{"_id":"5bae583b867a557f24049373","slug":"131538152507-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभी तक नहीं हो पायी सामूहिक शादी की शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभी तक नहीं हो पायी सामूहिक शादी की शुरुआत
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस सत्र में अब तक नहीं
हो पाईं सामूहिक शादियां
आधा सत्र बीता, दो बार टल चुकी है तिथि
आनन-फानन में लगाई 19 नवंबर की तारीख
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले को 1500 शादियों का लक्ष्य मिला था। आधा सत्र निकल चुका है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कहीं सामूहिक विवाह नहीं हो पाया है। जोड़ों की संख्या कम होने की वजह से दो बार सामूहिक विवाह की तिथि टल चुकी है। शासन ने जिले से शून्य रिपोर्ट मिलने पर नाराजगी व्यक्त की है। जिसके बाद में आनन-फानन में 19 नवंबर की तारीख नियत की गई है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को तीन अक्तूबर 2017 को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मकसद समाज के निर्धन तबके को विवाह के खर्चों से मुक्ति दिलाने के साथ साथ नई जिन्दगी को बेहतर शुरुआत में मदद करना है। इसके लिए उन्होंने यह योजना सभी धर्मों, विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं के लिए निर्धारित की लेकिन आधा सत्र निकल चुका है अब तक जिले में एक बार भी सामूहिक शादी नहीं कराई गई है। जबकि सत्र की शुरुआत में ही दो बार सामूहिक शादी की तिथि लगाई जा चुकी है। सूत्रों की मानें तो आवेदन कम और जनप्रतिनिधियों पर समय नहीं हो पाने के कारण इसे टाला गया। उसके बाद इस साल कोई तिथि नहीं लगाई गई। यह बात शासन तक पहुंचे, इसको संज्ञान में लेते हुए मंडलीय अधिकारियों ने इसमें हस्तक्षेप किया तो विभाग ने आनन-फानन में 19 नवंबर की तारीख नियत की है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश की मानें तो अभी तिथि लगी है। इसके लिए ब्लाक स्तर पर और नगर पालिका में आवेदन करना होगा। इसके बाद में 19 नवंबर को तहसील स्तर पर सामूहिक शादी कराई जाएगी।
--------------------
यह है स्कीम
-सामूहिक विवाह के तहत शादी करने वाले हर जोड़े पर सरकार की ओर से 35 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से 20 हजार रुपये विवाहित जोड़े को एकाउंट पेई चेक के रूप में दिया जाएगा। साथ ही 15 हजार रुपये, तोहफे के रूप में गृहस्थी का जरूरी समान, बर्तन, चांदी की बिछिया-पायल और कपड़ों को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
हो पाईं सामूहिक शादियां
आधा सत्र बीता, दो बार टल चुकी है तिथि
आनन-फानन में लगाई 19 नवंबर की तारीख
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले को 1500 शादियों का लक्ष्य मिला था। आधा सत्र निकल चुका है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कहीं सामूहिक विवाह नहीं हो पाया है। जोड़ों की संख्या कम होने की वजह से दो बार सामूहिक विवाह की तिथि टल चुकी है। शासन ने जिले से शून्य रिपोर्ट मिलने पर नाराजगी व्यक्त की है। जिसके बाद में आनन-फानन में 19 नवंबर की तारीख नियत की गई है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को तीन अक्तूबर 2017 को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मकसद समाज के निर्धन तबके को विवाह के खर्चों से मुक्ति दिलाने के साथ साथ नई जिन्दगी को बेहतर शुरुआत में मदद करना है। इसके लिए उन्होंने यह योजना सभी धर्मों, विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं के लिए निर्धारित की लेकिन आधा सत्र निकल चुका है अब तक जिले में एक बार भी सामूहिक शादी नहीं कराई गई है। जबकि सत्र की शुरुआत में ही दो बार सामूहिक शादी की तिथि लगाई जा चुकी है। सूत्रों की मानें तो आवेदन कम और जनप्रतिनिधियों पर समय नहीं हो पाने के कारण इसे टाला गया। उसके बाद इस साल कोई तिथि नहीं लगाई गई। यह बात शासन तक पहुंचे, इसको संज्ञान में लेते हुए मंडलीय अधिकारियों ने इसमें हस्तक्षेप किया तो विभाग ने आनन-फानन में 19 नवंबर की तारीख नियत की है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश की मानें तो अभी तिथि लगी है। इसके लिए ब्लाक स्तर पर और नगर पालिका में आवेदन करना होगा। इसके बाद में 19 नवंबर को तहसील स्तर पर सामूहिक शादी कराई जाएगी।
--------------------
यह है स्कीम
-सामूहिक विवाह के तहत शादी करने वाले हर जोड़े पर सरकार की ओर से 35 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से 20 हजार रुपये विवाहित जोड़े को एकाउंट पेई चेक के रूप में दिया जाएगा। साथ ही 15 हजार रुपये, तोहफे के रूप में गृहस्थी का जरूरी समान, बर्तन, चांदी की बिछिया-पायल और कपड़ों को शामिल किया गया है।
विज्ञापन