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चाचा की हत्या: थाने पहुंचकर बोला शानेरजा- गुस्सा आया और चाचा को मार दी गोली; जानें पूरा मामला
Fri, 24 Apr 2026 12:06 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Fri, 24 Apr 2026 12:06 AM IST
सार
Bijnor News: जिले के गांव दादू नंगला में जमीन के बंटवारे के विवाद में मेरठ में आबकारी विभाग में तैनात सिपाही शानेरजा ने अपने चाचा इशाक की हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद थाने जाकर सरेंडर कर दिया।
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इशाक की फाइल फोटो और हत्यारोपी शानेरजा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गुस्सा आया और मार दी गोली... यह शब्द थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण करने वाले चाचा के हत्यारोपी शानेरजा के हैं। बृहस्पतिवार शाम चार बजे उसने जमीन के विवाद में अपने चाचा इशाक की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्यारोपी को थाने में देख हर कोई सन्न रह गया।
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कोतवाली शहर के गांव दादू नंगला में जमीन के बंटवारे को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। बृहस्पतिवार को इस विवाद में भतीजे ने चाचा को गोली मार दी। घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी शानेरजा अकेला थाने पहुंच गया। उसने वहां बैठे कांस्टेबल से कहा कि उसने गुस्से में अपने चाचा को गोली मार दी। फिर क्या था, इतने सुनते ही थाने में मौजूद सभी लोग हक्के बक्के रह गए।
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शुरुआत में तो पुलिस को यकीन ही नहीं हुआ कि यही हत्यारोपी है। क्योंकि, बहुत कम मामलों में ही घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी आत्मसमर्पण करते हैं। थानाध्यक्ष रामप्रताप ने बताया कि घटना की सूचना तो मिल गई थी, लेकिन उम्मीद नहीं थी कि आरोपी आत्मसमर्पण कर देगा। इसके बाद उच्चाधिकारियों को घटना के बारे में बताया गया।
सुबह भी हुआ था झगड़ा
बृहस्पतिवार सुबह भी दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था। उस दौरान पड़ोसियों ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। लेकिन शाम होते-होते फिर से झगड़े ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद शानेरजा ने इशाक की हत्या कर दी। घटना के बाद से परिवार में मातम छाया हुआ है।
बृहस्पतिवार सुबह भी दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था। उस दौरान पड़ोसियों ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। लेकिन शाम होते-होते फिर से झगड़े ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद शानेरजा ने इशाक की हत्या कर दी। घटना के बाद से परिवार में मातम छाया हुआ है।
बंटवारे को लेकर चल रहा था विवाद
शानू ने बताया कि उसके पिता इशाक, बाबू, मुन्ने, शकील चार भाई थे। उनके एक ताऊ मुन्ने की शादी नहीं हुई थी और उनकी पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बाद उनकी जमीन का तीनों भाइयों में बराबर बंटवारा होना था लेकिन उस जमीन का शानेरजा के पिता बाबू और शकील ने आपस में बंटवारा कर लिया। उन्हें ताऊ मुन्ने की जमीन में से कोई हिस्सा नहीं दिया। इसको लेकर पहले भी विवाद हो चुका था।
शानू ने बताया कि उसके पिता इशाक, बाबू, मुन्ने, शकील चार भाई थे। उनके एक ताऊ मुन्ने की शादी नहीं हुई थी और उनकी पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बाद उनकी जमीन का तीनों भाइयों में बराबर बंटवारा होना था लेकिन उस जमीन का शानेरजा के पिता बाबू और शकील ने आपस में बंटवारा कर लिया। उन्हें ताऊ मुन्ने की जमीन में से कोई हिस्सा नहीं दिया। इसको लेकर पहले भी विवाद हो चुका था।