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ये कैसा बुखार, हिम्मत के साथ तोड़ रहा शरीर
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बिजनौर जिला अस्पताल में वार्ड में भर्ती बुखार के मरीज।
- फोटो : BIJNOR
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ये कैसा बुखार, हिम्मत के साथ तोड़ रहा शरीर
बिजनौर। हर क्षेत्र में बुखार लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बुखार के मरीजों को डेंगू नहीं होने का दावा कर रहे हैं। जबकि ज्यादातर लोग बुखार से ग्रसित है। अस्पताल में आधे वार्ड बुखार के मरीजों से फुल है। अस्पताल प्रशासन को तीस बेड के पांच नए वार्ड और बनाने पड़ गए हैं। जिला अस्पताल में इस समय 50 से ज्यादा बुखार के मरीज भर्ती हैं। वहीं छह डेंगू के संभावित मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जिला अस्पताल में 120 बेडों की व्यवस्था है। जिनमे से 50 से ज्यादा बेडों पर बुखार के मरीज भर्ती है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बुखार कैसे तांडव मचा रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक अस्पताल में भर्ती मरीजों में वायरल फीवर का प्रकोप है। ज्यादातर लोग वायरल फीवर की चपेट में हैं। बुखार के मरीजों को अस्पताल में भर्ती का चार दिनों तक उपचार किया जा रहा है। तबीयत में सुधार होने पर मरीजों को दवाई देकर घर भेज दिया जाता है। बुखार से ग्रसित मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने की समस्या आ रही है। जिससे लोग डेंगू की संभावना जता रहे हैं। मगर जिला अस्पताल में हो रही एलाइजा टेस्ट की जांच निगेटिव आ रही है। वहीं चिकित्सक बुखार में एंटीबायटिक लेने से प्लेटलेट्स कम होने का दावा कर रहे हैं।
बुखार के मरीजों के लिए तैयार किए पांच नए वार्ड
जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिसके चलते मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल में बेड भी कम पड़ गए है। इसलिए पांच नए वार्ड तैयार किए गए हैं। जिनमें 30 बेडों की व्यवस्था की गई है।
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बुखार के भर्ती मरीजों में दिखाई दे रहे ये लक्षण
मरीजों के पैरों में तेज दर्द
उल्टी आना
तेज बुखार
सिर के अगले हिस्से में तेज दर्द
प्लेटलेट्स कम होना
एंटीबायटिक खाने से गिर रही प्लेटलेट्स : डॉ. आरएस वर्मा
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि ज्यादातर मरीज वायरल बुखार की चपेट में हैं। बुखार में एंटीबायटिक खाने से प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। क्योंकि मौसम परिवर्तन के समय रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है। इसलिए बुखार के मरीजों की प्लेटलेट्स गिर रही हैं।
बुखार के मरीजों में मिल रहे कई बीमारियों के लक्षण: डॉ. पंकज त्यागी
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पंकज त्यागी का कहना है कि इस समय वायरल चल रहा है। बुखार के मरीजों में प्लेट्सलेट्स गिरना, कमजोरी आना, चक्कर आना आदि लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इसलिए मरीज की जांच के बाद ही बीमारी की पुष्टि की जा सकती है। सतर्कता बरतकर संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है।
जिला अस्पताल में बुखार के 50 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। मरीजों की भर्ती करने की पूरी व्यवस्था की गई है। सभी मरीजों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। डेंगू की छह संभावित मरीज भर्ती हैं।
- डॉ. मनौज सैन, प्रभारी सीएमएस
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बिजनौर। हर क्षेत्र में बुखार लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बुखार के मरीजों को डेंगू नहीं होने का दावा कर रहे हैं। जबकि ज्यादातर लोग बुखार से ग्रसित है। अस्पताल में आधे वार्ड बुखार के मरीजों से फुल है। अस्पताल प्रशासन को तीस बेड के पांच नए वार्ड और बनाने पड़ गए हैं। जिला अस्पताल में इस समय 50 से ज्यादा बुखार के मरीज भर्ती हैं। वहीं छह डेंगू के संभावित मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जिला अस्पताल में 120 बेडों की व्यवस्था है। जिनमे से 50 से ज्यादा बेडों पर बुखार के मरीज भर्ती है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बुखार कैसे तांडव मचा रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक अस्पताल में भर्ती मरीजों में वायरल फीवर का प्रकोप है। ज्यादातर लोग वायरल फीवर की चपेट में हैं। बुखार के मरीजों को अस्पताल में भर्ती का चार दिनों तक उपचार किया जा रहा है। तबीयत में सुधार होने पर मरीजों को दवाई देकर घर भेज दिया जाता है। बुखार से ग्रसित मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने की समस्या आ रही है। जिससे लोग डेंगू की संभावना जता रहे हैं। मगर जिला अस्पताल में हो रही एलाइजा टेस्ट की जांच निगेटिव आ रही है। वहीं चिकित्सक बुखार में एंटीबायटिक लेने से प्लेटलेट्स कम होने का दावा कर रहे हैं।
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बुखार के मरीजों के लिए तैयार किए पांच नए वार्ड
जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिसके चलते मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल में बेड भी कम पड़ गए है। इसलिए पांच नए वार्ड तैयार किए गए हैं। जिनमें 30 बेडों की व्यवस्था की गई है।
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बुखार के भर्ती मरीजों में दिखाई दे रहे ये लक्षण
मरीजों के पैरों में तेज दर्द
उल्टी आना
तेज बुखार
सिर के अगले हिस्से में तेज दर्द
प्लेटलेट्स कम होना
एंटीबायटिक खाने से गिर रही प्लेटलेट्स : डॉ. आरएस वर्मा
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि ज्यादातर मरीज वायरल बुखार की चपेट में हैं। बुखार में एंटीबायटिक खाने से प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। क्योंकि मौसम परिवर्तन के समय रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है। इसलिए बुखार के मरीजों की प्लेटलेट्स गिर रही हैं।
बुखार के मरीजों में मिल रहे कई बीमारियों के लक्षण: डॉ. पंकज त्यागी
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पंकज त्यागी का कहना है कि इस समय वायरल चल रहा है। बुखार के मरीजों में प्लेट्सलेट्स गिरना, कमजोरी आना, चक्कर आना आदि लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इसलिए मरीज की जांच के बाद ही बीमारी की पुष्टि की जा सकती है। सतर्कता बरतकर संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है।
जिला अस्पताल में बुखार के 50 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। मरीजों की भर्ती करने की पूरी व्यवस्था की गई है। सभी मरीजों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। डेंगू की छह संभावित मरीज भर्ती हैं।
- डॉ. मनौज सैन, प्रभारी सीएमएस