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Budaun News: जिला अस्पताल में कफ सिरप की 191 बोतलें मिलीं, वितरण पर रोक
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जिला अस्पताल के मुख्य स्टोर से कप सिरप का सैंपल लेते औषधि निरीक्षक। स्रोत विभाग
बदायूं। प्रदेश सरकार की ओर से श्रीसन फार्म कफ सिरप पर बैन लगाने के बाद में सोमवार को औषधि निरीक्षक ने जिला अस्पताल में निरीक्षण किया। अस्पताल की फार्मेसी में कफ सिरप की 191 बोतल मिलीं। इसका सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिया। बताया कि रिपोर्ट आने तक इन सिरप के वितरण पर रोक लगा दी गई है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। दोनों राज्यों में श्रीसन फार्म कफ सिरप पीने से कई बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। उसमें से कुछ की मौत भी हो गई। इस घटना के बाद प्रदेशभर में ऐसे दवाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सोमवार को औषधि निरीक्षक लवकुश ने जिला अस्पताल के फार्मेसी का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान सेंटलाइफ फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड देहरादून की कंपनी के 191 बोतलें कफ सिरप की मिलीं। निरीक्षक ने सिरप के दोनों बैचों की एक-एक बोतल को जांच के लिए राज्य औषध परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया है। बताया कि फिलहाल सभी बैचों का वितरण रोक दिया गया है। जब तक लैब की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक यह सिरप किसी भी मरीज को नहीं दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर जांच रिपोर्ट में दवा असुरक्षित पाई जाती है तो संबंधित कंपनी और वितरक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सरकारी अस्पतालों में नहीं मिलेगा कप सिरफ
-प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद अब सरकारी अस्पताल में कफ सिरप नहीं मिलेगा। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ जाएगी। खास तौर पर छोटे बच्चों के लिए यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। सरकारी अस्पताल से कप सिरप के वितरण पर रोक लगने के बाद में मेडिकल स्टोर संचालकों ने इसे हटना शुरू कर दिया है।
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वर्जन--
-प्रमुख सचिव से जो निर्देश मिले हैं, उसी क्रम में कप सिरप की जांच की जा रही है। जिला अस्पताल में बने मुख्य स्टोर की जांच की। वहां पर 191 कफ सिरप मिले। फिलहाल उनके वितरण पर रोक लगा दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद में कार्रवाई की जाएगी। - लवकुश, औषधि निरीक्षक
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मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। दोनों राज्यों में श्रीसन फार्म कफ सिरप पीने से कई बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। उसमें से कुछ की मौत भी हो गई। इस घटना के बाद प्रदेशभर में ऐसे दवाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सोमवार को औषधि निरीक्षक लवकुश ने जिला अस्पताल के फार्मेसी का निरीक्षण किया।
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जांच के दौरान सेंटलाइफ फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड देहरादून की कंपनी के 191 बोतलें कफ सिरप की मिलीं। निरीक्षक ने सिरप के दोनों बैचों की एक-एक बोतल को जांच के लिए राज्य औषध परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया है। बताया कि फिलहाल सभी बैचों का वितरण रोक दिया गया है। जब तक लैब की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक यह सिरप किसी भी मरीज को नहीं दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर जांच रिपोर्ट में दवा असुरक्षित पाई जाती है तो संबंधित कंपनी और वितरक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सरकारी अस्पतालों में नहीं मिलेगा कप सिरफ
-प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद अब सरकारी अस्पताल में कफ सिरप नहीं मिलेगा। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ जाएगी। खास तौर पर छोटे बच्चों के लिए यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। सरकारी अस्पताल से कप सिरप के वितरण पर रोक लगने के बाद में मेडिकल स्टोर संचालकों ने इसे हटना शुरू कर दिया है।
वर्जन
-प्रमुख सचिव से जो निर्देश मिले हैं, उसी क्रम में कप सिरप की जांच की जा रही है। जिला अस्पताल में बने मुख्य स्टोर की जांच की। वहां पर 191 कफ सिरप मिले। फिलहाल उनके वितरण पर रोक लगा दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद में कार्रवाई की जाएगी। - लवकुश, औषधि निरीक्षक