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न अपनी जान की परवाह न दूसरों की
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न अपनी जान की परवाह न दूसरों की
बिजनौर। न अपनी जान की परवाह है न दूसरों की फिक्र, गलत दिशा में सड़क पर वाहन दौड़कर जान जोखिम में डाल रहे हैं। हादसे भी हो रहे हैं लेकिन लोग मानने को तैयार ही नहीं हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई का भी कोई असर नहीं हो रहा है। प्रशासन ऐसे चालकों पर शिकंजा कसने में नाकाम है। चालान होने के बाद भी चालक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे।
जिले में जल्दबाजी में रांग साइड से वाहनों को निकालना लोगों की आदत बन गई है। चालकों को इस बात की परवाह नहीं है कि गलत साइड से वाहनों को निकालने से उनकी एवं दूसरों की जान भी जा सकती है। छोटे हों या बडे़ वाहनों के चालक, गलत साइड से वाहनों को निकालने से घबराते नहीं हैं। चाहे उन्हें इसका अंजाम कुछ भी क्यों नही भुगतना पड़े। चालकों में यह प्रवृति खूब बढ़ रही है। मुख्य मार्ग हो या चौराहे हर जगह इस तरह के हादसे हो रहे हैं। गलत साइड से वाहनों के निकालने में हर माह 20 से 25 हादसे हो रहे हैं। ऐसे हादसों को पुलिस अपने रिकार्ड में दर्ज नहीं करती है। ट्रैफिक पुलिस जरूर नजर पड़ने पर गलत साइड से वाहन निकालने वालों के चालन कर रही है। ट्रैफिक पुलिस की मानें तो गलत साइड से वाहन निकालने पर पिछले 11 माह में 625 वाहनों के चालन किए गए है। इन पर जुर्माना लगाया गया।
एआरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार सिंह के मुताबिक गलत साइड ड्राइविंग में बिजनौर में कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की है। गलत साइड से वाहन कोई निकलता नजर आया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बिजनौर। न अपनी जान की परवाह है न दूसरों की फिक्र, गलत दिशा में सड़क पर वाहन दौड़कर जान जोखिम में डाल रहे हैं। हादसे भी हो रहे हैं लेकिन लोग मानने को तैयार ही नहीं हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई का भी कोई असर नहीं हो रहा है। प्रशासन ऐसे चालकों पर शिकंजा कसने में नाकाम है। चालान होने के बाद भी चालक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे।
जिले में जल्दबाजी में रांग साइड से वाहनों को निकालना लोगों की आदत बन गई है। चालकों को इस बात की परवाह नहीं है कि गलत साइड से वाहनों को निकालने से उनकी एवं दूसरों की जान भी जा सकती है। छोटे हों या बडे़ वाहनों के चालक, गलत साइड से वाहनों को निकालने से घबराते नहीं हैं। चाहे उन्हें इसका अंजाम कुछ भी क्यों नही भुगतना पड़े। चालकों में यह प्रवृति खूब बढ़ रही है। मुख्य मार्ग हो या चौराहे हर जगह इस तरह के हादसे हो रहे हैं। गलत साइड से वाहनों के निकालने में हर माह 20 से 25 हादसे हो रहे हैं। ऐसे हादसों को पुलिस अपने रिकार्ड में दर्ज नहीं करती है। ट्रैफिक पुलिस जरूर नजर पड़ने पर गलत साइड से वाहन निकालने वालों के चालन कर रही है। ट्रैफिक पुलिस की मानें तो गलत साइड से वाहन निकालने पर पिछले 11 माह में 625 वाहनों के चालन किए गए है। इन पर जुर्माना लगाया गया।
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एआरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार सिंह के मुताबिक गलत साइड ड्राइविंग में बिजनौर में कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की है। गलत साइड से वाहन कोई निकलता नजर आया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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