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27 हजार से अधिक विद्यार्थियों को टीईटी परीक्षा का इंतजार
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27 हजार से अधिक विद्यार्थियों को टीईटी परीक्षा का इंतजार
बिजनौर। जिले के 27 हजार से अधिक शिक्षक पात्रता परीक्षा आवेदकों को परीक्षा का इंतजार है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा 22 दिसंबर को होनी थी। परीक्षा प्राइमरी व अपर प्राइमरी वर्ग में होनी है। जिले से प्राइमरी वर्ग में 17089 तथा अपर प्राइमरी वर्ग में 10737 कुल 27826 अभ्यर्थी हैं। टीईटी परीक्षा के लिए जिले में 22 केंद्र बनाए गए हैं। प्राइमरी वर्ग की परीक्षा सभी 22 केंद्रों पर तथा अपर प्राइमरी वर्ग की परीक्षा 14 केंद्रों पर होनी थी। प्रशासन ने परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली थी। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शनों के चलते परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। अभी शासन ने परीक्षा की नई तारीख की घोषणा नहीं की है। जिले के 27 हजार से अधिक आवेदक नई तारीख के एलान की ओर निगाह लगाए बैठे हैं। परीक्षा स्थगित होने का सबसे बड़ा झटका उन छात्र-छात्राओं को लगा है जो ग्रामीण क्षेत्रों से आकर कोचिंग सेंटरों पर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। छात्रों के अनुसार कोचिंग सेंटरों के संचालक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समयबद्ध पैकेज तय कर देते हैं। अधिकांश छात्रों ने 15 दिसंबर तक का पैकेज तय कर रखा था। अब उन्हें मजबूरी में परीक्षा होने तक की पैकेज की समय सीमा बढ़ानी होगी। छात्रों के मुताबिक जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आए छात्र छात्राएं परीक्षा तैयारी के लिए शहर में मकान किराये पर लेकर रहते हैं। परीक्षा के हटने से उन्हें दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ी है। छात्रों के अनुसार उनकी परीक्षा की तारीख जल्दी घोषित हो और आगे न बढ़ाई जाये यही उनके लिए ठीक होगा।
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बिजनौर। जिले के 27 हजार से अधिक शिक्षक पात्रता परीक्षा आवेदकों को परीक्षा का इंतजार है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा 22 दिसंबर को होनी थी। परीक्षा प्राइमरी व अपर प्राइमरी वर्ग में होनी है। जिले से प्राइमरी वर्ग में 17089 तथा अपर प्राइमरी वर्ग में 10737 कुल 27826 अभ्यर्थी हैं। टीईटी परीक्षा के लिए जिले में 22 केंद्र बनाए गए हैं। प्राइमरी वर्ग की परीक्षा सभी 22 केंद्रों पर तथा अपर प्राइमरी वर्ग की परीक्षा 14 केंद्रों पर होनी थी। प्रशासन ने परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली थी। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शनों के चलते परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। अभी शासन ने परीक्षा की नई तारीख की घोषणा नहीं की है। जिले के 27 हजार से अधिक आवेदक नई तारीख के एलान की ओर निगाह लगाए बैठे हैं। परीक्षा स्थगित होने का सबसे बड़ा झटका उन छात्र-छात्राओं को लगा है जो ग्रामीण क्षेत्रों से आकर कोचिंग सेंटरों पर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। छात्रों के अनुसार कोचिंग सेंटरों के संचालक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समयबद्ध पैकेज तय कर देते हैं। अधिकांश छात्रों ने 15 दिसंबर तक का पैकेज तय कर रखा था। अब उन्हें मजबूरी में परीक्षा होने तक की पैकेज की समय सीमा बढ़ानी होगी। छात्रों के मुताबिक जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आए छात्र छात्राएं परीक्षा तैयारी के लिए शहर में मकान किराये पर लेकर रहते हैं। परीक्षा के हटने से उन्हें दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ी है। छात्रों के अनुसार उनकी परीक्षा की तारीख जल्दी घोषित हो और आगे न बढ़ाई जाये यही उनके लिए ठीक होगा।