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एक माह में 418 कुपोषित बच्चों ने लिया जन्म
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Updated Mon, 23 May 2016 12:06 AM IST
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ट्रैक पर मिली मासूम बच्ची
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर जिले में सरकारी अस्पतालों में अप्रैल में 418 कुपोषित बच्चों ने जन्म लिया। सरकारी योजनाओं का पूरा असर नहीं हो पा रहा है। गर्भावस्था के दौरान नवजात के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावक गंभीर नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2016 में अस्पतालों में 3413 गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराया गया। जांच के दौरान पता चला है कि जन्म लेने वाले 3413 नवजात शिशुओं में से 418 शिशु कुपोषित मिले।
जन्म के समय स्वस्थ बच्चे का वजन कम से कम ढाई किलो होना चाहिए। इन 418 बच्चों का वजन जन्म के समय ढाई किलो से कम था। गर्भवती महिलाओं व गर्भस्थ शिशु की देखभाल के लिए शासन ने बाल विकास एवं पुष्टाहार के अंतर्गत कई कार्यक्रम संचालित कर रखे हैं। गर्भवती महिलाओं की जांच के साथ सत्तू वितरित किया जाता है। 418 बच्चे जन्म के समय कुपोषित मिले।
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सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल का कहना है कि अप्रैल में जन्म के समय 418 बच्चे कुपोषित मिले। गर्भावस्था के दौरान सही संतुलित भोजन न मिलने पर कमजोर हो जाती हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2016 में अस्पतालों में 3413 गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराया गया। जांच के दौरान पता चला है कि जन्म लेने वाले 3413 नवजात शिशुओं में से 418 शिशु कुपोषित मिले।
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जन्म के समय स्वस्थ बच्चे का वजन कम से कम ढाई किलो होना चाहिए। इन 418 बच्चों का वजन जन्म के समय ढाई किलो से कम था। गर्भवती महिलाओं व गर्भस्थ शिशु की देखभाल के लिए शासन ने बाल विकास एवं पुष्टाहार के अंतर्गत कई कार्यक्रम संचालित कर रखे हैं। गर्भवती महिलाओं की जांच के साथ सत्तू वितरित किया जाता है। 418 बच्चे जन्म के समय कुपोषित मिले।
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सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल का कहना है कि अप्रैल में जन्म के समय 418 बच्चे कुपोषित मिले। गर्भावस्था के दौरान सही संतुलित भोजन न मिलने पर कमजोर हो जाती हैं।