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बाजरा और धान की फसल चौपट, किसान परेशान
Updated Tue, 10 Oct 2017 01:19 AM IST
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फसल नष्ट
- फोटो : अमर उजाला
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पिछले माह बारिश की वजह से बाजरा और धान की फसल को काफी नुकसान हुआ। परेशान किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। किसानों का कहना है कि इस बार बाजरा की फसल में दाना पड़ने के समय ही बारिश और हवा चल गई। इससे फूल झड़ गया जिसकी वजह से फसल को काफी नुकसान हुआ है। वहीं धान की फसल में करीब 80 प्रतिशत नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है, कि वे लगातार मुआवजे के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। धनतेरस, दिवाली और भैया दूज नजदीक है। आलम यह है कि नुकसान की वजह से किसान त्योहार भी ढंग से नहीं मना पाएंगे।
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जनमंच कार्यकर्ताओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
फसल के मुआवजे को लेकर डीएम कार्यालय का घेराव कर जनमंच कार्यकर्ताओें ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले माह हुई बारिश की वजह से किसानों की बाजरा, धान और गन्ने की फसल को काफी नुकसान हुआ है। जनमंच के लोगों का कहना है कि फसल बर्बादी के सर्वे और मुआवजा दिलाए जाने के अलावा, जिले के सभी किसानों का कर्जा माफ किया जाए। इससे कुछ राहत मिलेगी।
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किसानों का दर्द
कुलचौरा गांव निवासी महीपाल ने बताया कि उनके तीन एकड़ बाजरे की फसल बिल्कुल जमीन पर गिर गई। इससे फसल का काफी नुकसान हुआ है। इन हालात में फसल की लागत भी नहीं निकल पा रही है।
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बरचऊ निवासी अनेश पाल ने बताया कि उनकी 20 बीघा बाजरा और पांच बीघा धान की फसल बारिश की वजह से नष्ट हो गई। नुकसान होने की वजह से बच्चों का पेट पालना मुश्किल है।
किसान आसाराम ने बताया कि बाजरा और धान की फसल में अधिक नुकसान हुआ है। ऐसे में किसान परेशान है। प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
कुंडेली अब्दुल्लागंज के राम रहीस ने बताया कि ऐसे हालात में किसानों को त्योहार सही से मना पाना मुश्किल है। फसल चौपट हो चुकी है। लगातार कहने के बाद भी अधिकारी सर्वे नहीं करा रहे हैं।
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फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान है। किसान की फसल नष्ट हुई है, तो गांव में 50 प्रतिशत से कम की औसत आता है, तो उसके खाते में खुद ही पैसा चला जाएगा। इसका आकलन क्राप कटिंग के माध्यम से किया जाता है।
-विनोद कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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पिछले माह बारिश की वजह से बाजरा और धान की फसल को काफी नुकसान हुआ। परेशान किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। किसानों का कहना है कि इस बार बाजरा की फसल में दाना पड़ने के समय ही बारिश और हवा चल गई। इससे फूल झड़ गया जिसकी वजह से फसल को काफी नुकसान हुआ है। वहीं धान की फसल में करीब 80 प्रतिशत नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है, कि वे लगातार मुआवजे के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। धनतेरस, दिवाली और भैया दूज नजदीक है। आलम यह है कि नुकसान की वजह से किसान त्योहार भी ढंग से नहीं मना पाएंगे।
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जनमंच कार्यकर्ताओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
फसल के मुआवजे को लेकर डीएम कार्यालय का घेराव कर जनमंच कार्यकर्ताओें ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले माह हुई बारिश की वजह से किसानों की बाजरा, धान और गन्ने की फसल को काफी नुकसान हुआ है। जनमंच के लोगों का कहना है कि फसल बर्बादी के सर्वे और मुआवजा दिलाए जाने के अलावा, जिले के सभी किसानों का कर्जा माफ किया जाए। इससे कुछ राहत मिलेगी।
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किसानों का दर्द
कुलचौरा गांव निवासी महीपाल ने बताया कि उनके तीन एकड़ बाजरे की फसल बिल्कुल जमीन पर गिर गई। इससे फसल का काफी नुकसान हुआ है। इन हालात में फसल की लागत भी नहीं निकल पा रही है।
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बरचऊ निवासी अनेश पाल ने बताया कि उनकी 20 बीघा बाजरा और पांच बीघा धान की फसल बारिश की वजह से नष्ट हो गई। नुकसान होने की वजह से बच्चों का पेट पालना मुश्किल है।
किसान आसाराम ने बताया कि बाजरा और धान की फसल में अधिक नुकसान हुआ है। ऐसे में किसान परेशान है। प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
कुंडेली अब्दुल्लागंज के राम रहीस ने बताया कि ऐसे हालात में किसानों को त्योहार सही से मना पाना मुश्किल है। फसल चौपट हो चुकी है। लगातार कहने के बाद भी अधिकारी सर्वे नहीं करा रहे हैं।
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फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान है। किसान की फसल नष्ट हुई है, तो गांव में 50 प्रतिशत से कम की औसत आता है, तो उसके खाते में खुद ही पैसा चला जाएगा। इसका आकलन क्राप कटिंग के माध्यम से किया जाता है।
-विनोद कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी