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Bareilly-Mathura Highway: हाईवे चौड़ीकरण के लिए नौ धर्मस्थलों समेत 115 निर्माण किए जाएंगे ध्वस्त
Sat, 02 Mar 2024 05:18 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 02 Mar 2024 05:18 PM IST
सार
बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे नेशनल हाईवे 530 बी के चौड़ीकरण के जद में नौ धर्म स्थल और 115 अन्य निर्माण भी आएंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इन्हें चिह्नित कर लिया है।
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बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे
विस्तार
बरेली-मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण का काम चार चरणों में कराया जा रहा है। तीसरे चरण में कासगंज से बदायूं और चौथे चरण में बदायूं से बरेली के बीच काम होगा। तीसरे चरण की तैयारियां तेजी पकड़ रही हैं। बरेली-मथुरा हाईवे पर बदायूं की सीमा में दोनों ओर कई कस्बे, गांव और घनी बस्तियां हैं। चार लेन के इस हाईवे को छह लेन चौड़ा किया जाना है।
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कासगंज-बरेली के बीच उझानी के छतुइया और मलगांव के रेल क्रॉसिंग पर रेलवे ओवर ब्रिजों का निर्माण भी होगा। चौड़ीकरण के लिए वन विभाग की 56 हेक्टेयर जमीन के साथ निजी जमीनों का भी अधिग्रहण किया जाना है। अधिग्रहण के लिए भूमि और ध्वस्तीकरण के लिए भवनों, धर्मस्थलों को चिन्हित कर लिया गया है। कुछ धर्मस्थलों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा।
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हाईवे के दोनों ओर निजी भूमि पर बने निर्माणों को ध्वस्त करने और भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजा दिया जाएगा, जबकि सरकारी भूमि पर कब्जा करा किए गए निर्माणों के बदले मुआवजा नहीं मिलेगा। अब तक नौ धर्मस्थल चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा करीब 115 निर्माण हैं, जो चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं। निजी निर्माणों का मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है। मार्च के अंत तक निर्माण शुरू कराया जाना है।
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अधिग्रहण के लिए चिन्हित की जा रही भूमि
हाईवे चौड़ीकरण के लिए कासगंज से बदायूं के बीच अधिग्रहण के लिए भूमि चिंह्ति करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। चौथे चरण में बदायूं-बरेली के बीच निर्माण होगा। इसके लिए भी एनएचएआई ने अधिग्रहण के लिए भूमि चिन्हित करने का काम शुरू कर लिया है। मार्च के अंत तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। कासगंज से बरेली के बीच जिन 15 स्थानों पर अंडरपास बनाए जाने हैं वहां भूमि का ज्यादा अधिग्रहण किया जाएगा।
एनएचएआई हाईवे चौड़ीकरण के लिए वन विभाग की 56 हेक्टेयर भूमि लेगा। इसके बदले वन विभाग को जिले में किसी अन्य स्थान पर इतनी भूमि उपलब्ध कराई जानी है। इसके लिए राजस्व विभाग ने भी भूमि की तलाश शुरू कर दी है। जिले की दातागंज तहसील में सर्वाधिक सरकारी भूमि है। यहां दो स्थानों पर भूमि देखी गई है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि हाईवे चौड़ीकरण के लिए भवनों और धर्म स्थलों को चिन्हित कर लिया गया है। कुछ धर्म स्थलों को शिफ्ट भी किया जाना है। निर्माणों को चिन्हित करने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए फाइल प्रशासन को भेजी गई है।
हाईवे चौड़ीकरण के लिए कासगंज से बदायूं के बीच अधिग्रहण के लिए भूमि चिंह्ति करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। चौथे चरण में बदायूं-बरेली के बीच निर्माण होगा। इसके लिए भी एनएचएआई ने अधिग्रहण के लिए भूमि चिन्हित करने का काम शुरू कर लिया है। मार्च के अंत तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। कासगंज से बरेली के बीच जिन 15 स्थानों पर अंडरपास बनाए जाने हैं वहां भूमि का ज्यादा अधिग्रहण किया जाएगा।
एनएचएआई हाईवे चौड़ीकरण के लिए वन विभाग की 56 हेक्टेयर भूमि लेगा। इसके बदले वन विभाग को जिले में किसी अन्य स्थान पर इतनी भूमि उपलब्ध कराई जानी है। इसके लिए राजस्व विभाग ने भी भूमि की तलाश शुरू कर दी है। जिले की दातागंज तहसील में सर्वाधिक सरकारी भूमि है। यहां दो स्थानों पर भूमि देखी गई है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि हाईवे चौड़ीकरण के लिए भवनों और धर्म स्थलों को चिन्हित कर लिया गया है। कुछ धर्म स्थलों को शिफ्ट भी किया जाना है। निर्माणों को चिन्हित करने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए फाइल प्रशासन को भेजी गई है।