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चार सदस्यीय टीम पहुंची, खाद घोटाले की जांच शुरू
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बदायूं। दिसंबर 2018 में तीन करोड़ रुपये का खाद घोटाला सामने आया था, जिसमें जिला स्तरीय टीम ने जांच कर पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद एसआईटी ने जांच शुरू कर दी थी। इसी बीच विभाग ने शासन स्तर से इसकी जांच कराने की मांग की थी। इसके चलते गुरुवार को शासन से गठित चार सदस्यीय टीम बदायूं पहुंची और उसने पूरे दिन अभिलेखों की जांच की।
नवंबर-दिसंबर माह के समय में किसानों को सबसे ज्यादा यूरिया की जरूरत होती है। ऐसे में यूरिया नहीं मिलने से किसानों को काफी नुकसान होता है। पिछले साल 2018 में दिसंबर के माह में भी यूरिया का संकट हुआ था। तब कुछ लोगों ने आंशका जताते हुए डीएम दिनेश कुुमार सिंह से पीसीएफ के गोदाम की जांच कराने की मांग की थी। जिस पर डीएम ने कमेटी बनाकर तुरंत जांच करवाई, तो जिले में तीन करोड़ रुपये का खाद घोटाला निकलकर सामने आया। इसके बाद में स्थानीय स्तर पर लगातार इसकी जांच चलती रही। वहीं विभाग ने शासन स्तर से इसकी जांच कराए जाने की मांग की। रिपोर्ट दर्ज होने जाने के बाद में इसकी जांच एसआईटी करने लगी। वहीं गुरुवार को शासन से गठित चार सदस्यीय टीम बदायूं पहुंची, जिसमें क्षेत्रीय प्रबंधक पीसीएफ प्रमोद यादव, अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक सहकारिता बरेली जमुना प्रसाद पांडेय, क्षेत्रीय प्रबंधक इफको आरके वर्मा और कार्यकारी निदेशक पीसीएफ शामिल रहे। उन्होंने इस मामले की जांच शुरू कर दी। टीम ने बारीकी से विभाग के सभी रिकॉर्ड देखे, साथ ही गोदाम के सभी अभिलेखों की जांच की।
टीम के सामने खोला जाएगा बंद गोदाम
शासन से गठित टीम सीलबंद गोदाम खुलवाने के लिए गई थी, जिसे एसडीएम सदर, तहसीलदार सदर व एसआईटी के सामने खुलना था, लेकिन किन्हीं कारणवश गुरुवार को गोदाम नहीं खुल सका। एसडीएम पारसनाथ मौर्य ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जांच को गए थे, लेकिन किसी कारणवश गोदाम नहीं खुल सका। अब गोदाम खुलवाने के बाद जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
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नवंबर-दिसंबर माह के समय में किसानों को सबसे ज्यादा यूरिया की जरूरत होती है। ऐसे में यूरिया नहीं मिलने से किसानों को काफी नुकसान होता है। पिछले साल 2018 में दिसंबर के माह में भी यूरिया का संकट हुआ था। तब कुछ लोगों ने आंशका जताते हुए डीएम दिनेश कुुमार सिंह से पीसीएफ के गोदाम की जांच कराने की मांग की थी। जिस पर डीएम ने कमेटी बनाकर तुरंत जांच करवाई, तो जिले में तीन करोड़ रुपये का खाद घोटाला निकलकर सामने आया। इसके बाद में स्थानीय स्तर पर लगातार इसकी जांच चलती रही। वहीं विभाग ने शासन स्तर से इसकी जांच कराए जाने की मांग की। रिपोर्ट दर्ज होने जाने के बाद में इसकी जांच एसआईटी करने लगी। वहीं गुरुवार को शासन से गठित चार सदस्यीय टीम बदायूं पहुंची, जिसमें क्षेत्रीय प्रबंधक पीसीएफ प्रमोद यादव, अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक सहकारिता बरेली जमुना प्रसाद पांडेय, क्षेत्रीय प्रबंधक इफको आरके वर्मा और कार्यकारी निदेशक पीसीएफ शामिल रहे। उन्होंने इस मामले की जांच शुरू कर दी। टीम ने बारीकी से विभाग के सभी रिकॉर्ड देखे, साथ ही गोदाम के सभी अभिलेखों की जांच की।
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टीम के सामने खोला जाएगा बंद गोदाम
शासन से गठित टीम सीलबंद गोदाम खुलवाने के लिए गई थी, जिसे एसडीएम सदर, तहसीलदार सदर व एसआईटी के सामने खुलना था, लेकिन किन्हीं कारणवश गुरुवार को गोदाम नहीं खुल सका। एसडीएम पारसनाथ मौर्य ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जांच को गए थे, लेकिन किसी कारणवश गोदाम नहीं खुल सका। अब गोदाम खुलवाने के बाद जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
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