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153 रेल चालकों की कमी से जूझ रहा इज्जतनगर मंडल
ब्यूरो /बदायूं
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:21 PM IST
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चालकों की कमी से जूझ रहा इज्जतनगर मंडल
- फोटो : बदायूं/उत्ततर प्रदेश्ा
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एनई रेलवे के मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी ने मथुरा से बरेली जंक्शन तक तीन दर्जन पैसेंजर ट्रेन और चलाए जाने की मांग की। इस बारे में उन्होंने कहा कि रेल मंत्री और एनईआर के जीएम को अवगत कराएंगे। मंडल में 153 रेल चालकों की कमी है, इससे रेल संचालन प्रभावित हो रहा है, लेकिन रेलवे विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
चतुर्वेदी ने कहा कि इज्जतनगर मंडल में 153 रेल चालकों और 152 सहायकों की कमी है, क्योंकि संरक्षा से प्रतिवर्ष पांच से सात फीसदी कर्मचारियों की कमी होती जा रही है। इससे कर्मचारियों को 12 घंटे से अधिक काम करना पड़ रहा है, रेलवे संरक्षा प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही वेतन संबंधी तमाम मांगों को पूरा किए जाने के लिए होने वाले विरोध प्रदर्शनों के लिए कर्मचारियों से तैयार रहने के लिए कहा है।
मंडल मंत्री कामरान अहमद ने कहा कि बदायूं में करीब 100 से अधिक आवास हैं, जिनकी स्थिति बदतर है। यहीं नहीं, रेलवे की अधिकांश कालोनियां बदहाल हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बुलेट ट्रेन चलाने के लिए सरकार के पास धनराशि है, लेकिन रेलवे की बुनियादी सुविधाओं के लिए खजाना खाली है। इस दौरान रेल कर्मचारियों ने हेल्पर टेक्निीशियन शरद की शिकायत की तो बसंत चतुर्वेदी ने रेलवे के सीनियर डीईई से मामले की शिकायत यहां से हटाए जाने की मांग की। इस मौके पर एसडी शर्मा, जगवीर सिंह यादव, सोमनाथ बनर्जी, बृजभूषण, मीहिर भट्टाचार्य, आनंद कुमार सिंह, स्टेशन अधीक्षक ओपी मीणा, पारस चंद्र प्रवीण, राजीव यादव आदि मौजूद रहे।
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चतुर्वेदी ने कहा कि इज्जतनगर मंडल में 153 रेल चालकों और 152 सहायकों की कमी है, क्योंकि संरक्षा से प्रतिवर्ष पांच से सात फीसदी कर्मचारियों की कमी होती जा रही है। इससे कर्मचारियों को 12 घंटे से अधिक काम करना पड़ रहा है, रेलवे संरक्षा प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही वेतन संबंधी तमाम मांगों को पूरा किए जाने के लिए होने वाले विरोध प्रदर्शनों के लिए कर्मचारियों से तैयार रहने के लिए कहा है।
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मंडल मंत्री कामरान अहमद ने कहा कि बदायूं में करीब 100 से अधिक आवास हैं, जिनकी स्थिति बदतर है। यहीं नहीं, रेलवे की अधिकांश कालोनियां बदहाल हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बुलेट ट्रेन चलाने के लिए सरकार के पास धनराशि है, लेकिन रेलवे की बुनियादी सुविधाओं के लिए खजाना खाली है। इस दौरान रेल कर्मचारियों ने हेल्पर टेक्निीशियन शरद की शिकायत की तो बसंत चतुर्वेदी ने रेलवे के सीनियर डीईई से मामले की शिकायत यहां से हटाए जाने की मांग की। इस मौके पर एसडी शर्मा, जगवीर सिंह यादव, सोमनाथ बनर्जी, बृजभूषण, मीहिर भट्टाचार्य, आनंद कुमार सिंह, स्टेशन अधीक्षक ओपी मीणा, पारस चंद्र प्रवीण, राजीव यादव आदि मौजूद रहे।
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