंदा लगाकर आत्महत्या कर लेने के मामले में पोस्टमार्टम के बाद गांव पंहुचे शवों का देर रात गांव के तालाब पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। किशोरी के शव के गांव पहुंचने के बाद यहां उसका पिता पहुंचा। बिल्सी कोतवाली क्षेत्र के गांव हैवतपुर में सोमवार रात संजीव पुत्र नरेशपाल ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मंगलवार सुबह गांव के बाहर जयपाल के खेत में खड़े आम के पेड़ पर संजीव का शव लटका मिला। उसका गांव की एक किशोरी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। संजीव की मौत का पता चलने पर उसकी प्रेमिका ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी मौत का पता तब चला जब उसकी मां संजीव की लाश देखने के बाद घर पहुंची। सूचना मिलने पर पहुंची बिल्सी पुलिस ने दोनों के शव कब्जे लेकर पोस्टमार्टम कराया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद रात दोनों के शव गांव ले जाए गए। जहां पहले किशोरी के शव का गांव के बाहर तालाब किनारे श्मशान भूमि में दाह संस्कार किया गया। उसे पिता ने मुखग्नि दी। संजीव का शव करीब एक घंटे बहन के इंतजार में रखा रहा। बहन के अंतिम बार देखने के बाद तालाब किनारे स्थित श्मशान भूमि में दाह संस्कार किया गया। बड़े भाई नीरज ने मुखाग्नि दी।
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लोगों के सवालों से बचने को देर से पहुंचा पिता
तीन दिन पहले पिता किशोरी की शादी के लिए लड़का देखने के लिए गए थे। सोमवार को किशोरी के आत्महत्या कर लेने की सूचना मिलने के बावजूद उसके पिता पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे। मन में लज्जा थी कि बेटी की करतूत को लेकर वह किस-किस के सवालों का जवाब देंगे। किशोरी का शव पहुंचने के बाद रात में पिता घर पहुंचे। उस वक्त भी वह लोगों से नजर नहीं मिला पा रहे थे।
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