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खतरे की ओर बढने लगीं गंगा, गेज 162.40 पर पहुंचा
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:47 PM IST
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बदायूं। गंगा खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगी हैं। कछला में गंगा का मीटर गेज मंगलवार को 162.40 सेमी पर पहुंच गया। गौर करने वाली बात यह है कि मीटर गेज 163.50 पर पहुंचने के बाद गंगा की कटरी में बसे 200 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो जाएगा। हालांकि, नरौरा से मंगलवार को वाटर डिस्चार्ज में भी कमी की गई है। बाढ़ खंड भी स्थिति को सामान्य मान रहा है। फिर भी स्थिति से निपटने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
जिले में प्रमुख दो नदियों गंगा और रामगंगा हर साल बारिश के सीजन में तबाही मचाती हैं। इस बार भी बारिश शुरू हो चुकी है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा में नरौरा से अब तक रोज 20885 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। सोमवार को नरौरा डैम से गंगा में 32169 और मंगलवार को 17329 क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज किया गया। इसके साथ ही गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। मंगलवार को बाढ़ खंड ने कछला में गंगा का जल स्तर 162.40 सेमी रिकॉर्ड किया। यह खतरे के निशान से कुछ ही नीचे हैं। मीटर गेज 163.50 पर पहुंचने के साथ ही गंगा रौद्र रूप धारण कर लेती हैं। इधर, कालागढ़ डैम से रामगंगा में भी वाटर डिस्चार्ज किया जा रहा है। दोनों नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए बाढ़ खंड ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले की सभी बाढ़ चौकियों को पहले ही किया जा चुका है।
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एक लाख क्यूसेक पानी आने के बाद बिगड़ेंगे हालात
बदायूं। बाढ़ खंड के मुताबिक गंगा में अगर एक लाख क्यूसेक पानी आता है तब हालात बिगड़ जाएंगे। फिलहाल स्थिति सामान्य है। गंगा का मीटर गेज जरूर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है, लेकिन मीटर गेज को 162.40 से 163.50 तक पहुंचने में अभी देर लगेगा। अगर नरौरा डैम से गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जाता है तो गंगा का मीटर गेज 163.50 को पार करेगा। फिलहाल नरौरा से गंगा में 17329 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को वाटर डिस्चार्ज 23169 क्यूसेक था और रविवार को 20885 क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज किया गया था। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार वर्मा के मुताबिक अभी खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
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वर्जन-
गंगा और रामगंगा का स्थिति फिलहाल सामान्य है। गंगा में एक लाख क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज होने के बाद खतरा पैदा होता है। हालांकि, गंगा का जलस्तर बढ़ा है। बाढ़ चौकियों को पहले से ही अलर्ट पर रखा गया है।
-अरविंद कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
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जिले में प्रमुख दो नदियों गंगा और रामगंगा हर साल बारिश के सीजन में तबाही मचाती हैं। इस बार भी बारिश शुरू हो चुकी है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा में नरौरा से अब तक रोज 20885 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। सोमवार को नरौरा डैम से गंगा में 32169 और मंगलवार को 17329 क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज किया गया। इसके साथ ही गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। मंगलवार को बाढ़ खंड ने कछला में गंगा का जल स्तर 162.40 सेमी रिकॉर्ड किया। यह खतरे के निशान से कुछ ही नीचे हैं। मीटर गेज 163.50 पर पहुंचने के साथ ही गंगा रौद्र रूप धारण कर लेती हैं। इधर, कालागढ़ डैम से रामगंगा में भी वाटर डिस्चार्ज किया जा रहा है। दोनों नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए बाढ़ खंड ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले की सभी बाढ़ चौकियों को पहले ही किया जा चुका है।
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एक लाख क्यूसेक पानी आने के बाद बिगड़ेंगे हालात
बदायूं। बाढ़ खंड के मुताबिक गंगा में अगर एक लाख क्यूसेक पानी आता है तब हालात बिगड़ जाएंगे। फिलहाल स्थिति सामान्य है। गंगा का मीटर गेज जरूर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है, लेकिन मीटर गेज को 162.40 से 163.50 तक पहुंचने में अभी देर लगेगा। अगर नरौरा डैम से गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जाता है तो गंगा का मीटर गेज 163.50 को पार करेगा। फिलहाल नरौरा से गंगा में 17329 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को वाटर डिस्चार्ज 23169 क्यूसेक था और रविवार को 20885 क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज किया गया था। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार वर्मा के मुताबिक अभी खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
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वर्जन-
गंगा और रामगंगा का स्थिति फिलहाल सामान्य है। गंगा में एक लाख क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज होने के बाद खतरा पैदा होता है। हालांकि, गंगा का जलस्तर बढ़ा है। बाढ़ चौकियों को पहले से ही अलर्ट पर रखा गया है।
-अरविंद कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड