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लोगों की जान जोखिम में डाल रहे झोलाछाप
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लोगों की जान जोखिम में डाल रहे अप्रशिक्षित चिकित्सक
बिजनौर। जिले भर में अप्रशिक्षित चिकित्सकों का जाल फैला है, ये मरीजों की सेहत से हर रोज खिलवाड़ कर रहे हैं। इनसे इलाज करने का खामियाजा कई बार मरीजों को अपनी जान देकर भी चुुकाना पड़ता है। जिले में स्वास्थ्य विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई भी करता है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विभाग केस तो लड़ता है, लेकिन इसका ध्यान नहीं रखा जाता है कि अप्रशिक्षित चिकित्सक कहीं उपचार कर रहा है या नहीं।
जिले की आबादी 42 लाख से अधिक है और इतनी आबादी के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक कम हैं। निजी चिकित्सकों का खर्च ज्यादा बैठ जाता है। ऐसे में बड़ी तादाद में जिलेवासी अप्रशिक्षित चिकित्सकों के पास इलाज कराने को मजबूर होते हैं। एक अनुमान के अनुसार जिले में तीन हजार से अधिक अप्रशिक्षित चिकित्सक हैं। चांदपुर में ऐसे ही एक दंपती ने अस्पताल खोल रखा था और वहां प्रसव कराया जा रहा था। कुछ दिन पहले वहां एक प्रसूता और उसके बच्चे की मौत हो गई थी। शनिवार को खारी में एक अप्रशिक्षित चिकित्सक से उपचार के दौरान महिला की उसके क्लीनिक पर ही मौत हो गई। विभाग की ओर से हर साल सैकड़ों अप्रशिक्षित चिकित्सकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है, लेकिन फिर भी उन पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है। विभाग की ओर से रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कई बार चिकित्सक नाम या जगह बदलकर फिर से काम पर लग जाते हैं। क्वैक्स के नोडल अधिकारी डॉ. एसके निगम के अनुसार सरकारी नियम के अनुसार अप्रशिक्षित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। लगातार एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं।
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बिजनौर। जिले भर में अप्रशिक्षित चिकित्सकों का जाल फैला है, ये मरीजों की सेहत से हर रोज खिलवाड़ कर रहे हैं। इनसे इलाज करने का खामियाजा कई बार मरीजों को अपनी जान देकर भी चुुकाना पड़ता है। जिले में स्वास्थ्य विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई भी करता है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विभाग केस तो लड़ता है, लेकिन इसका ध्यान नहीं रखा जाता है कि अप्रशिक्षित चिकित्सक कहीं उपचार कर रहा है या नहीं।
जिले की आबादी 42 लाख से अधिक है और इतनी आबादी के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक कम हैं। निजी चिकित्सकों का खर्च ज्यादा बैठ जाता है। ऐसे में बड़ी तादाद में जिलेवासी अप्रशिक्षित चिकित्सकों के पास इलाज कराने को मजबूर होते हैं। एक अनुमान के अनुसार जिले में तीन हजार से अधिक अप्रशिक्षित चिकित्सक हैं। चांदपुर में ऐसे ही एक दंपती ने अस्पताल खोल रखा था और वहां प्रसव कराया जा रहा था। कुछ दिन पहले वहां एक प्रसूता और उसके बच्चे की मौत हो गई थी। शनिवार को खारी में एक अप्रशिक्षित चिकित्सक से उपचार के दौरान महिला की उसके क्लीनिक पर ही मौत हो गई। विभाग की ओर से हर साल सैकड़ों अप्रशिक्षित चिकित्सकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है, लेकिन फिर भी उन पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है। विभाग की ओर से रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कई बार चिकित्सक नाम या जगह बदलकर फिर से काम पर लग जाते हैं। क्वैक्स के नोडल अधिकारी डॉ. एसके निगम के अनुसार सरकारी नियम के अनुसार अप्रशिक्षित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। लगातार एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं।
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