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जिला मनरेगा में रोजगार देने में मंडल में प्रथम
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बिजनौर के ग्राम अकबरपुर में मनरेगा मे गोशाला का किया जीर्णोद्धार।
- फोटो : BIJNOR
मनरेगा में पौने दो लाख श्रमिकों को मिला काम
बिजनौर। श्रमिकों को मनरेगा में रोजगार देने को लेकर जिला मंडल में प्रथम स्थान पर है। जिले में डेढ़ लाख से अधिक अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिला है। इनमें दस हजार से अधिक प्रवासी कामगार हैं। श्रमिकों ने चार सौ से अधिक गोशालाओं की सूरत बदली है।
शासन का मनरेगा में श्रमिकों को रोजगार देने पर जोर है। मनरेगा श्रमिकों ने जिले की गौशालाओं का जीर्णोद्धार कर दिया है। जानकारी के अनुसार सभी 11 ब्लॉक की सार्वजनिक गोशाला तथा 461 व्यक्तिगत गोशाला के टिन शेड डालकर समतलीकरण किया गया है। बताया 178 तालाब व 110 चारागाहों का निर्माण किया गया है ।
मनरेगा का कामकाज देख रहे उपायुक्त श्रम ज्ञान सिंह ने बताया कि मनरेगा में दो लाख 32494 श्रमिक पंजीकृत हैं। दो लाख 33752 जॉब कार्ड बने हैं। कुछ पुराने श्रमिक भी है। अब तक एक लाख 59488 अकुशल श्रमिकों को काम मिला है। जिले की 1128 ग्राम पंचायत में काम चल रहे हैं। शासन के लाकडाउन में दूसरे राज्यों से आए 17751 श्रमिकों को प्राथमिकता पर रोजगार देने के निर्देश हैं। जिले में 11112 प्रवासी कामगारों को काम मिला है । बताया गया कि जिला मनरेगा में श्रमिकों को रोजगार देने को लेकर मुरादाबाद मंडल में प्रथम है। मुरादाबाद दूसरे व संभल तीसरे स्थान पर है। इसके बाद क्रमश: रामपुर व अमरोहा है। 1 ,72,537 श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक होता है। सीडीओ केपी सिंह नियमित समीक्षा कर रहे हैं । कहा कि जाब कार्ड बनवाने के इच्छुक श्रमिक ब्लॉक या मनरेगा कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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बिजनौर। श्रमिकों को मनरेगा में रोजगार देने को लेकर जिला मंडल में प्रथम स्थान पर है। जिले में डेढ़ लाख से अधिक अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिला है। इनमें दस हजार से अधिक प्रवासी कामगार हैं। श्रमिकों ने चार सौ से अधिक गोशालाओं की सूरत बदली है।
शासन का मनरेगा में श्रमिकों को रोजगार देने पर जोर है। मनरेगा श्रमिकों ने जिले की गौशालाओं का जीर्णोद्धार कर दिया है। जानकारी के अनुसार सभी 11 ब्लॉक की सार्वजनिक गोशाला तथा 461 व्यक्तिगत गोशाला के टिन शेड डालकर समतलीकरण किया गया है। बताया 178 तालाब व 110 चारागाहों का निर्माण किया गया है ।
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मनरेगा का कामकाज देख रहे उपायुक्त श्रम ज्ञान सिंह ने बताया कि मनरेगा में दो लाख 32494 श्रमिक पंजीकृत हैं। दो लाख 33752 जॉब कार्ड बने हैं। कुछ पुराने श्रमिक भी है। अब तक एक लाख 59488 अकुशल श्रमिकों को काम मिला है। जिले की 1128 ग्राम पंचायत में काम चल रहे हैं। शासन के लाकडाउन में दूसरे राज्यों से आए 17751 श्रमिकों को प्राथमिकता पर रोजगार देने के निर्देश हैं। जिले में 11112 प्रवासी कामगारों को काम मिला है । बताया गया कि जिला मनरेगा में श्रमिकों को रोजगार देने को लेकर मुरादाबाद मंडल में प्रथम है। मुरादाबाद दूसरे व संभल तीसरे स्थान पर है। इसके बाद क्रमश: रामपुर व अमरोहा है। 1 ,72,537 श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक होता है। सीडीओ केपी सिंह नियमित समीक्षा कर रहे हैं । कहा कि जाब कार्ड बनवाने के इच्छुक श्रमिक ब्लॉक या मनरेगा कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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