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.और अपनो को मनाने में जुटे भाजपाई
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:17 PM IST
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पंचायत उपचुनाव स्थगित
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बदायूं। नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने शुक्रवार को भी प्रत्याशियों के नामों का एलान नहीं किया। सूत्रों की माने तो भाजपा ने जिन उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं उनको लेकर पार्टी में भितरघात की स्थिति बनने की आशंका है। इसे दूर करने के लिए प्रदेश में बैठे पदाधिकारी प्रमुख दावेदारों को मनाने की कोशिश में हैं।
उधर, शुक्रवार देर शाम तक प्रत्याशियों के नामों की घोषणा न होने पर जिले के नेता भी हैरत में हैं।
भाजपा अपने पत्ते खोलने में देरी कर रही है। इसको लेकर निकाय चुनाव के दावेदारों की धड़कन बढ़ती जा रही है। नामांकन की अंतिम तारीख में मात्र तीन दिन ही शेष बचे हैं। क्योंकि जिलास्तर के पदाधिकारियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की सूची बनाकर पर शीर्ष नेताओं केे पास भेज दी है। मगर वहां से अब तक सूची जारी न किए जाने पर जिले के पदाधिकारी हैरान है।
सूत्रों की माने तो भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट तो फाइनल कर ली है, लेकिन पार्टी के शीर्ष स्तर के नेताओं में प्रत्याशियों को लेकर आपसी सहमति नहीं बन पाई है। टिकट न मिलने पर कुछ प्रमुख दावेदारों के पार्टी से नाराज होने का अंदेशा है, जो चुनाव में भितरघात कर सकते हैं। इस वजह से लिस्ट बनने के बाद भी जारी नहीं की गई है। लखनऊ में बैठे नेता आपसी सहमति और रूठने वाले दावेदारों को मनाने की कोशिश में हैं। हालांकि अभी बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों की सूची भी जारी नहीं की गई है।
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उधर, शुक्रवार देर शाम तक प्रत्याशियों के नामों की घोषणा न होने पर जिले के नेता भी हैरत में हैं।
भाजपा अपने पत्ते खोलने में देरी कर रही है। इसको लेकर निकाय चुनाव के दावेदारों की धड़कन बढ़ती जा रही है। नामांकन की अंतिम तारीख में मात्र तीन दिन ही शेष बचे हैं। क्योंकि जिलास्तर के पदाधिकारियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की सूची बनाकर पर शीर्ष नेताओं केे पास भेज दी है। मगर वहां से अब तक सूची जारी न किए जाने पर जिले के पदाधिकारी हैरान है।
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सूत्रों की माने तो भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट तो फाइनल कर ली है, लेकिन पार्टी के शीर्ष स्तर के नेताओं में प्रत्याशियों को लेकर आपसी सहमति नहीं बन पाई है। टिकट न मिलने पर कुछ प्रमुख दावेदारों के पार्टी से नाराज होने का अंदेशा है, जो चुनाव में भितरघात कर सकते हैं। इस वजह से लिस्ट बनने के बाद भी जारी नहीं की गई है। लखनऊ में बैठे नेता आपसी सहमति और रूठने वाले दावेदारों को मनाने की कोशिश में हैं। हालांकि अभी बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों की सूची भी जारी नहीं की गई है।
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