{"_id":"688bb8e7534589cb4605e307","slug":"trumps-tariff-may-cause-a-loss-of-rs-100-crore-to-bijnors-business-bijnor-news-c-27-1-bij1027-156291-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: ट्रंप के टैरिफ से बिजनौर के कारोबार को 100 करोड़ के झटके की संभावना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: ट्रंप के टैरिफ से बिजनौर के कारोबार को 100 करोड़ के झटके की संभावना
Fri, 01 Aug 2025 12:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 01 Aug 2025 12:11 AM IST
विज्ञापन
नगीना में एक फैक्टरी में लकड़ी के उत्पाद की पैकिंग करता कर्मचारी। संवाद
बिजनौर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों के निर्यात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है। इसका असर बिजनौर के कारोबार पर भी पड़ेगा। बिजनौर से अमेरिका में काष्ठकला सहित अन्य उत्पादों का करीब 262 करोड़ रुपये का निर्यात होता है। जिससे बिजनौर को टैरिफ की वजह से 100 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने की संभावना है।
बिजनौर से अलग-अलग देशों में काष्ठकला उत्पाद, कपड़े, खांडसारी शुगर, शहद, ब्रश, पेपर का निर्यात होता है। जिले के करीब 15 निर्यातक ऐसे हैं, जो सीधे अमेरिका सहित अन्य देशों के साथ कारोबार करते हैं। जबकि, बिजनौर के काफी उत्पादों का निर्यात मुरादाबाद, दिल्ली, मुंबई के निर्यातकों के माध्यम से होता है। ऐसे में अब 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होने से यहां के निर्यातकों, उद्यमियों, किसानों में बैचेनी है। उद्योग विभाग के अनुसार, टैरिफ बढ़ने से काष्ठकला पर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।
काष्ठकला के इन उत्पादों का होता है निर्यात
काष्ठकला में लकड़ी के बर्तन, लकड़ी का बॉक्स, लकड़ी ट्रे, छड़ी, घड़ी सहित अन्य उत्पाद तैयार कर अमेरिका सहित अन्य देशों में निर्यात होता है। नगीना के काष्ठकला उत्पादों की अमेरिका में काफी मांग है। जिस वजह से खपत भी अच्छी होती है।
विज्ञापन
उत्पाद महंगे होने से घटेगी खरीदारी
अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने से भारतीय उत्पाद वहां 25 प्रतिशत महंगे हो जाएंगे। अभी तक जो भारतीय उत्पाद अमेरिका में 100 रुपये में मिलता था। उसकी कीमत बढ़कर 125 रुपये हो जाएगी। उत्पाद महंगे हाेने से खरीदारी घटेगी। इससे उसकी मांग घटेगी, जिसका प्रभाव नगीना के निर्यातकों, उद्यमियों पर पड़ेगा।
टैरिफ को लेकर बोले निर्यातक
अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ से काष्ठकला, ब्रश, कपड़ा, पेपर, खांडसारी शुगर के निर्यात पर पड़ेगा। जिले से करीब 100 करोड़ रुपये निर्यात प्रभावित होने की संभावना है। यहां के निर्यातक, उद्यमियों के लिए यह बड़ा झटका है।
विकास अग्रवाल, डिविजनल चेरयमैन, आईआईए
नगीना से काष्ठकला में लकड़ी बर्तन, बॉक्स, ट्रे सहित अन्य उत्पादों का निर्यात होता है। सरकार को अब उद्यमियों, निर्यातकों को राहत देनी चाहिए। ताकि, इन विपरित परिस्थितियों में बिजनौर के उत्पाद बाजार में बने रहें।
जुल्फिकार आलम, निर्यातक
अमेरिका के टैरिफ का बिजनौर के कारोबार पर सीधा असर दिखाई देगा। काष्ठकला के कुल निर्यात का 50 प्रतिशत निर्यात अमेरिका के साथ होता है। अन्य उत्पादों की सीधे न जाकर दूसरे निर्यातकों के जरिए भेजे जाते हैं।
इरशाद अली, निर्यातक
जिले से काष्ठकला को लेकर अन्य उत्पादों का निर्यात 262 करोड़ रुपये है। अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने से यहां के काष्ठकला उद्योग सहित अन्य उत्पादों की मांग पर असर पड़ेगा।
अमित कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग, बिजनौर
विज्ञापन
बिजनौर से अलग-अलग देशों में काष्ठकला उत्पाद, कपड़े, खांडसारी शुगर, शहद, ब्रश, पेपर का निर्यात होता है। जिले के करीब 15 निर्यातक ऐसे हैं, जो सीधे अमेरिका सहित अन्य देशों के साथ कारोबार करते हैं। जबकि, बिजनौर के काफी उत्पादों का निर्यात मुरादाबाद, दिल्ली, मुंबई के निर्यातकों के माध्यम से होता है। ऐसे में अब 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होने से यहां के निर्यातकों, उद्यमियों, किसानों में बैचेनी है। उद्योग विभाग के अनुसार, टैरिफ बढ़ने से काष्ठकला पर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।
विज्ञापन
काष्ठकला के इन उत्पादों का होता है निर्यात
काष्ठकला में लकड़ी के बर्तन, लकड़ी का बॉक्स, लकड़ी ट्रे, छड़ी, घड़ी सहित अन्य उत्पाद तैयार कर अमेरिका सहित अन्य देशों में निर्यात होता है। नगीना के काष्ठकला उत्पादों की अमेरिका में काफी मांग है। जिस वजह से खपत भी अच्छी होती है।
विज्ञापन
उत्पाद महंगे होने से घटेगी खरीदारी
अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने से भारतीय उत्पाद वहां 25 प्रतिशत महंगे हो जाएंगे। अभी तक जो भारतीय उत्पाद अमेरिका में 100 रुपये में मिलता था। उसकी कीमत बढ़कर 125 रुपये हो जाएगी। उत्पाद महंगे हाेने से खरीदारी घटेगी। इससे उसकी मांग घटेगी, जिसका प्रभाव नगीना के निर्यातकों, उद्यमियों पर पड़ेगा।
टैरिफ को लेकर बोले निर्यातक
अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ से काष्ठकला, ब्रश, कपड़ा, पेपर, खांडसारी शुगर के निर्यात पर पड़ेगा। जिले से करीब 100 करोड़ रुपये निर्यात प्रभावित होने की संभावना है। यहां के निर्यातक, उद्यमियों के लिए यह बड़ा झटका है।
विकास अग्रवाल, डिविजनल चेरयमैन, आईआईए
नगीना से काष्ठकला में लकड़ी बर्तन, बॉक्स, ट्रे सहित अन्य उत्पादों का निर्यात होता है। सरकार को अब उद्यमियों, निर्यातकों को राहत देनी चाहिए। ताकि, इन विपरित परिस्थितियों में बिजनौर के उत्पाद बाजार में बने रहें।
जुल्फिकार आलम, निर्यातक
अमेरिका के टैरिफ का बिजनौर के कारोबार पर सीधा असर दिखाई देगा। काष्ठकला के कुल निर्यात का 50 प्रतिशत निर्यात अमेरिका के साथ होता है। अन्य उत्पादों की सीधे न जाकर दूसरे निर्यातकों के जरिए भेजे जाते हैं।
इरशाद अली, निर्यातक
जिले से काष्ठकला को लेकर अन्य उत्पादों का निर्यात 262 करोड़ रुपये है। अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने से यहां के काष्ठकला उद्योग सहित अन्य उत्पादों की मांग पर असर पड़ेगा।
अमित कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग, बिजनौर