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दोस्त के परिवार को आर्थिक मदद दिलाने को दिन रात एक किए हैं शोभित अग्रवाल
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शोभित अग्रवाल उर्फ मोनू।
- फोटो : BIJNOR
दोस्त मुशर्रफ के परिवार का जीवन पर रखूंगा ध्यान: शोभित अग्रवाल
बिजनौर। शोभित और मुशर्रफ की दोस्ती की मिसाल बिजनौर तक ही सीमित नहीं है बल्कि पूरे देश में पहुंच गयी है। कारण है कि बिजनौर निवासी फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह ने भी दोनों की दोस्ती पर लिखी एक कविता मुंबई के गांधी मैदान और दिल्ली शाहीन बाग में सुनाई थी। आपसी भाईचारे और दोस्ती की मिसाल कायम करने वाले शोभित अग्रवाल अपने दोस्त मुशर्रफ के परिवार को सरकार से आर्थिक मदद दिलाने के दिल्ली की सड़कों पर चक्कर लगा रहे हैं। शोभित न तो अपने दोस्त की उस आवाज को भूले हैं और न ही अपने कर्तव्य को।
इस संबंध में शोभित अग्रवाल से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि रायपुर ग्राम टांडा माईदास का मुशर्रफ दिल्ली में काम करता था। आठ दिसंबर 2019 को दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में लगी भीषण आग में जलकर मुशर्रफ की मौत हो गयी थी। मुशर्रफ नें मरने से पहले मुझसे फोन करके परिवार का ध्यान रखने को कहा था। उस समय यह ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी। मैं अपने दोस्त की आखिरी इच्छा पूरी करने का प्रयास कर रहा हूं। मुशर्रफ के परिवार को मुआवजा दिलवाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा हूं। इनका कहना है मेरा दोस्त जब भी दिल्ली से आता था तो वह काफी समय एक साथ बिताते थे। शोभित अग्रवाल बताते हैं मुशर्रफ की मौत के बाद वह मुशर्रफ के परिवार को मुआवजा दिलवाने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में कई बार दिल्ली जा चुके हैं। उनके साथ गांव के प्रधान फुरकान सलीम भी उनका सहयोग कर रहे हैं। इस संबंध में भाजपा सांसद मनोज तिवारी के घर पर भी जा चुके हैं ,लेकिन अभी तक मुशर्रफ के परिवार को केंद्र या दिल्ली सरकार की ओर से कोई आर्थिक सहयोग नहीं मिली है। इनका कहना है कि जब तक मुशर्रफ के परिवार को केंद्र तथा दिल्ली सरकार द्वारा घोषित आर्थिक मदद नहीं मिल जाती वह चैन से नहीं बैठेंगे।
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बिजनौर। शोभित और मुशर्रफ की दोस्ती की मिसाल बिजनौर तक ही सीमित नहीं है बल्कि पूरे देश में पहुंच गयी है। कारण है कि बिजनौर निवासी फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह ने भी दोनों की दोस्ती पर लिखी एक कविता मुंबई के गांधी मैदान और दिल्ली शाहीन बाग में सुनाई थी। आपसी भाईचारे और दोस्ती की मिसाल कायम करने वाले शोभित अग्रवाल अपने दोस्त मुशर्रफ के परिवार को सरकार से आर्थिक मदद दिलाने के दिल्ली की सड़कों पर चक्कर लगा रहे हैं। शोभित न तो अपने दोस्त की उस आवाज को भूले हैं और न ही अपने कर्तव्य को।
इस संबंध में शोभित अग्रवाल से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि रायपुर ग्राम टांडा माईदास का मुशर्रफ दिल्ली में काम करता था। आठ दिसंबर 2019 को दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में लगी भीषण आग में जलकर मुशर्रफ की मौत हो गयी थी। मुशर्रफ नें मरने से पहले मुझसे फोन करके परिवार का ध्यान रखने को कहा था। उस समय यह ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी। मैं अपने दोस्त की आखिरी इच्छा पूरी करने का प्रयास कर रहा हूं। मुशर्रफ के परिवार को मुआवजा दिलवाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा हूं। इनका कहना है मेरा दोस्त जब भी दिल्ली से आता था तो वह काफी समय एक साथ बिताते थे। शोभित अग्रवाल बताते हैं मुशर्रफ की मौत के बाद वह मुशर्रफ के परिवार को मुआवजा दिलवाने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में कई बार दिल्ली जा चुके हैं। उनके साथ गांव के प्रधान फुरकान सलीम भी उनका सहयोग कर रहे हैं। इस संबंध में भाजपा सांसद मनोज तिवारी के घर पर भी जा चुके हैं ,लेकिन अभी तक मुशर्रफ के परिवार को केंद्र या दिल्ली सरकार की ओर से कोई आर्थिक सहयोग नहीं मिली है। इनका कहना है कि जब तक मुशर्रफ के परिवार को केंद्र तथा दिल्ली सरकार द्वारा घोषित आर्थिक मदद नहीं मिल जाती वह चैन से नहीं बैठेंगे।
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