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अभिवहन शुल्क हुआ दोगुना
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 06 Mar 2017 11:49 PM IST
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भागूवाला में वन संरक्षक मुरादाबाद ने उत्तराखंड की नदियों से खनन सामग्री लेकर गुजरने वाले खनन वाहनों से अभिवहन वसूली के लिए टीम गठित की है। वसूली टीम में मुरादाबाद और अमरोहा के वन कर्मियों को लगाया गया है।
वन विभाग की भागूवाला चेकपोस्ट पर मुरादाबाद और अमरोहा के वन कर्मियों द्वारा खनन वाहनों से अभिवहन शुल्क वसूली शुरू की गई है। चेकपोस्ट प्रभारी वीके यादव ने बताया कि उत्तराखंड की कोटावाली, रवासन आदि नदियों से रेत, बजरी और बोल्डर लेकर वाया नजीबाबाद कोटद्वार जाने वाले खनन वाहनों से भागूवाला चेकपोस्ट पर अभिवहन शुल्क वसूलने का अभियान शुरू किया गया है।
वन संरक्षक मुरादाबाद आरपी वर्मा ने मुरादाबाद और अमरोहा के वन कर्मियों की अभिवहन शुल्क वसूलने के लिए संयुक्त टीम का गठन किया गया है। दोनों जनपदों की टीमें चार-चार दिन भागूवाला चेकपोस्ट पर ड्यूटी देकर अभिवहन शुल्क वसूलेंगे। वन क्षेत्राधिकारी विजेंद्र मलिक ने अभिवहन शुल्क वसूली के उच्चाधिकारियों के दबाव के चलते अभिवहन शुल्क वसूली को बढ़ाने के लिए बाहरी टीम की मांग की थी। भागूवाला चेकपोस्ट पर वर्तमान में दर्जनों खनन वाहनों से औसतन लगभग 2 लाख रुपये खनिज संपदा पर अभिवहन शुल्क वसूला जा रहा है। जब कि एक सप्ताह पूर्व क्षेत्रीय वन कर्मी आधा अभिवहन शुल्क भी वसूल नहीं कर पा रहे थे।
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वन विभाग की भागूवाला चेकपोस्ट पर मुरादाबाद और अमरोहा के वन कर्मियों द्वारा खनन वाहनों से अभिवहन शुल्क वसूली शुरू की गई है। चेकपोस्ट प्रभारी वीके यादव ने बताया कि उत्तराखंड की कोटावाली, रवासन आदि नदियों से रेत, बजरी और बोल्डर लेकर वाया नजीबाबाद कोटद्वार जाने वाले खनन वाहनों से भागूवाला चेकपोस्ट पर अभिवहन शुल्क वसूलने का अभियान शुरू किया गया है।
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वन संरक्षक मुरादाबाद आरपी वर्मा ने मुरादाबाद और अमरोहा के वन कर्मियों की अभिवहन शुल्क वसूलने के लिए संयुक्त टीम का गठन किया गया है। दोनों जनपदों की टीमें चार-चार दिन भागूवाला चेकपोस्ट पर ड्यूटी देकर अभिवहन शुल्क वसूलेंगे। वन क्षेत्राधिकारी विजेंद्र मलिक ने अभिवहन शुल्क वसूली के उच्चाधिकारियों के दबाव के चलते अभिवहन शुल्क वसूली को बढ़ाने के लिए बाहरी टीम की मांग की थी। भागूवाला चेकपोस्ट पर वर्तमान में दर्जनों खनन वाहनों से औसतन लगभग 2 लाख रुपये खनिज संपदा पर अभिवहन शुल्क वसूला जा रहा है। जब कि एक सप्ताह पूर्व क्षेत्रीय वन कर्मी आधा अभिवहन शुल्क भी वसूल नहीं कर पा रहे थे।
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