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Bijnor News: खो नदी का जलस्तर बढ़ने से हजारों हेक्टेयर फसलें जलमग्न
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शेरकोट के ग्राम भनोटी में खेतों में भरा पानी स्रोत ग्रामीण
धामपुर-शेरकोट। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश से खो नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी किनारे बसे गांवों में पानी खेतों में घुस गया है। इससे हजारों हेक्टेयर में धान, गन्ना और चारे की फसलें डूबकर बर्बाद हो गई हैं।
किसानों का आरोप है कि शासन और प्रशासन ने उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। मानसून की पहली बारिश में ही फसलें जलमग्न हो गईं। बिजनौर जिले के धामपुर में 34 मिमी बारिश से ही बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। करीब 18 से अधिक गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसलें डूब गई हैं। शनिवार को बारिश रुकने के बाद पानी कम होना शुरू हुआ है। हालांकि खेतों में दो से तीन फीट पानी भरा होने से किसानों को नुकसान की चिंता है।
आबादी तक पहुंच गया खो नदी का पानी
ग्राम चक मोहम्मद नगर, पूरनपुर और नंगला भज्जा में खो नदी का पानी आबादी तक पहुंच गया है। चित्रांशु, मनोज कुमार, महावीर सिंह और रूप किशोर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की देर शाम अचानक खेतों में पानी भर गया। इससे पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात में खो नदी फसलों को बर्बाद करती है। उन्होंने प्रशासन से स्थाई समाधान की मांग की है।
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भनोटी में फसलें खराब होने का खतरा
शेरकोट के ग्राम भनोटी में भी सैकड़ों बीघा भूमि जलमग्न है। गौरव सैनी, त्रिलोक और प्रमोद का कहना है कि लंबे समय तक पानी भरा रहने से फसलें नष्ट होने का खतरा है। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा। किसानों ने प्रदेश के सीएम से बिजनौर का दौरा कर स्थिति में सुधार कराने की मांग की है।
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किसानों का आरोप है कि शासन और प्रशासन ने उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। मानसून की पहली बारिश में ही फसलें जलमग्न हो गईं। बिजनौर जिले के धामपुर में 34 मिमी बारिश से ही बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। करीब 18 से अधिक गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसलें डूब गई हैं। शनिवार को बारिश रुकने के बाद पानी कम होना शुरू हुआ है। हालांकि खेतों में दो से तीन फीट पानी भरा होने से किसानों को नुकसान की चिंता है।
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आबादी तक पहुंच गया खो नदी का पानी
ग्राम चक मोहम्मद नगर, पूरनपुर और नंगला भज्जा में खो नदी का पानी आबादी तक पहुंच गया है। चित्रांशु, मनोज कुमार, महावीर सिंह और रूप किशोर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की देर शाम अचानक खेतों में पानी भर गया। इससे पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात में खो नदी फसलों को बर्बाद करती है। उन्होंने प्रशासन से स्थाई समाधान की मांग की है।
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भनोटी में फसलें खराब होने का खतरा
शेरकोट के ग्राम भनोटी में भी सैकड़ों बीघा भूमि जलमग्न है। गौरव सैनी, त्रिलोक और प्रमोद का कहना है कि लंबे समय तक पानी भरा रहने से फसलें नष्ट होने का खतरा है। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा। किसानों ने प्रदेश के सीएम से बिजनौर का दौरा कर स्थिति में सुधार कराने की मांग की है।

शेरकोट के ग्राम भनोटी में खेतों में भरा पानी स्रोत ग्रामीण