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किताबें मिलीं नहीं और शुरू हो गईं परीक्षाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:07 AM IST
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बिजनौर में जिले में बच्चों को अभी तक भले ही किताबें नहीं मिली हों, लेकिन शासन ने परीक्षाएं पूरे कायदे से कराने का फरमान जारी कर दिया है। जिले के परिषदीय स्कूलों में मंगलवार से अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरू होंगी। प्रश्र प्रत्र प्रकाशित कराए गए हैं, जो कि सोमवार को स्कूलों में वितरित किए गए हैं।
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब ढाई लाख छात्र छात्राएं पढ़ते हैं। इन स्कूलों में बच्चों को अभी तक सभी विषयों की किताबें देखने को भी नसीब नहीं हुई हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की माने तो करीब 40 प्रतिशत पुस्तकें ही बच्चों तक इसी महीने में पहुंची हैं। शासन ने इन स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं को कान्वेंट स्कूलों के तर्ज पर कराने का फरमान जारी कर दिया है। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने परीक्षा 18 से 26 अक्तूबर तक कराने के आदेश दिए हैं। इसके लिए बीएसए महेश चंद्र ने प्रश्नपत्रों का प्रकाशन भी कराया है। सोमवार को प्रश्नपत्र स्कूलों में भेजे गए हैं। इसके लिए संकुल प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीएसए के मुताबिक कक्षा एक की परीक्षा मौखिक कराने को कहा गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। छह महीने बाद भी बच्चों तक किताबें नहीं पहुंचने के सवाल पर अधिकारी चुप्पी साधे हैं। शिक्षा विभाग की माने तो नवंबर में भी पुस्तकों की पूर्ति नहीं पाएगी। वहीं बीएसए ने शिक्षकों को परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार कराने को कहा है।
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परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब ढाई लाख छात्र छात्राएं पढ़ते हैं। इन स्कूलों में बच्चों को अभी तक सभी विषयों की किताबें देखने को भी नसीब नहीं हुई हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की माने तो करीब 40 प्रतिशत पुस्तकें ही बच्चों तक इसी महीने में पहुंची हैं। शासन ने इन स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं को कान्वेंट स्कूलों के तर्ज पर कराने का फरमान जारी कर दिया है। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने परीक्षा 18 से 26 अक्तूबर तक कराने के आदेश दिए हैं। इसके लिए बीएसए महेश चंद्र ने प्रश्नपत्रों का प्रकाशन भी कराया है। सोमवार को प्रश्नपत्र स्कूलों में भेजे गए हैं। इसके लिए संकुल प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीएसए के मुताबिक कक्षा एक की परीक्षा मौखिक कराने को कहा गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। छह महीने बाद भी बच्चों तक किताबें नहीं पहुंचने के सवाल पर अधिकारी चुप्पी साधे हैं। शिक्षा विभाग की माने तो नवंबर में भी पुस्तकों की पूर्ति नहीं पाएगी। वहीं बीएसए ने शिक्षकों को परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार कराने को कहा है।
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