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दो बच्चों की मौत, कई चपेट में
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 23 Sep 2015 12:21 AM IST
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हल्दौर/अफजलगढ़। जिले में बुखार का कहर जारी है। बिजनौर सहित क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। हल्दौर और अफजलगढ़ में बुखार से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई इसकी चपेट में हैं। जिनका इलाज अलग-अलग सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में किया जा रहा है।
हल्दौर गांव के ईश्वर की आठ वर्षीय पुत्री रीता को 10 दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय डॉक्टरों के यहां इलाज कराने पर भी कोई सुधार नहीं हुआ। सोमवार शाम उसकी मौत हो गई। मृतका का भाई सागर और दादा जयवीर भी बुखार की चपेट में हैं।
इसके अलावा गांव में एक ही परिवार के संजीव, पायल, समीर रामवती समेत चंद्रपाल, राम अवतार, प्राची, सुमन आदि दो दर्जन लोग बुखार की चपेट में बताए गए हैं। जिससे लोगों में दहशत फैली हुई है। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मदनपाल सिंह का कहना है कि इस समय वायरल बुखार चल रहा है। सीएचसी में स्टाफ की कमी है। गांव में मेडिकल टीम भेज रहे हैं।
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उधर, अफजलगढ़ के गांव मच्छमार निवासी रईस ने बताया कि उसका नौ वर्षीय पुत्र शुऐब पांच दिन से बुखार से पीड़ित था। जिसका कई स्थानों पर उपचार कराया। मंगलवार को बच्चे ने काशीपुर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं गांव के नौशाद ने बताया कि सात वर्षीय भतीजी मुस्कान तीन दिन से बुखार से पीड़ित है।
बुखार के रोगियों की बढ़ती संख्या से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीण दीपक, असलम, जरीफ आदि का कहना है कि गांव के कई बच्चे और ग्रामीण बुखार से ग्रसित हैं। आरोप है कि बुखार के ग्रसित मरीजों को सरकारी अस्पतालों में उपचार नहीं मिल पा रहा है।
अस्पतालों में दवाइयों का टोटा है। ग्रामीणों ने सीएमओ से जांच कर अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता कराने की मांग की है। डा. रजनीश का कहना है कि जो मरीज अस्पताल में आ रहे हैं, उनका उपचार किया जा रहा है। बच्चे की मौत का मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
प्रतिदिन आ रहे 600 मरीज
सीएचसी में तीन फार्मेसिस्ट हैं। इनमें से अभय कुमार को गंज भेज दिया है। खूब सिंह को बिजनौर सीएमओ कार्यालय में बुला लिया गया है। अकेला फार्मेसस्टि सुधीर कुमार हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी के अनुसार रोजाना करीब 600 मरीज आ रहे हैं। अकेला फार्मेसिस्ट 24 घंटे ड्यूटी कर रहा है।
कीटनाशक का छिड़काव कराएं
कासमपुरगढ़ी। ग्रामीण मदन सिंह, शाहिद, करन सिंह ने कहा गांव में बुखार तेजी से फैला है। ग्रामीणों ने गांव में विभाग से कीटनाशक का छिड़काव कराने की मांग की है। उधर, प्रभारी चिकित्सक डॉ. रजनीश कुमार ने बताया बुखार आने पर लोगों को घबराना नहीं चाहिए। निकट के सरकारी अस्पताल में जाकर पहले रक्त स्लाइड बना कर खून की जांच कराएं। बाद में यदि मलेरिया पुष्ट होता है तो अपना उपचार कराएं।
एक और रोगी में मिले दिमागी बुखार के लक्षण
बिजनौर। एक और रोगी में दिमागी बुखार के लक्षण मिले हैं। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने जांच के लिए सीरम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। जिला अस्पताल में बुखार रोगियों की भरमार है।
नजीबाबाद के मोहल्ला लक्ष्मीनगर निवासी 75 वर्षीय गोपाल सिंह को तीन दिन पूर्व से बुखार से पीड़ित थे। उनका निजी चिकित्सक से उपचार चल रहा था। गोपाल के पौत्र सचिन ने बताया कि सोमवार शाम तेज बुखार के चलते अचानक चक्कर आए और बेहोश हो गए।
उन्होंने निजी चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने उन्हें हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें भर्ती कर लिया तथा उनका सीरम और ब्लड जांच के लिए भेज दिया। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने कहना है कि उनके ब्रेन मेें सूजन है। तेज बुखार से गर्दन में अकड़न और सिरदर्द की शिकायत है।
संभावित दिमागी बुखार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उनका ब्लड सीरम लेकर जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजभूषण का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
गांव बघाला में बुखार का प्रकोप
बिजनौर/नगीना। गांव बघाला सहित जिले में 24 डेंगू संभावित रोगी मिले हैं। विभाग ने सभी का सीरम लेकर जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। गांव बघाला में घर-घर में बुखार रोगी हैं। ग्रामीणों ने गांव में सफाई कर्मचारियों द्वारा सफाई न करने पर रोष व्यक्त किया है। टीम ने एडीओ के विरुद्ध डीएम का रिपोर्ट भेज दी है।
सोमवार को किरतपुर क्षेत्र के गांव चिड़ियापुर का रोगी उपचार के लिए किरतपुर सीएचसी पहुंचा। चिकित्सकों ने डेंगू की संभावना को देखते हुए जांच के लिए उसका सीरम ले लिया। वहीं नगीना क्षेत्र के गांव बघाला में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 500 मरीजों को उपचारित किया। इस दौरान टीम को गांव में ही 23 बुखार रोगियों में डेंगू के लक्षण मिले। टीम ने शिविर में ही सभी रोगियों का सीरम जांच के लिए ले लिया।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी का सीरम एकत्र कर जांच के लिए भेज दिया है। बुखार से गांव में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण अपने मरीजों को लेकर गांव से बाहर उपचार करा रहे हैं।
तहसीलदार परमानंद झा ने बताया कि डीएम द्वारा गठित की गई पांच सदस्यों की टीम ने गांव में निरीक्षण किया। सफाई व्यवस्था न मिलने पर टीम ने तीनों सफाई कर्मचारियों व गांव के एडीओ के खिलाफ सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है। बताया कि कोतवाली स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉ. योगेश, डॉ. अरशद जैदी, डॉ. ईश्वर के नेतृत्व में एक स्वास्थ्य टीम तैनात की गई है।
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हल्दौर गांव के ईश्वर की आठ वर्षीय पुत्री रीता को 10 दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय डॉक्टरों के यहां इलाज कराने पर भी कोई सुधार नहीं हुआ। सोमवार शाम उसकी मौत हो गई। मृतका का भाई सागर और दादा जयवीर भी बुखार की चपेट में हैं।
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इसके अलावा गांव में एक ही परिवार के संजीव, पायल, समीर रामवती समेत चंद्रपाल, राम अवतार, प्राची, सुमन आदि दो दर्जन लोग बुखार की चपेट में बताए गए हैं। जिससे लोगों में दहशत फैली हुई है। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मदनपाल सिंह का कहना है कि इस समय वायरल बुखार चल रहा है। सीएचसी में स्टाफ की कमी है। गांव में मेडिकल टीम भेज रहे हैं।
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उधर, अफजलगढ़ के गांव मच्छमार निवासी रईस ने बताया कि उसका नौ वर्षीय पुत्र शुऐब पांच दिन से बुखार से पीड़ित था। जिसका कई स्थानों पर उपचार कराया। मंगलवार को बच्चे ने काशीपुर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं गांव के नौशाद ने बताया कि सात वर्षीय भतीजी मुस्कान तीन दिन से बुखार से पीड़ित है।
बुखार के रोगियों की बढ़ती संख्या से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीण दीपक, असलम, जरीफ आदि का कहना है कि गांव के कई बच्चे और ग्रामीण बुखार से ग्रसित हैं। आरोप है कि बुखार के ग्रसित मरीजों को सरकारी अस्पतालों में उपचार नहीं मिल पा रहा है।
अस्पतालों में दवाइयों का टोटा है। ग्रामीणों ने सीएमओ से जांच कर अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता कराने की मांग की है। डा. रजनीश का कहना है कि जो मरीज अस्पताल में आ रहे हैं, उनका उपचार किया जा रहा है। बच्चे की मौत का मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
प्रतिदिन आ रहे 600 मरीज
सीएचसी में तीन फार्मेसिस्ट हैं। इनमें से अभय कुमार को गंज भेज दिया है। खूब सिंह को बिजनौर सीएमओ कार्यालय में बुला लिया गया है। अकेला फार्मेसस्टि सुधीर कुमार हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी के अनुसार रोजाना करीब 600 मरीज आ रहे हैं। अकेला फार्मेसिस्ट 24 घंटे ड्यूटी कर रहा है।
कीटनाशक का छिड़काव कराएं
कासमपुरगढ़ी। ग्रामीण मदन सिंह, शाहिद, करन सिंह ने कहा गांव में बुखार तेजी से फैला है। ग्रामीणों ने गांव में विभाग से कीटनाशक का छिड़काव कराने की मांग की है। उधर, प्रभारी चिकित्सक डॉ. रजनीश कुमार ने बताया बुखार आने पर लोगों को घबराना नहीं चाहिए। निकट के सरकारी अस्पताल में जाकर पहले रक्त स्लाइड बना कर खून की जांच कराएं। बाद में यदि मलेरिया पुष्ट होता है तो अपना उपचार कराएं।
एक और रोगी में मिले दिमागी बुखार के लक्षण
बिजनौर। एक और रोगी में दिमागी बुखार के लक्षण मिले हैं। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने जांच के लिए सीरम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। जिला अस्पताल में बुखार रोगियों की भरमार है।
नजीबाबाद के मोहल्ला लक्ष्मीनगर निवासी 75 वर्षीय गोपाल सिंह को तीन दिन पूर्व से बुखार से पीड़ित थे। उनका निजी चिकित्सक से उपचार चल रहा था। गोपाल के पौत्र सचिन ने बताया कि सोमवार शाम तेज बुखार के चलते अचानक चक्कर आए और बेहोश हो गए।
उन्होंने निजी चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने उन्हें हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें भर्ती कर लिया तथा उनका सीरम और ब्लड जांच के लिए भेज दिया। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने कहना है कि उनके ब्रेन मेें सूजन है। तेज बुखार से गर्दन में अकड़न और सिरदर्द की शिकायत है।
संभावित दिमागी बुखार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उनका ब्लड सीरम लेकर जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजभूषण का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
गांव बघाला में बुखार का प्रकोप
बिजनौर/नगीना। गांव बघाला सहित जिले में 24 डेंगू संभावित रोगी मिले हैं। विभाग ने सभी का सीरम लेकर जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। गांव बघाला में घर-घर में बुखार रोगी हैं। ग्रामीणों ने गांव में सफाई कर्मचारियों द्वारा सफाई न करने पर रोष व्यक्त किया है। टीम ने एडीओ के विरुद्ध डीएम का रिपोर्ट भेज दी है।
सोमवार को किरतपुर क्षेत्र के गांव चिड़ियापुर का रोगी उपचार के लिए किरतपुर सीएचसी पहुंचा। चिकित्सकों ने डेंगू की संभावना को देखते हुए जांच के लिए उसका सीरम ले लिया। वहीं नगीना क्षेत्र के गांव बघाला में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 500 मरीजों को उपचारित किया। इस दौरान टीम को गांव में ही 23 बुखार रोगियों में डेंगू के लक्षण मिले। टीम ने शिविर में ही सभी रोगियों का सीरम जांच के लिए ले लिया।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी का सीरम एकत्र कर जांच के लिए भेज दिया है। बुखार से गांव में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण अपने मरीजों को लेकर गांव से बाहर उपचार करा रहे हैं।
तहसीलदार परमानंद झा ने बताया कि डीएम द्वारा गठित की गई पांच सदस्यों की टीम ने गांव में निरीक्षण किया। सफाई व्यवस्था न मिलने पर टीम ने तीनों सफाई कर्मचारियों व गांव के एडीओ के खिलाफ सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है। बताया कि कोतवाली स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉ. योगेश, डॉ. अरशद जैदी, डॉ. ईश्वर के नेतृत्व में एक स्वास्थ्य टीम तैनात की गई है।