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Bijnor News: कालागढ़ - मालकुंड में घायल मिले बाघ की उपचार के दौरान मौत
Thu, 27 Apr 2023 11:48 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 27 Apr 2023 11:48 PM IST
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ढेला के रेस्क्यू सेंटर में मृत बाघ के शव का पोस्टमार्टम करते चिकित्सक
- बाघ के शव को राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की नियमावली के अनुसार जला दिया गया
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के झरना के जंगलों में घायल मिले बाघ की उपचार के दौरान मौत हो गई। बाघ के शव को पोस्टमार्टम के बाद राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की नियमावली के अनुसार जला दिया गया।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उप खंड के अंतर्गत झरना के जंगलों में माल कुंड के निकट एक बाघ गश्ती दलों को घायल अवस्था में मिला था। पहले तो वन विभाग बाघ की निगरानी वन में ही करता रहा। 23 अप्रैल को उसे ढेला के रेस्क्यू सेंटर में ले जाया गया। बृहस्पतिवार को उपचार के दौरान बाघ की मौत हो गई। कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक डी नायक के अनुसार बाघ का स्वास्थ्य खराब हो गया था। उसके यकृत में खराबी आ गई थी। उसके पैर, सिर पर भी घाव थे। बाघ की उम्र लगभग पांच वर्ष थी।
बाघ के शव को पोस्टमार्टम कर राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की नियमावली के अनुसार जला दिया गया। शव का विसरा फॉरेंसिक जांच के लिए बरेली एवं डीएनए जांच के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून भेजा गया है। झरना के जंगलों में घायल बाघ का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया गया था। जिस पर कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक ने उस पर निगरानी बढ़ाने का दावा करते हुए हालत गंभीर होने पर रेस्क्यू सेंटर भेजने की बात कही थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के झरना के जंगलों में घायल मिले बाघ की उपचार के दौरान मौत हो गई। बाघ के शव को पोस्टमार्टम के बाद राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की नियमावली के अनुसार जला दिया गया।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उप खंड के अंतर्गत झरना के जंगलों में माल कुंड के निकट एक बाघ गश्ती दलों को घायल अवस्था में मिला था। पहले तो वन विभाग बाघ की निगरानी वन में ही करता रहा। 23 अप्रैल को उसे ढेला के रेस्क्यू सेंटर में ले जाया गया। बृहस्पतिवार को उपचार के दौरान बाघ की मौत हो गई। कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक डी नायक के अनुसार बाघ का स्वास्थ्य खराब हो गया था। उसके यकृत में खराबी आ गई थी। उसके पैर, सिर पर भी घाव थे। बाघ की उम्र लगभग पांच वर्ष थी।
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बाघ के शव को पोस्टमार्टम कर राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की नियमावली के अनुसार जला दिया गया। शव का विसरा फॉरेंसिक जांच के लिए बरेली एवं डीएनए जांच के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून भेजा गया है। झरना के जंगलों में घायल बाघ का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया गया था। जिस पर कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक ने उस पर निगरानी बढ़ाने का दावा करते हुए हालत गंभीर होने पर रेस्क्यू सेंटर भेजने की बात कही थी।
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