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यहां तो मजबूरी है मोहल्ले वालों की गंदगी के बीच रहना
Updated Sun, 18 Jun 2017 09:23 PM IST
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बदायूं। शहर के वार्ड नंबर सात के रहने वाले बाशिंदे गंदगी के बीच रहने को मजबूर है। बरसात के मोहल्ले में अधिकांश गलियां गंदे पानी में तब्दील हो जाती है। ऐसे में मोहल्ले वालों को भी अब डर सताने लगा है कि जलभराव से कोई संकट खड़ा न हो जाए। स्थानीय निवासी बताते है कि सफाई कर्मचारियों का कुछ पता नहीं रहता है, कभी आते है तो कभी नहीं। बरसात का मौसम आ गया है वार्ड की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है, जगह-जगह कूढे़ के ढेर लगे है, नालियां चोक पड़ी है नगर पालिका के कर्मचारियों को इसकी जानकारी भी है फिर भी खानापूर्ति कर काम हो रहा है। साफ-सफाई के नाम पर सभी व्यवस्थाएं चौपट हैं, वहीं नगर पालिका चेयरमैन फात्मा रजा दावा करती आई हैं कि उनके क्षेत्र के सभी वार्डों में साफ-सफाई, नालियों की मरम्मत का काम सुचारु रूप से होता आया है, लेकिन जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर और रोड पर भरा पानी बदइंतजामी साबित कर रहा था। नगरपालिका अधिकारी बताते हैं कि सफाई कर्मचारी सुबह से शाम तक वार्ड की सफाई में लगे रहते है, फिर भी इस वार्ड के हालत जस के तस बने हुए है। मानों महीनों से सफाई नहीं हुई है।
करीब आठ हजार आबादी वाले इस वार्ड में लगभग 4300 वोटर है और करीब 20 गलियां है। जोगीपुरा, चौधरीगंज, खंसारी महोल्ला, तहसील रोड, खैराती चौराहा आदि वार्ड नं-7 में आते है। कुछ सड़कों की स्थिति इतनी बुरी है कि मानों सालों से वह साफ-सफाई और मरमम्त का काम हीं नहीं हुआ होगा। स्थानीय लोगों का कहना था कि सड़के टूटी हुई है, जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे है, नालियां पूरी तरह चौक है मानसून करीब है और सफाई का पता नहीं है। नाले-नालियां चौक होने से रोड जलमग्न हो जाता है। पिछले कई महीनों से बिजली वालों ने तार डालने के लिए खोदे गए गड्ढे खुले छोड़ रखे है, हादसे होने के बाद भी इस पर किसी का ध्यान नहीं है।
वार्ड में दिक्कतें
-जोगीपुरा के रहने वाले गुड्डु ने बताया कि हर साल बरसात से मोहल्ले में बाढ जैसी स्थिति हो जाती है, रोड की मरम्मत नहीं है, धूल की वजह से गली से निकलना लोगों का दूबर हो जाता है। छोटी नालियां भी अधिकांश चोक रहती है, सफाई न होने से नाली का गंदा पानी घर में आता है जिससे बीमारी फैलने का डर लगा रहता है।
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-हृदेश का कहना था कि लावेला चौके से जोगीपुरा रोड से होते हुए तहसील जाए जो रास्ते में कई जगह कूड़े के ढेर लगे है, सफाई कर्मचारी इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते है। गली से आवागमन करने वालों को दिक्कत का समाना करना पड़ रहा है। छोटे वाहन भी कई बाद इस रोड पर टूटी सड़क होने से हादसे का शिकार हो जाते है।
-तहसील गेट के नजदीक रहने वाले राजीव कहते है कि सुबह से शाम तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का आवागमन होता है फिर भी रोड पर गंदगी बरकरार बनीं हुई। रोड का कचरा भी नालियों में भरा था इसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां सफाई होती भी है होगी या नहीं।
स्थानीय लोगों की बात
कर्मचारी दिखाई नहीं देते
खैराती चौक पर जूते-चप्पलों की दुकान वाले गुड्डू ने बताया कि महीनों से सफाई कर्मचारी की शक्ल देखने की नहीं मिली। वह खुद ही दुकान के बाहर साफ-सफाई करते है। कूड़े का ढेर लगने पर उसे जलाना पड़ता है। नगरपालिका में शिकायत के बाद भी कोई असर देखने को नहीं मिला है।
खानापूर्ति करते है सफाई कर्मचारी
खंसारी मोहल्ले में दुकान चलाने वाले आमिर ने बताया कि सफाई कर्मचारी काम के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करके चलते है। रोड पर हमेशा कूड़े का ढेर लगा रहता है। दुकान पर आने वाले ग्राहकों को भी गंदगी के ढेर जमे होने से दिक्कत होती है। शिकायत के बाद भी सभासद ध्यान नहीं देते।
मानसून करीब है नालियां पड़ी है बंद
प्रवीन कुमार बताते है कि मानसून करीब है, नाला और नालियों की सफाई के लिए वह कई बार नगर पालिका के कर्मचारियों से बात कर चुकें है, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। बरसात शुरू होते ही गंदा पानी घरों में घुसने लगेगा, जिससे बीमारी फैलने का डर बना हुआ है।
सफाई नहीं करना चाहते कर्मचारी
स्थानीय निवासी मोहम्मद शरीफ ने बताया कि सुबह सफाई कर्मचारी कचड़ा एकत्र कर चला जाता है। नाली साफ करने में वह मनमानी करता है। आए दिन नाली सफाई को लेकर मोहल्ले वालों से उसकी लड़ाई होती रहती है। सभासद से सफाई कर्मचारी की शिकायत भी की गई है फिर भी नाली सफाई नहीं हो सकी है।
एक महीने से रोड पर पड़ा है बिजली का तार
खैराती चौक निवासी फुरकान ने बताया कि ठेकेदार ने अंडरग्राउंड बिजली के तार डाले थे, एक महीने बाद भी अधूरा पड़ा काम पूरा नहीं किया जा सका है। रोड पर तार फैला हुआ है। तहसील जाने वाले अधिकारी और पुलिस वाले देखकर भी इसे अनदेखा कर देते है। कई बाइक सवार हादसे का शिकार भी हो चुके है। सभासद भी इस पर गौर नहीं करते है।
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सभी वार्डो में नियमित रुप से साफ-साफाई हो रही है, मैं खुद वार्डो में निगरानी रखा हुआ हूं। सफाई कर्मचारी सुबह रोड पर झाडूूं लगाकर कचरा भर ले जाते है। जिन सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है मानसून आने से पहले उनकी मरम्मत और चोक नालों की सफाई हो जाएगी।
- जुबेर, नगरपालिका सभासद वार्ड नं0 -7
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करीब आठ हजार आबादी वाले इस वार्ड में लगभग 4300 वोटर है और करीब 20 गलियां है। जोगीपुरा, चौधरीगंज, खंसारी महोल्ला, तहसील रोड, खैराती चौराहा आदि वार्ड नं-7 में आते है। कुछ सड़कों की स्थिति इतनी बुरी है कि मानों सालों से वह साफ-सफाई और मरमम्त का काम हीं नहीं हुआ होगा। स्थानीय लोगों का कहना था कि सड़के टूटी हुई है, जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे है, नालियां पूरी तरह चौक है मानसून करीब है और सफाई का पता नहीं है। नाले-नालियां चौक होने से रोड जलमग्न हो जाता है। पिछले कई महीनों से बिजली वालों ने तार डालने के लिए खोदे गए गड्ढे खुले छोड़ रखे है, हादसे होने के बाद भी इस पर किसी का ध्यान नहीं है।
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वार्ड में दिक्कतें
-जोगीपुरा के रहने वाले गुड्डु ने बताया कि हर साल बरसात से मोहल्ले में बाढ जैसी स्थिति हो जाती है, रोड की मरम्मत नहीं है, धूल की वजह से गली से निकलना लोगों का दूबर हो जाता है। छोटी नालियां भी अधिकांश चोक रहती है, सफाई न होने से नाली का गंदा पानी घर में आता है जिससे बीमारी फैलने का डर लगा रहता है।
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-हृदेश का कहना था कि लावेला चौके से जोगीपुरा रोड से होते हुए तहसील जाए जो रास्ते में कई जगह कूड़े के ढेर लगे है, सफाई कर्मचारी इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते है। गली से आवागमन करने वालों को दिक्कत का समाना करना पड़ रहा है। छोटे वाहन भी कई बाद इस रोड पर टूटी सड़क होने से हादसे का शिकार हो जाते है।
-तहसील गेट के नजदीक रहने वाले राजीव कहते है कि सुबह से शाम तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का आवागमन होता है फिर भी रोड पर गंदगी बरकरार बनीं हुई। रोड का कचरा भी नालियों में भरा था इसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां सफाई होती भी है होगी या नहीं।
स्थानीय लोगों की बात
कर्मचारी दिखाई नहीं देते
खैराती चौक पर जूते-चप्पलों की दुकान वाले गुड्डू ने बताया कि महीनों से सफाई कर्मचारी की शक्ल देखने की नहीं मिली। वह खुद ही दुकान के बाहर साफ-सफाई करते है। कूड़े का ढेर लगने पर उसे जलाना पड़ता है। नगरपालिका में शिकायत के बाद भी कोई असर देखने को नहीं मिला है।
खानापूर्ति करते है सफाई कर्मचारी
खंसारी मोहल्ले में दुकान चलाने वाले आमिर ने बताया कि सफाई कर्मचारी काम के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करके चलते है। रोड पर हमेशा कूड़े का ढेर लगा रहता है। दुकान पर आने वाले ग्राहकों को भी गंदगी के ढेर जमे होने से दिक्कत होती है। शिकायत के बाद भी सभासद ध्यान नहीं देते।
मानसून करीब है नालियां पड़ी है बंद
प्रवीन कुमार बताते है कि मानसून करीब है, नाला और नालियों की सफाई के लिए वह कई बार नगर पालिका के कर्मचारियों से बात कर चुकें है, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। बरसात शुरू होते ही गंदा पानी घरों में घुसने लगेगा, जिससे बीमारी फैलने का डर बना हुआ है।
सफाई नहीं करना चाहते कर्मचारी
स्थानीय निवासी मोहम्मद शरीफ ने बताया कि सुबह सफाई कर्मचारी कचड़ा एकत्र कर चला जाता है। नाली साफ करने में वह मनमानी करता है। आए दिन नाली सफाई को लेकर मोहल्ले वालों से उसकी लड़ाई होती रहती है। सभासद से सफाई कर्मचारी की शिकायत भी की गई है फिर भी नाली सफाई नहीं हो सकी है।
एक महीने से रोड पर पड़ा है बिजली का तार
खैराती चौक निवासी फुरकान ने बताया कि ठेकेदार ने अंडरग्राउंड बिजली के तार डाले थे, एक महीने बाद भी अधूरा पड़ा काम पूरा नहीं किया जा सका है। रोड पर तार फैला हुआ है। तहसील जाने वाले अधिकारी और पुलिस वाले देखकर भी इसे अनदेखा कर देते है। कई बाइक सवार हादसे का शिकार भी हो चुके है। सभासद भी इस पर गौर नहीं करते है।
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सभी वार्डो में नियमित रुप से साफ-साफाई हो रही है, मैं खुद वार्डो में निगरानी रखा हुआ हूं। सफाई कर्मचारी सुबह रोड पर झाडूूं लगाकर कचरा भर ले जाते है। जिन सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है मानसून आने से पहले उनकी मरम्मत और चोक नालों की सफाई हो जाएगी।
- जुबेर, नगरपालिका सभासद वार्ड नं0 -7