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जिले में 2305 हेक्टेयर में होगी उड़द की खेती
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जिले में 2305 हेक्टेयर में होगी उड़द की खेती
बिजनौर। गन्ना बाउल क्षेत्र में दलहन का रकबा बढ़ाया जाएगा। कृषि विभाग जनपद में 2305 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उड़द की बुवाई कराएगा। साथ ही अरहर को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग किसानों को दलहन की खेती करने के लिए प्रेरित कर रहा है।
जंगली एवं बेसहारा पशुओं द्वारा दलहन फसल खाने की वजह से किसानों ने इनकी बुवाई कम कर दी थी। इस कारण जनपद में दलहन फसलों की बुवाई बहुत कम हो गई। कृषि विभाग दलहन की बुवाई को बढ़ावा दे रहा है। खरीफ की फसल में उड़द की बुवाई 2305 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कराई जाएगी। गत सीजन में उड़द की 1834 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। उससे पहले करीब 1500 हेक्टेयर ही था। विभाग की ओर से किसानों को उन्नत बीज की किट भी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर वितरित की जाती है। इसके साथ ही करीब सात हेक्टेयर में अरहर की बुवाई की जाएगी।
उड़द की बुवाई का सही समय
अपर जिला कृषि अधिकारी हरज्ञान सिंह का कहना है खरीफ सीजन में उड़द की बुवाई के लिए जुलाई के तीसरे सप्ताह से अगस्त के प्रथम सप्ताह तक बहुत अच्छा समय है। यह फसल तीन माह की है और बहुत कम खर्च पर अधिक उत्पादन देती है। उर्द की पंत यू-30, टाइप-9, पंत यू 39 व मेस 2479 प्रजाति है।
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दलहन का रकबा बढ़ाने के लिए किसानों को गोष्ठी, पाठशाला आदि के माध्यम से प्रेरित किया जाता है। जनपद में 2305 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उड़द की बुवाई कराई जाएगी - डॉ. अवधेश मिश्र, जिला कृषि अधिकारी
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बिजनौर। गन्ना बाउल क्षेत्र में दलहन का रकबा बढ़ाया जाएगा। कृषि विभाग जनपद में 2305 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उड़द की बुवाई कराएगा। साथ ही अरहर को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग किसानों को दलहन की खेती करने के लिए प्रेरित कर रहा है।
जंगली एवं बेसहारा पशुओं द्वारा दलहन फसल खाने की वजह से किसानों ने इनकी बुवाई कम कर दी थी। इस कारण जनपद में दलहन फसलों की बुवाई बहुत कम हो गई। कृषि विभाग दलहन की बुवाई को बढ़ावा दे रहा है। खरीफ की फसल में उड़द की बुवाई 2305 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कराई जाएगी। गत सीजन में उड़द की 1834 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। उससे पहले करीब 1500 हेक्टेयर ही था। विभाग की ओर से किसानों को उन्नत बीज की किट भी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर वितरित की जाती है। इसके साथ ही करीब सात हेक्टेयर में अरहर की बुवाई की जाएगी।
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उड़द की बुवाई का सही समय
अपर जिला कृषि अधिकारी हरज्ञान सिंह का कहना है खरीफ सीजन में उड़द की बुवाई के लिए जुलाई के तीसरे सप्ताह से अगस्त के प्रथम सप्ताह तक बहुत अच्छा समय है। यह फसल तीन माह की है और बहुत कम खर्च पर अधिक उत्पादन देती है। उर्द की पंत यू-30, टाइप-9, पंत यू 39 व मेस 2479 प्रजाति है।
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दलहन का रकबा बढ़ाने के लिए किसानों को गोष्ठी, पाठशाला आदि के माध्यम से प्रेरित किया जाता है। जनपद में 2305 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उड़द की बुवाई कराई जाएगी - डॉ. अवधेश मिश्र, जिला कृषि अधिकारी