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भाजपा विधायक ने वर्तमान आरक्षण व्यवस्था पर उठाया सवाल, एससी-एसटी और ओबीसी को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग की
Sat, 03 Apr 2021 06:11 PM IST
गीतार्जुन गौतम
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sat, 03 Apr 2021 06:11 PM IST
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भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
बलिया जिले के बैरिया से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि अब तक की सरकारें आरक्षण को लेकर वोट बैंक की राजनीति करती रही हैं। वर्तमान आरक्षण की व्यवस्था से प्रतिभाएं कुंठित हो रही हैं और समाज में विघटन की स्थिति बढ़ रही है। विधायक शुक्रवार की देर शाम संकीर्तन नगर आश्रम पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
विधायक ने कहा कि 40 नंबर पाने वाले अभ्यर्थी आरक्षण का लाभ लेकर सेलेक्ट हो जा रहे हैं, जबकि 80 नंबर पाने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी वंचित हो जा रहे हैं। सरकार को रक्षा विभाग की तरह शिक्षा और चिकित्सा विभाग को आरक्षण से बाहर कर देना चाहिए क्योंकि दोनों ही विभागों में प्रतिभावान लोगों की जरूरत है।
चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों की जान बचाने के लिए आरक्षित नहीं बल्कि प्रतिभावान डॉक्टर की जरूरत है। शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रतिभावान लोगों की जरूरत है जो आरक्षण से नहीं मिलते। विधायक ने पत्रकारों को बताया कि दलित, अति पिछड़ा वर्गों में भी आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए।
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जाति के आधार पर कई राजनीतिक परिवारों को आरक्षण का लाभ मिल जा रहा है जबकि इन्हीं जातियों के गरीब लोग आरक्षण के लाभ से वंचित हो जाते हैं। एक बार एमएलए, एमपी बन जाने वाले लोगों को सुरक्षित क्षेत्र से चुनाव लड़ने से रोक देना चाहिए क्योंकि उनकी स्थिति काफी ठीक हो जाती है। यह लाभ दूसरे गरीब लोगों को दिया जाना चाहिए।
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विधायक ने कहा कि 40 नंबर पाने वाले अभ्यर्थी आरक्षण का लाभ लेकर सेलेक्ट हो जा रहे हैं, जबकि 80 नंबर पाने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी वंचित हो जा रहे हैं। सरकार को रक्षा विभाग की तरह शिक्षा और चिकित्सा विभाग को आरक्षण से बाहर कर देना चाहिए क्योंकि दोनों ही विभागों में प्रतिभावान लोगों की जरूरत है।
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चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों की जान बचाने के लिए आरक्षित नहीं बल्कि प्रतिभावान डॉक्टर की जरूरत है। शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रतिभावान लोगों की जरूरत है जो आरक्षण से नहीं मिलते। विधायक ने पत्रकारों को बताया कि दलित, अति पिछड़ा वर्गों में भी आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए।
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जाति के आधार पर कई राजनीतिक परिवारों को आरक्षण का लाभ मिल जा रहा है जबकि इन्हीं जातियों के गरीब लोग आरक्षण के लाभ से वंचित हो जाते हैं। एक बार एमएलए, एमपी बन जाने वाले लोगों को सुरक्षित क्षेत्र से चुनाव लड़ने से रोक देना चाहिए क्योंकि उनकी स्थिति काफी ठीक हो जाती है। यह लाभ दूसरे गरीब लोगों को दिया जाना चाहिए।