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आत्महत्या के मामले में पत्नी व बेटे की जमानत याचिका निरस्त
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आत्महत्या के मामले में पत्नी व बेटे की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहुजा ने जहर पीकर नरेंद्र सिंह को आत्महत्या के लिए विवश करने के मामले में मृतक की पत्नी व बेटे संदीप की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
थाना चांदपुर के गांव तालिबपुर निवासी शोबित कुमार द्वारा थाना चांदपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसके पिता नरेंद्र सिंह ने 23 साल पहले उसकी माता राजेश से विवाह किया था। उसकी मां की मौत के बाद उसके पिता ने राकेश नाम की महिला से विवाह कर लिया था। इससे उन्हें एक लड़का संदीप पैदा हुआ। नरेंद्र सिंह के पास 33 बीघा जमीन थी। 11 बीघा जमीन नहर में चली गई थी। इसकी एवज में उन्होंने 17 बीघा जमीन गांव में खरीद ली थी। इसका बैनामा संदीप व राकेश के नाम करा दिया था। नरेंद्र सिंह ने शोबित के नाबालिग बेटे कृष के नाम भी दस बीघा जमीन का बैनामा अपनी मर्जी से किया था। यह बात संदीप व उसकी मां राकेश को अच्छी नहीं लगी। उन्होंने नरेंद्र सिंह को जान से मारने की धमकी दी और झगड़ा किया। जो 12 बीघा जमीन नरेंद्र सिंह के नाम बची थी उसे संदीप ने उसकी व उसकी मां के नाम करने का दबाव बनाया। संदीप, राकेश व एक अन्य ने 21 जुलाई को ट्यूबवेल पर उसके पिता नरेंद्र सिंह को जबरदस्ती पकड़कर कांच के गिलास से जहर पिला दिया गया। इससे नरेंद्र सिंह की मौत हो गई।
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बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहुजा ने जहर पीकर नरेंद्र सिंह को आत्महत्या के लिए विवश करने के मामले में मृतक की पत्नी व बेटे संदीप की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
थाना चांदपुर के गांव तालिबपुर निवासी शोबित कुमार द्वारा थाना चांदपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसके पिता नरेंद्र सिंह ने 23 साल पहले उसकी माता राजेश से विवाह किया था। उसकी मां की मौत के बाद उसके पिता ने राकेश नाम की महिला से विवाह कर लिया था। इससे उन्हें एक लड़का संदीप पैदा हुआ। नरेंद्र सिंह के पास 33 बीघा जमीन थी। 11 बीघा जमीन नहर में चली गई थी। इसकी एवज में उन्होंने 17 बीघा जमीन गांव में खरीद ली थी। इसका बैनामा संदीप व राकेश के नाम करा दिया था। नरेंद्र सिंह ने शोबित के नाबालिग बेटे कृष के नाम भी दस बीघा जमीन का बैनामा अपनी मर्जी से किया था। यह बात संदीप व उसकी मां राकेश को अच्छी नहीं लगी। उन्होंने नरेंद्र सिंह को जान से मारने की धमकी दी और झगड़ा किया। जो 12 बीघा जमीन नरेंद्र सिंह के नाम बची थी उसे संदीप ने उसकी व उसकी मां के नाम करने का दबाव बनाया। संदीप, राकेश व एक अन्य ने 21 जुलाई को ट्यूबवेल पर उसके पिता नरेंद्र सिंह को जबरदस्ती पकड़कर कांच के गिलास से जहर पिला दिया गया। इससे नरेंद्र सिंह की मौत हो गई।
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