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Bijnor News: किसानों को सूचना देकर ही नदी में छोड़ा जाएगा पानी
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अधिकारियों के आश्वासन पर भाकियू कार्यकर्ताओं का धरना खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। रामगंगा कालागढ़ बांध से बिना सूचना के नदी में छोड़े गए पानी से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर चल रहा भाकियू का धरना बृहस्पतिवार को खत्म हो गया। रामगंगा बांध के अधिशासी अभियंता नीरज त्यागी और मुरादाबाद सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रतीक सिन्हा के आश्वासन यह धरना समाप्त हुआ।
भाकियू ब्लाॅक अध्यक्ष अशोक चौहान के नेतृत्व में चार दिन से शेरकोट के सिंचाई विभाग के कार्यालय पर धरना चल रहा था। बृहस्पतिवार को कालागढ़ रामगंगा बांध के अधिशासी अभियंता नीरज त्यागी और मुरादाबाद सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रतीक सिन्हा किसानों के बीच पहुंचे। अधिकारियों ने मुआवजा देने से तो इंकार कर दिया, लेकिन भरोसा दिया कि जब भी बांध से नदी में पानी को छोड़ा जाएगा, तो सूचना किसानों को जरूर दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नदी की सतह को बनाए रखने के लिए बांध से 15 अक्तूबर से 15 जून तक 140 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। इससे अधिक पानी नहीं छोड़ा जाता। अधिकारियों से वार्ता के बाद कार्यकर्ताओं ने धरना खत्म कर दिया। इस दौरान तहसील अध्यक्ष कविराज सिंह, रूपेश सिंह, रमेश चौहान, सुभाष, निजामुददीन, रामकुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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धामपुर। रामगंगा कालागढ़ बांध से बिना सूचना के नदी में छोड़े गए पानी से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर चल रहा भाकियू का धरना बृहस्पतिवार को खत्म हो गया। रामगंगा बांध के अधिशासी अभियंता नीरज त्यागी और मुरादाबाद सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रतीक सिन्हा के आश्वासन यह धरना समाप्त हुआ।
भाकियू ब्लाॅक अध्यक्ष अशोक चौहान के नेतृत्व में चार दिन से शेरकोट के सिंचाई विभाग के कार्यालय पर धरना चल रहा था। बृहस्पतिवार को कालागढ़ रामगंगा बांध के अधिशासी अभियंता नीरज त्यागी और मुरादाबाद सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रतीक सिन्हा किसानों के बीच पहुंचे। अधिकारियों ने मुआवजा देने से तो इंकार कर दिया, लेकिन भरोसा दिया कि जब भी बांध से नदी में पानी को छोड़ा जाएगा, तो सूचना किसानों को जरूर दी जाएगी।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नदी की सतह को बनाए रखने के लिए बांध से 15 अक्तूबर से 15 जून तक 140 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। इससे अधिक पानी नहीं छोड़ा जाता। अधिकारियों से वार्ता के बाद कार्यकर्ताओं ने धरना खत्म कर दिया। इस दौरान तहसील अध्यक्ष कविराज सिंह, रूपेश सिंह, रमेश चौहान, सुभाष, निजामुददीन, रामकुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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