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बाघों के मार्ग पर आने से मची अफरातफरी
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कालागढ़। केंद्रीय कालोनी में हनुमान मंदिर के पास दो बाघों के एक साथ आने पर मार्ग पर आनेजाने वालाें में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।
बृहस्पतिवार सुबह सात बजे हनुमान मंदिर के पास दो बाघ आ धमके। दोनों ही बाघ मार्ग के दोनों ओर की झाड़ियों में जाकर बैठ गए। नई कालोनी से पुराना कालागढ़, रामगंगा बांध क्षेत्र में जाने वाले व पुराना कालागढ़ की ओर से केंद्रीय कालोनी व नई कालोनी को जाने वाले राहगीरों को भारी समस्या आ गई। एक बाघ झाड़ी से निकलकर मार्ग पर आ जाता और फिर वापस झाड़ी में चला जाता। कुछ समय दूसरा बाघ यहीं करता। फिर झाड़ी में वापस चला जाता। दोनों बाघों के इस तरह के चहलकदमी देखे जाने से राहगीर सड़क के दोनों ओर काफी दूर रुक गए। वहीं वाहन सवार भी परेशान हो गए। काफी देर के बाद जब बाघों का दिखना बंद हुआ तो आवागमन शुरू हुआ। राहगीर सीमा चौहान, श्रेष्ठ सिंह, रामपाल सिंह, अजय कुमार आदि ने बताया कि इस मार्ग पर बाघ के आने से अब सुरक्षा का खतरा पैदा हो गया है। वहीं काफी देर तक भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची।
गश्ती दलों को किया गया सतर्क
कालागढ़ के रेंज अधिकारी आरके भट्ट ने बताया कि इन दिनों बाघ अपनी परिधि का निर्धारण कर रहे हैं। ऐसे में दो नर बाघ आपस में संघर्ष कर बैठते हैं, जो काफी खतरनाक होता है। इसके अलावा बाघों का प्रजनन काल भी है। ऐसे में यदि यहां कोई बाघ हिंसक हो गया तो आबादी के लिए खतरा हो सकता है। आरके भट्ट ने बताया कि ऐसे में जनता को भी वन विभाग का सहयोग करना चाहिए। बाघ आदि के दिखने पर वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। सूचना मिलते ही गश्ती दलों को सतर्क कर दिया गया है। मार्ग पर निगरानी शुरू कर दी गई है।
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बृहस्पतिवार सुबह सात बजे हनुमान मंदिर के पास दो बाघ आ धमके। दोनों ही बाघ मार्ग के दोनों ओर की झाड़ियों में जाकर बैठ गए। नई कालोनी से पुराना कालागढ़, रामगंगा बांध क्षेत्र में जाने वाले व पुराना कालागढ़ की ओर से केंद्रीय कालोनी व नई कालोनी को जाने वाले राहगीरों को भारी समस्या आ गई। एक बाघ झाड़ी से निकलकर मार्ग पर आ जाता और फिर वापस झाड़ी में चला जाता। कुछ समय दूसरा बाघ यहीं करता। फिर झाड़ी में वापस चला जाता। दोनों बाघों के इस तरह के चहलकदमी देखे जाने से राहगीर सड़क के दोनों ओर काफी दूर रुक गए। वहीं वाहन सवार भी परेशान हो गए। काफी देर के बाद जब बाघों का दिखना बंद हुआ तो आवागमन शुरू हुआ। राहगीर सीमा चौहान, श्रेष्ठ सिंह, रामपाल सिंह, अजय कुमार आदि ने बताया कि इस मार्ग पर बाघ के आने से अब सुरक्षा का खतरा पैदा हो गया है। वहीं काफी देर तक भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची।
गश्ती दलों को किया गया सतर्क
कालागढ़ के रेंज अधिकारी आरके भट्ट ने बताया कि इन दिनों बाघ अपनी परिधि का निर्धारण कर रहे हैं। ऐसे में दो नर बाघ आपस में संघर्ष कर बैठते हैं, जो काफी खतरनाक होता है। इसके अलावा बाघों का प्रजनन काल भी है। ऐसे में यदि यहां कोई बाघ हिंसक हो गया तो आबादी के लिए खतरा हो सकता है। आरके भट्ट ने बताया कि ऐसे में जनता को भी वन विभाग का सहयोग करना चाहिए। बाघ आदि के दिखने पर वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। सूचना मिलते ही गश्ती दलों को सतर्क कर दिया गया है। मार्ग पर निगरानी शुरू कर दी गई है।
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