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पड़ोसी जिलों की महिलाओं को स्वावलंबी बनाएंगी जिले की महिलाएं
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पड़ोसी जिलों की महिलाओं को स्वावलंबी बनाएंगी जिले की महिलाएं
बिजनौर। जिले के स्वयं सहायता समूह की महिलाएं दूसरे जिलों की महिलाओं को स्वावलंबी बनने के गुर सिखाएंगी। सीडीओ केपी सिंह ने 390 महिलाओं के दल को मुजफ्फरनगर तथा सहारनपुर के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जिले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह का गठन वर्ष 2013 में शुरू हुआ था। समूह की महिलाओं ने अपने उत्पादों से कश्मीर से दिल्ली तक जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया है। शासन से वरिष्ठता के आधार पर समूह की महिलाओं का दूसरे जिलों की महिलाओं को स्वावलंबन के गुर सिखाने के लिए चयन हुआ है।
मिशन के उपायुक्त ज्ञान सिंह ने बताया कि जिले से 390 महिलाओं का चयन हुआ है। महिलाओं की 78 टीम है। एक टीम मे पांच महिलाएं हैं। एक टीम एक गांव में 15 दिन रहेगी। टीमों का प्रत्येक जिले में प्रवास 45 दिन का है। टीम गांव की गरीब महिलाओं को मिशन की योजनाओं की जानकारी देगी। समूह का गठन करके अभिलेख तैयार कराएगी। साथ ही समूहों की बैंकों में खाता खोलने की प्रक्रिया पूरी होगी।
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सीडीओ केपी सिंह ने महिलाओं से कहा कि वे कोरोना से बचाव रखें। वहां भी मास्क लगाने तथा दो गज दूरी रखने के लिए लोगों को जागरूक करें। कहा दूसरे जिलों में प्रतिभा का प्रदर्शन करके जिले का नाम रोशन करें। इस मौके पर मिशन के जिला प्रबंधक गोविंद शर्मा, विपिन कुमार, शिवकरण, योगेंद्र सिंह, ब्लॉक मैनेजर राजकुमार व वैभव कुमार मौजूद रहे।
इनसेट
बीपीएल श्रेणी की महिलाएं ही हो सकती हैं स्वयं सहायता समूह में शामिल
बिजनौर। उपायुक्त ज्ञान सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की सदस्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाएं ही बन सकती हैं। एक समूह में 10 से 20 महिलाएं हो सकती हैं। समूहों द्वारा किए जाने वाले प्रमुख धंधों में पशुपालन, डेरी उद्योग, मधुमक्खी पालन, ब्यूटी पार्लर, सिलाई कढ़ाई समेत एक दर्जन कार्यकलाप शामिल हैं। इसके अतिरिक्त स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार काम शुरू किया जा सकता है। जिले की महिलाएं दूसरे जिलों के स्वयं सहायता समूहों को बैंक से ऋण मंजूर कराने, अभिलेख तैयार कराने की प्रक्रिया बताएंगी।
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बिजनौर। जिले के स्वयं सहायता समूह की महिलाएं दूसरे जिलों की महिलाओं को स्वावलंबी बनने के गुर सिखाएंगी। सीडीओ केपी सिंह ने 390 महिलाओं के दल को मुजफ्फरनगर तथा सहारनपुर के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जिले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह का गठन वर्ष 2013 में शुरू हुआ था। समूह की महिलाओं ने अपने उत्पादों से कश्मीर से दिल्ली तक जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया है। शासन से वरिष्ठता के आधार पर समूह की महिलाओं का दूसरे जिलों की महिलाओं को स्वावलंबन के गुर सिखाने के लिए चयन हुआ है।
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मिशन के उपायुक्त ज्ञान सिंह ने बताया कि जिले से 390 महिलाओं का चयन हुआ है। महिलाओं की 78 टीम है। एक टीम मे पांच महिलाएं हैं। एक टीम एक गांव में 15 दिन रहेगी। टीमों का प्रत्येक जिले में प्रवास 45 दिन का है। टीम गांव की गरीब महिलाओं को मिशन की योजनाओं की जानकारी देगी। समूह का गठन करके अभिलेख तैयार कराएगी। साथ ही समूहों की बैंकों में खाता खोलने की प्रक्रिया पूरी होगी।
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सीडीओ केपी सिंह ने महिलाओं से कहा कि वे कोरोना से बचाव रखें। वहां भी मास्क लगाने तथा दो गज दूरी रखने के लिए लोगों को जागरूक करें। कहा दूसरे जिलों में प्रतिभा का प्रदर्शन करके जिले का नाम रोशन करें। इस मौके पर मिशन के जिला प्रबंधक गोविंद शर्मा, विपिन कुमार, शिवकरण, योगेंद्र सिंह, ब्लॉक मैनेजर राजकुमार व वैभव कुमार मौजूद रहे।
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बीपीएल श्रेणी की महिलाएं ही हो सकती हैं स्वयं सहायता समूह में शामिल
बिजनौर। उपायुक्त ज्ञान सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की सदस्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाएं ही बन सकती हैं। एक समूह में 10 से 20 महिलाएं हो सकती हैं। समूहों द्वारा किए जाने वाले प्रमुख धंधों में पशुपालन, डेरी उद्योग, मधुमक्खी पालन, ब्यूटी पार्लर, सिलाई कढ़ाई समेत एक दर्जन कार्यकलाप शामिल हैं। इसके अतिरिक्त स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार काम शुरू किया जा सकता है। जिले की महिलाएं दूसरे जिलों के स्वयं सहायता समूहों को बैंक से ऋण मंजूर कराने, अभिलेख तैयार कराने की प्रक्रिया बताएंगी।